त्वरित लिंक्स
MPTET
1 views
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अंतरा-वैयक्तिक बुद्धि' (Intrapersonal Intelligence) की अवधारणा—जिसके तहत व्यक्ति में अपनी स्वयं की भावनाओं, प्रेरणाओं, आंतरिक इच्छाओं, सीमाओं, शक्तियों और कमजोरियों को गहराई से समझने, उनका सटीक आकलन करने तथा उसी आधार पर अपने व्यवहार और जीवन को स्व-विनियमित (Self-Regulated) करने की उच्च क्षमता पाई जाती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आत्म-प्रबंधन, स्व-चिंतन (Reflective Thinking) और स्वायत्त अधिगम के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
हॉवर्ड गार्डनर के बहु-बुद्धि सिद्धांत के अनुसार, 'अंतरा-वैयक्तिक बुद्धि' (Intrapersonal Intelligence) व्यक्ति की उस आंतरिक क्षमता को दर्शाती है जिसके द्वारा वह अपने स्वयं के भीतर झांक सकता है, अपनी भावनाओं, प्रेरणाओं, शक्तियों और कमजोरियों को पहचान सकता है। कक्षा-कक्षीय शिक्षण में यह बुद्धि विद्यार्थियों को आत्म-विनियमित अधिगम (Self-Regulated Learning), स्व-मूल्यांकन (Self-Assessment), मेटाकॉग्निशन और प्रभावी संवेगात्मक प्रबंधन में सक्षम बनाती है, जिससे वे अपने शैक्षणिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए स्वतंत्र रूप से रणनीतियाँ तैयार करते हैं।
Related Questions
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जॉन डीवी (John Dewey) के 'प्रगतिशील शिक्षा' (Progressive Education) और 'करके सीखना' (Learning by Doing) के सिद्धांत के अंतर्गत प्रतिपादित **'चिंतनात्मक चिंतन या विचारशील चिंतन' (Reflective Thinking)** की अवधारणा—जिसके तहत शिक्षार्थी किसी समस्या के समाधान के लिए केवल रटने या पारंपरिक तरीकों पर निर्भर रहने के बजाय सक्रिय रूप से अपने अनुभवों का विश्लेषण करते हैं, परिकल्पनाएं बनाते हैं और वैज्ञानिक पद्धति से निष्कर्ष निकालते हैं—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आलोचनात्मक चिंतन (Critical Thinking), समस्या-समाधान और अनुभवात्मक ज्ञान के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'रक्षा तंत्र' या 'रक्षा युक्ति' (Defense Mechanism) के रूप में 'युक्तिकरण' या 'तर्कसंगतीकरण' (Rationalization) की अवधारणा—जिसके तहत व्यक्ति अपनी असफलताओं, अस्वीकार्य व्यवहार या कमियों को छुपाने के लिए तार्किक, बौद्धिक रूप से स्वीकार्य और झूठे बहाने या कारण गढ़ लेता है ताकि उसके अहंकार (Ego) को ठेस न पहुँचे और उसकी आत्म-छवि सुरक्षित रहे—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, समायोजन और रक्षात्मक व्यवहार के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, रॉबर्ट गैग्ने (Robert Gagné) के 'अधिगम के पदानुक्रम सिद्धांत' (Conditions of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित सर्वोच्च स्तर के अधिगम यानी **'समस्या-समाधान अधिगम' (Problem Solving Learning)** की अवधारणा—जिसके तहत शिक्षार्थी अपने पूर्व-अर्जित नियमों, सिद्धांतों और कौशलों का उपयोग करके किसी नवीन, जटिल और अनसुलझी समस्या के समाधान के लिए आंतरिक वैचारिक नियमों या बौद्धिक रणनीतियों का निर्माण करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक प्रसंस्करण, तार्किक संश्लेषण और स्वतंत्र बौद्धिक निष्पादन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लॉरेंस कोहलवर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-Conventional Level) के दोनों चरणों—(1) सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार (Social Contract and Individual Rights) तथा (2) सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत (Universal Ethical Principles)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्वायत्त नैतिक तर्क (Autonomous Moral Reasoning), न्याय, मानवाधिकारों के प्रति सम्मान और आंतरिक विवेक (Conscience) के वैज्ञानिक विकास के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) की अवधारणा—जिसके तहत बच्चा किसी वस्तु, घटना या समस्या के केवल एक ही आयाम (जैसे केवल लंबाई या केवल चौड़ाई) पर केंद्रित रहने (Centration) की मानसिक सीमा से ऊपर उठकर एक साथ कई आयामों या दृष्टिकोणों पर ध्यान केंद्रित करने और उनके बीच तार्किक संबंध स्थापित करने की क्षमता हासिल कर लेता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के बहु-आयामी चिंतन, संरक्षण (Conservation) की समझ और तार्किक संक्रियाओं के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.