BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

MPTET
18 views

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी उपागम' (Humanistic Approach) तथा 'अनुभवात्मक अधिगम सिद्धांत' (Experiential Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'सार्थक/प्रासंगिक अधिगम' (Significant/Experiential Learning) की अवधारणा—जिसके तहत अधिगम व्यक्तिगत संलिप्तता, स्व-प्रारंभिक (Self-initiated), व्यापक प्रभाव और छात्र-केंद्रित मूल्यांकन पर आधारित होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के 'पूर्णतया कार्यशील व्यक्ति' (Fully Functioning Person) के विकास, आत्म-संकल्पना (Self-concept) के सुदृढ़ीकरण, तथा गैर-निर्देशात्मक शिक्षण (Non-directive Teaching) के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) का मानवतावादी उपागम और अनुभवात्मक अधिगम सिद्धांत इस बात पर बल देता है कि अधिगम तब सबसे अधिक सार्थक और प्रभावी होता है जब वह व्यक्तिगत रूप से जुड़ा हुआ हो, स्व-प्रारंभिक हो और विद्यार्थी संपूर्ण रूप से (संज्ञानात्मक एवं संवेगात्मक रूप से) उसमें संलिप्त हो। इस प्रक्रिया में शिक्षक का मुख्य दायित्व एक 'सुगमकर्ता' (Facilitator) की भूमिका निभाना है, न कि पारंपरिक ज्ञान थोपने वाले का। इसके लिए कक्षा में बिना शर्त सकारात्मक स्वीकृति (Unconditional Positive Regard), सहानुभूति (Empathy) और प्रामाणिकता (Authenticity) का होना आवश्यक है, जिससे विद्यार्थी 'पूर्णतया कार्यशील व्यक्ति' (Fully Functioning Person) के रूप में विकसित हो सके।
Share:

Related Questions

→ मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित व्यक्तित्व की संरचना के तीन प्रमुख घटकों—(1) इड (Id), (2) अहम् (Ego), और (3) पराहम् (Superego)—तथा उनके द्वारा संचालित रक्षा तंत्रों (Defense Mechanisms) जैसे कि दमन (Repression), प्रक्षेपण (Projection), और युक्तिकरण (Rationalization) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के भावनात्मक समायोजन, तनाव प्रबंधन, और नैतिक विकास के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? → मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित तीन प्रतिनिधित्व स्वरूपों—(1) क्रियात्मक प्रतिनिधित्व (Enactive Representation), (2) दृश्य-प्रतिबिम्बात्मक प्रतिनिधित्व (Iconic Representation), और (3) संकेतात्मक प्रतिनिधित्व (Symbolic Representation)—तथा 'खोजपूर्ण अधिगम' (Discovery Learning) और 'स्पाइरल पाठ्यक्रम' (Spiral Curriculum) की अवधारणा के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की संवादात्मक संरचनाओं, अमूर्त विचारों के भाषागत रूपांतरण और जटिल अवधारणाओं के क्रमिक पुनर्दर्शन के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? → मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंध' (Operant Conditioning) सिद्धांत के अंतर्गत 'पुनर्बलन अनुसूचियों' (Schedules of Reinforcement) में से 'परिवर्ती अंतराल अनुसूची' (Variable Interval Schedule) का अधिगमकर्ताओं के व्यवहार पर क्या सबसे प्रमुख और विशिष्ट मनोवैज्ञानिक प्रभाव पड़ता है? → मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत प्रतिपादित उत्तर-रूढ़िगत स्तर (Post-Conventional Level) के अंतिम चरण यानी 'सार्वभौमिक नैतिक अंतःकरण अभिविन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्वायत्त नैतिक तर्क (Autonomous Moral Reasoning), सामाजिक न्याय, और मानवीय अधिकारों के सिद्धांतों के आधार पर व्यक्तिगत अंतरात्मा के अनुपालन के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? → मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'अधिगम के सिद्धांत' (Theory of Instruction) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'सर्पिलाकार पाठ्यक्रम या स्पाइरल करिकुलम' (Spiral Curriculum)**—जिसे उस शैक्षिक डिज़ाइन के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत किसी विषय या जटिल संकल्पना को विद्यार्थियों के सामने उनकी विकासात्मक अवस्था के अनुसार बार-बार, अधिक गहन, व्यापक और अमूर्त स्तर पर पुनरावृत्ति के साथ प्रस्तुत किया जाता है, ताकि प्रत्येक चरण में पूर्व ज्ञान का विस्तार होकर नवीन और उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक संरचना का निर्माण हो सके—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सतत ज्ञानार्जन, स्कीमा के विकास और संकल्पनात्मक स्पष्टता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.