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Indian Polity
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संविधान का कौन सा अनुच्छेद 'समान न्याय और निःशुल्क विधिक सहायता' का प्रावधान करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
अनुच्छेद 39A (42वें संशोधन द्वारा जोड़ा गया) गरीब नागरिकों को निःशुल्क कानूनी सहायता देने का निर्देश देता है।
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संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 316 के अनुसार संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, जबकि राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा की जाती है, तथा आयोग के सदस्यों के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि संघ या किसी राज्य के अधीन कम से कम दस वर्ष तक सरकारी सेवा का अनुभव होना चाहिए।
2. अनुच्छेद 317 के प्रावधानों के तहत संघ लोक सेवा आयोग या किसी राज्य लोक सेवा आयोग के किसी भी सदस्य को उसके पद से केवल राष्ट्रपति के आदेश द्वारा ही हटाया जा सकता है, भले ही उसकी नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की गई हो, और राष्ट्रपति ऐसा तब कर सकता है जब उच्चतम न्यायालय द्वारा (अनुच्छेद 145 के अधीन विहित प्रक्रिया के अनुसार) अन्वेषण किए जाने पर उसे कदाचार का दोषी पाया जाए।
3. अनुच्छेद 319 के अनुसार संघ लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष अपने पद पर समाप्त होने के पश्चात् भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन किसी भी अन्य रोजगार का पात्र नहीं होता है, किंतु राज्य लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष अपनी पदावधि की समाप्ति पर संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या सदस्य के रूप में अथवा किसी अन्य राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति का पात्र होता है, लेकिन किसी अन्य सरकारी नियोजन का नहीं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) की स्वतंत्रता, अधिकार क्षेत्र और संविधान की व्याख्या करने की शक्ति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 141 के अनुसार उच्चतम न्यायालय द्वारा घोषित किया गया विधि भारत के राज्यक्षेत्र के भीतर सभी न्यायालयों पर आबद्धकर (Binding) होता है, किंतु स्वयं उच्चतम न्यायालय अपने पूर्ववर्ती निर्णयों या आदेशों से कानूनी रूप से पूरी तरह बंधा हुआ होता है और वह अपने किसी भी पुराने निर्णय को पलटने या उसमें संशोधन करने की शक्ति नहीं रखता है।
2. संविधान के अनुच्छेद 145 के अंतर्गत उच्चतम न्यायालय को भारत के राष्ट्रपति के अनुमोदन से न्यायालय की पद्धति और प्रक्रिया को विनियमित करने के लिए नियम बनाने की शक्ति प्राप्त है, बशर्ते कि संविधान के किसी उपबंध के अधीन संसद द्वारा बनाई गई कोई विधि इसके प्रतिकूल न हो।
3. उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों के आचरण की संसद में चर्चा पर संविधान के अनुच्छेद 121 के तहत पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है, सिवाय उस स्थिति के जब न्यायाधीश को हटाने के लिए महाभियोग (Impeachment) प्रस्ताव पर संसद में विचार किया जा रहा हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारत के निर्वाचन आयोग और चुनाव सुधारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 324 के अंतर्गत निर्वाचन आयोग में एक मुख्य निर्वाचन आयुक्त और उतने ही अन्य निर्वाचन आयुक्त होते हैं, जितने राष्ट्रपति समय-समय पर निर्धारित करता है, तथा वर्ष 1993 के पश्चात से यह एक बहु-सदस्यीय निकाय बन गया है जिसमें किसी भी निर्णय के मतभेद की स्थिति में बहुमत के आधार पर निर्णय लिया जाता है, न कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त की वीटो शक्ति से।
2. लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 33 के अनुसार कोई भी व्यक्ति लोकसभा या विधानसभा चुनाव में अधिकतम तीन निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ सकता है, जिसे बाद में संशोधित करके अधिकतम दो निर्वाचन क्षेत्र कर दिया गया था।
3. निर्वाचन आयुक्तों की सेवा शर्तें और पदावधि राष्ट्रपति द्वारा निर्धारित की जाती है, और मुख्य निर्वाचन आयुक्त को उसके पद से उसी रीति से और उन्हीं आधारों से हटाया जा सकता है जिस रीति से उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है, जबकि अन्य निर्वाचन आयुक्तों को मुख्य निर्वाचन आयुक्त की संस्तुति के बिना किसी भी स्थिति में उनके पद से नहीं हटाया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और राज्य लोक सेवा आयोगों (SPSC) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 316 के अनुसार संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, जबकि राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा की जाती है, किंतु इन सभी को उनके पद से हटाने का अधिकार केवल और केवल भारत के राष्ट्रपति को ही प्राप्त है, राज्यपाल को नहीं।
2. संविधान के अनुच्छेद 317 के अंतर्गत लोक सेवा आयोग के किसी भी सदस्य या अध्यक्ष को उसके पद से 'कदाचार' (Misbehavior) के आधार पर तब तक नहीं हटाया जा सकता जब तक कि उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) द्वारा राष्ट्रपति द्वारा निर्देशित जाँच के बाद ऐसी हटाने की संस्तुति न कर दी जाए, और उच्चतम न्यायालय की यह जाँच रिपोर्ट राष्ट्रपति के लिए पूर्णतः बाध्यकारी होती है।
3. संघ लोक सेवा आयोग या किसी राज्य लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष अपने कार्यकाल की समाप्ति के पश्चात भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन किसी भी अन्य नियोजन (Employment) के पात्र नहीं होते हैं, सिवाय इसके कि वे संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या सदस्य के रूप में अथवा किसी राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष के रूप में आगे नियुक्ति प्राप्त कर सकें।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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राज्य की कार्यपालिका के संदर्भ में राज्यपाल की शक्तियों, अध्यादेश निर्माण तथा मुख्यमंत्री एवं मंत्रिपरिषद से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 213 के अंतर्गत राज्यपाल को राज्य विधानमंडल के विश्रान्ति काल में अध्यादेश प्रख्यापित करने की शक्ति प्राप्त है, और इस शक्ति का प्रयोग राज्यपाल अपनी स्वेच्छा से या मंत्रिपरिषद की सलाह के बिना कर सकता है, बशर्ते कि समवर्ती सूची से संबंधित कुछ विशिष्ट विषयों पर अध्यादेश प्रख्यापित करने के लिए राष्ट्रपति का पूर्व अनुमोदन अनिवार्य होता है।
2. अनुच्छेद 164 के उपबंधों के अनुसार मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा मुख्यमंत्री की सलाह पर की जाती है, तथा 91वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया है कि मुख्यमंत्री सहित मंत्रिपरिषद के सदस्यों की कुल संख्या संबंधित राज्य की विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी, जबकि इसकी कोई न्यूनतम सीमा निर्धारित नहीं की गई है।
3. अनुच्छेद 167 के अनुसार राज्य के प्रशासन से संबंधित और विधानविषयक प्रस्तावों से संबंधित मंत्रिपरिषद के सभी विनिश्चय राज्यपाल को संसूचित करना मुख्यमंत्री का संवैधानिक कर्तव्य है, तथा राज्यपाल के यह पूछने पर ऐसी सूचना प्रदान करना भी अनिवार्य है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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