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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, आईवान पावलव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित—(1) उद्दीपक सामान्यीकरण (Stimulus Generalization), (2) विभेदन (Discrimination), (3) विलोप (Extinction), और (4) स्वतः पुनःप्राप्ति (Spontaneous Recovery)—जैसी मूलभूत अनुबंधन प्रक्रियाओं के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के भावनात्मक सहचर्य, सकारात्मक/नकारात्मक आदतों के निर्माण, और भय या चिंता के निराकरण के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) के पाठ्यक्रम के अनुसार, आईवान पावलव का 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) बाल विकास और कक्षा-कक्षीय शिक्षण में बच्चों की भावनात्मक अनुक्रियाओं, आदतों के निर्माण और उनके संशोधन को समझने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस सिद्धांत की प्रमुख प्रक्रियाएं जैसे—(1) उद्दीपक सामान्यीकरण (Stimulus Generalization) बच्चों को समान परिस्थितियों में ज्ञान के स्थानांतरण में मदद करती है; (2) विलोप (Extinction) अवांछित व्यवहार या भय को दूर करने का वैज्ञानिक आधार प्रदान करता है; और (3) स्वतः पुनःप्राप्ति (Spontaneous Recovery) यह बताती है कि पूर्व में सीखी गई अनुक्रियाएं उपयुक्त संकेत मिलने पर पुनः जागृत हो सकती हैं। चूँकि ये सभी मनोवैज्ञानिक अवधारणाएं शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में प्रत्यक्ष रूप से लागू होती हैं, अतः विकल्प (d) सबसे सटीक, संपूर्ण और वैज्ञानिक रूप से मान्य उत्तर है।
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