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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के नैतिक विकास सिद्धांत के अंतर्गत प्रतिपादित 'पारंपरिक नैतिकता स्तर' (Conventional Morality Level) के दोनों चरणों—(1) अच्छा लड़का-अच्छी लड़की अभिविन्यास (Good Boy-Good Girl Orientation) तथा (2) कानून और व्यवस्था अभिविन्यास (Law and Order Orientation)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सामाजिक conformity, अधिकार सम्मान, और अंतःसमूह (In-group) संबंधों के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत में 'पारंपरिक नैतिकता स्तर' (लगभग 10 से 13 वर्ष की आयु) दूसरा प्रमुख स्तर है। इसके अंतर्गत दो चरण आते हैं: चरण 3 (अच्छा लड़का-अच्छी लड़की अभिविन्यास) जिसमें बालक अंतःवैयक्तिक संबंधों और दूसरों की स्वीकृति/प्रशंसा (Approval) को महत्व देता है, तथा चरण 4 (कानून और व्यवस्था अभिविन्यास) जिसमें सामाजिक व्यवस्था, कर्तव्य पालन, और कानूनों के प्रति सम्मान सर्वोपरि होता है। कक्षा-कक्षीय शिक्षण में इस स्तर के विद्यार्थियों को प्रबंधित करते समय शिक्षक को सकारात्मक सामाजिक व्यवहार, सामूहिक उत्तरदायित्व, और कक्षा के नियमों के तार्किक औचित्य को स्पष्ट करना चाहिए, क्योंकि छात्र इस अवस्था में सामाजिक मानकों और अधिकार के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होते हैं।
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