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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित 'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalistic Intelligence) की अवधारणा—जिसके तहत व्यक्ति में पौधों, जानवरों, मौसम के पैटर्न और प्राकृतिक पर्यावरण के विभिन्न घटकों के बीच सूक्ष्म अंतर करने, उन्हें वर्गीकृत करने तथा प्रकृति के साथ तादात्म्य स्थापित करने की उच्च-स्तरीय क्षमता पाई जाती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुभवात्मक अन्वेषण, पर्यावरणीय संवेदनशीलता और पारिस्थितिकीय ज्ञान के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
हॉवर्ड गार्डनर के बहु-बुद्धि सिद्धांत के अनुसार 'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalistic Intelligence) वह क्षमता है जिसके माध्यम से व्यक्ति प्रकृति, जीवों, वनस्पतियों और पर्यावरण के विभिन्न स्वरूपों के बीच सूक्ष्म भेद करने तथा उन्हें सटीकता से वर्गीकृत करने में सक्षम होता है। कक्षा-कक्षीय शिक्षण में इस बुद्धि से युक्त विद्यार्थी क्षेत्र-भ्रमण, जीवंत प्रयोगों, पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों और अनुभवात्मक अन्वेषण द्वारा अपने संज्ञानात्मक और व्यावहारिक कौशल का प्रभावी विकास करते हैं।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, 'डेविड कोल्ब' (David Kolb) द्वारा प्रतिपादित 'प्रयोगात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle) के सिद्धांत के अनुसार, जब कोई अधिगमकर्ता (Learner) किसी नए अनुभव से गुजरने के बाद उसका गहन विश्लेषण करता है, उससे निष्कर्ष या सामान्यीकरण (Generalization) निकालता है, और अंत में उसे अपने व्यावहारिक जीवन में परीक्षण (Testing in new situations) करता है, तो इस चक्र के चार चरणों का सही क्रम निम्नलिखित में से कौन सा होगा?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'संरक्षण' (Conservation) की अवधारणा—जिसके तहत बच्चा यह मानसिक रूप से समझने में सक्षम हो जाता है कि किसी वस्तु के भौतिक रूप, रंग या विन्यास (Appearance) में परिवर्तन होने पर भी उसकी मात्रा, आयतन, द्रव्यमान या संख्या अपरिवर्तित रहती है (उदाहरणार्थ, एक ही मात्रा के पानी को लंबे और चौड़े बर्तन में अलग-अलग डालने पर पानी की मात्रा समान रहना)—जो कि मुख्य रूप से संज्ञानात्मक विकास की किस अवस्था (Stage) की एक प्रमुख तार्किक विशेषता है और इसके कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के तार्किक संचालन के संबंध में कौन सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित व्यक्तित्व की संरचना के तीन प्रमुख घटकों—(1) इड (Id), (2) अहम् (Ego), और (3) पराअहम् (Superego)—तथा 'रक्षा तंत्रों' (Defense Mechanisms—जैसे दमन, प्रक्षेपण, युक्तिकरण आदि) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के तनाव प्रबंधन, नैतिक विकास, और वास्तविकता के सिद्धांत (Reality Principle) पर आधारित संवेगात्मक समायोजन के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'मानवतावादी मानवतावादी अभिप्रेरण सिद्धांत' (Theory of Human Motivation / Hierarchy of Needs) के अंतर्गत प्रतिपादित सर्वोच्च स्तर की आवश्यकता—**'आत्म-सिद्धि या आत्म-वास्तविकीकरण' (Self-Actualization)**—जिसके तहत व्यक्ति अपनीिक पूरी क्षमता, प्रतिभा, रचनात्मकता और व्यक्तिगत संभावनाओं को पहचान कर उन्हें चरम सीमा तक विकसित करने का प्रयास करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सृजनात्मक विकास, आंतरिक अभिप्रेरण (Intrinsic Motivation) और सर्वांगीण व्यक्तित्व निर्माण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, एडवर्ड टॉलमैन (Edward Tolman) के 'चिह्न अधिगम सिद्धांत' (Sign Learning Theory / Purposive Behaviorism) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय मनोवैज्ञानिक अवधारणा—**'संज्ञानात्मक मानचित्र' (Cognitive Map)**—जिसे किसी प्राणी द्वारा अपने पर्यावरण या भौतिक परिवेश (जैसे भूलभुलैया या कक्षा-कक्ष) के स्थानिक लेआउट, मार्गों, लक्ष्यों और वैकल्पिक रास्तों का एक मानसिक प्रतिनिधित्व या आंतरिक ब्लूप्रिंट बनाने की क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है, जहाँ अधिगम केवल यांत्रिक उत्तेزक-अनुक्रिया (S-R) बंधों के कारण नहीं बल्कि उद्देश्यपूर्ण और मानसिक संगठन के माध्यम से होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्थानिक संज्ञान, लचीले समस्या-समाधान और सार्थक संज्ञानात्मक विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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