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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, रिचर्ड एम. रायन (Richard M. Ryan) और एडवर्ड एल. डेसी (Edward L. Deci) द्वारा प्रतिपादित 'आत्म-निर्णय सिद्धांत' (Self-Determination Theory - SDT) के अंतर्गत निहित तीन बुनियादी मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं—स्वायत्तता (Autonomy), सक्षमता (Competence), और संबंधितता (Relatedness)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की आंतरिक प्रेरणा (Intrinsic Motivation), संज्ञानात्मक सहभागिता, और मानसिक कल्याण के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) के अंतर्गत बाल विकास और प्रेरणा (Motivation) के मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से, रिचर्ड एम. रायन और एडवर्ड एल. डेसी का 'आत्म-निर्णय सिद्धांत' (SDT) यह स्पष्ट करता है कि मानव विकास और आंतरिक प्रेरणा तीन सार्वभौमिक बुनियादी मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं—स्वायत्तता (Autonomy: अपने कार्यों के नियंत्रण की भावना), सक्षमता (Competence: अपनी दक्षताओं को प्रभावी ढंग से उपयोग करने का विश्वास), और संबंधितता (Relatedness: दूसरों से जुड़ाव और अपनेपन की अनुभूति)—पर आधारित होती है। विकल्प (b) इन तीनों आवश्यकताओं के वैज्ञानिक एकीकरण और कक्षा-कक्षीय शिक्षण में उनके सकारात्मक प्रभावों को सटीक रूप से परिभाषित करता है।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जॉन फ्लेवेल (John Flavell) द्वारा प्रतिपादित और संज्ञानात्मक मनोविज्ञान के क्षेत्र में अत्यधिक महत्वपूर्ण संप्रत्यय—**'अधिज्ञान या अधिसंज्ञाज्ञान' (Metacognition)**—जिसे "ज्ञान के बारे में ज्ञान" या अपनी स्वयं की संज्ञानात्मक प्रक्रियाओं (जैसे- सोचना, सीखना, स्मरण करना और समझना) के बारे में जागरूकता, निगरानी (Monitoring) और स्व-विनियमन (Self-regulation) की उच्च-स्तरीय क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्वायत्त अधिगम (Autonomous Learning), समस्या-समाधान रणनीतियों के प्रभावी चयन और आलोचनात्मक चिंतन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लॉरेंस कोहलवर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-Conventional Morality) के दो स्तरों—(1) सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार (Social Contract and Individual Rights) तथा (2) सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत (Universal Ethical Principles)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अंतःप्रेरित विवेक, लोकतांत्रिक मूल्यों के सम्मान, और अन्यायपूर्ण सामाजिक कानूनों के विरुद्ध तार्किक प्रतिरोध (Civil Disobedience) के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'मानवतावादी मानवतावादी अभिप्रेरण सिद्धांत' (Theory of Human Motivation / Hierarchy of Needs) के अंतर्गत प्रतिपादित सर्वोच्च स्तर की आवश्यकता—**'आत्म-सिद्धि या आत्म-वास्तविकीकरण' (Self-Actualization)**—जिसके तहत व्यक्ति अपनीिक पूरी क्षमता, प्रतिभा, रचनात्मकता और व्यक्तिगत संभावनाओं को पहचान कर उन्हें चरम सीमा तक विकसित करने का प्रयास करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सृजनात्मक विकास, आंतरिक अभिप्रेरण (Intrinsic Motivation) और सर्वांगीण व्यक्तित्व निर्माण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of Moral Development) के 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-Conventional Level) के अंतर्गत आने वाले दूसरे चरण यानी 'विवेक और सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation - Stage 6) की सबसे अनूठी और मुख्य विशेषता निम्नलिखित में से कौन सी है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) के 'संबंधवाद' (Connectionism) या 'प्रयत्न एवं भूल सिद्धांत' (Trial and Error Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित मुख्य नियमों—(1) तत्परता का नियम (Law of Readiness), (2) अभ्यास का नियम (Law of Use and Disuse), और (3) प्रभाव का नियम (Law of Effect)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की अधिगम की गति, संतोष-असंतोष की अनुक्रियाओं, और तंत्रिकाकीय बंधों (Neural Bonds / Synaptic Connections) के समेकन के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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