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Indian Polity
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भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद 'सर्वोच्च न्यायालय को अपने ही निर्णयों का पुनरावलोकन' करने की शक्ति देता है?

Detailed Explanation

अनुच्छेद 137 सर्वोच्च न्यायालय को अपने द्वारा दिए गए किसी भी निर्णय या आदेश का पुनरावलोकन करने की शक्ति देता है।
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भारतीय संविधान के 74वें संशोधन अधिनियम, 1992 और शहरी स्थानीय शासन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 243-Q के तहत प्रत्येक राज्य में शहरी क्षेत्रों के लिए तीन प्रकार की नगरपालिकाओं—संक्रमणकालीन क्षेत्र के लिए नगर पंचायत, छोटे नगरीय क्षेत्र के लिए नगरपालिका परिषद और बड़े नगरीय क्षेत्र के लिए नगर निगम—का गठन किया जाना अनिवार्य है, किंतु यदि किसी राज्यपाल द्वारा किसी शहरी क्षेत्र को औद्योगिक नगरी (Industrial Township) घोषित कर दिया जाता है, तो उस विशिष्ट क्षेत्र में नगरपालिका का गठन करना अनिवार्य नहीं है। 2. अनुच्छेद 243-W के अधीन राज्य का विधानमंडल, विधि द्वारा नगरपालिकाओं को ऐसी शक्तियां और प्राधिकार प्रदान कर सकता है जो उन्हें आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय के लिए योजनाओं को तैयार करने तथा बारहवीं अनुसूची में सूचीबद्ध 18 विषयों के क्रियान्वयन के संबंध में उत्तरदायी बनाने के लिए आवश्यक हों, और यह शक्ति राज्य विधानमंडल के विवेक पर निर्भर करती है, पूर्णतः बाध्यकारी नहीं है। 3. अनुच्छेद 243-S के अनुसार नगरपालिकाओं के वार्ड समितियों (Wards Committees) के गठन का प्रावधान उन नगरपालिकाओं के लिए अनिवार्य है जिनकी कुल जनसंख्या तीस लाख या उससे अधिक है, और इस समिति का मुख्य कार्य स्थानीय स्तर पर जनभागीदारी और वार्ड स्तर के विकास कार्यों का निष्पादन सुनिश्चित करना है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के अंतर्गत उपराष्ट्रपति की शक्तियों, प्रधानमंत्री के कर्तव्यों तथा मंत्रिपरिषद की सामूहिक उत्तरदायित्व और व्यक्तिगत जिम्मेदारी से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 69 के अनुसार उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति के रूप में कार्य करते समय या उसके कृत्यों का निर्वहन करते समय राज्य सभा के सभापति के कर्तव्यों का पालन नहीं करेगा और न ही वह उस अवधि के दौरान राज्य सभा के सभापति को मिलने वाले वेतन या भत्ते का हकदार होगा। 2. संविधान के अनुच्छेद 75(2) के प्रावधान के अनुसार मंत्री राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करते हैं, जिसका अर्थ है कि प्रधानमंत्री की व्यक्तिगत सलाह के बिना भी राष्ट्रपति किसी भी मंत्री को मंत्रिपरिषद से बर्खास्त कर सकता है, क्योंकि यह राष्ट्रपति का एक विवेकशील (Discretionary) संवैधानिक अधिकार है। 3. संविधान के अनुच्छेद 78 के अंतर्गत प्रधानमंत्री का यह दायित्व है कि यदि राष्ट्रपति किसी विषय पर मंत्रिपरिषद के विचार के लिए संसूचित करने की अपेक्षा करे, तो प्रधानमंत्री उसे उस विषय को मंत्रिपरिषद के समक्ष रखने के लिए बाध्य है, हालांकि यदि मंत्रिपरिषद उस पर कोई निर्णय न ले, तब भी प्रधानमंत्री अपनी इच्छा से राष्ट्रपति को निर्णय दे सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के अंतर्गत राजभाषा के प्रावधानों, अनुसूचियों और राजनीतिक दलों की कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के भाग XVII के अनुच्छेद 348 के अनुसार उच्चतम न्यायालय और प्रत्येक उच्च न्यायालय में सभी कार्रवाइयाँ अंग्रेजी भाषा में होंगी, जब तक कि संसद विधि द्वारा अन्य प्रावधान न करे, और किसी राज्य का राज्यपाल, राष्ट्रपति की पूर्व सहमति से, राज्य के उच्च न्यायालय की कार्रवाइयों में हिंदी भाषा या राज्य के शासकीय प्रयोजनों के लिए प्रयुक्त किसी अन्य भाषा के प्रयोग को प्राधिकृत कर सकता है। 2. संविधान की आठवीं अनुसूची में मूल रूप से 14 भाषाएँ थीं, जिन्हें बाद में विभिन्न संशोधनों के माध्यम से जोड़ा गया; जैसे कि सिंधी भाषा को 21वें संविधान संशोधन द्वारा, कोंकणी, मणिपुरी और नेपाली को 71वें संशोधन द्वारा, तथा बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली को 92वें संविधान संशोधन द्वारा शामिल किया गया, जिससे वर्तमान में इस अनुसूची में कुल 22 भाषाएँ हैं। 3. जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के तहत निर्वाचन आयोग द्वारा राजनीतिक दलों का पंजीकरण किया जाता है, किंतु निर्वाचन आयोग के पास किसी राजनीतिक दल को दिए गए पंजीकरण या उसकी मान्यता को वापस लेने या रद्द करने की कोई संविधित (statutory) शक्ति प्राप्त नहीं है, और इसके लिए केवल सिविल न्यायालय में वाद दायर किया जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? राष्ट्रपति का त्यागपत्र? संविधान सभा की अंतिम बैठक कब हुई?
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