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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित **'अंतर-वैयक्तिक बुद्धि' (Interpersonal Intelligence)**—जिसके तहत व्यक्ति में अन्य लोगों की मनोदशाओं, स्वभाव, प्रवृत्तियों, प्रेरणाओं और भावनाओं को सटीक रूप से समझने, उनका विश्लेषण करने और उनके साथ प्रभावी ढंग से संवाद व संबंध स्थापित करने की उच्च क्षमता होती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सामाजिक कौशल, सहयोगात्मक अधिगम और समूहगत नेतृत्व के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

हॉवर्ड गार्डनर के बहु-बुद्धि सिद्धांत के अनुसार, 'अंतर-वैयक्तिक बुद्धि' (Interpersonal Intelligence) वह क्षमता है जिसके द्वारा व्यक्ति अन्य लोगों की मनोदशाओं, भावनाओं, प्रेरणाओं और इरादों को समझता है और तदनुसार उनके साथ प्रभावशाली संबंध स्थापित करता है। कक्षा-कक्षीय शिक्षण में इस बुद्धि से युक्त विद्यार्थी सहयोगात्मक अधिगम (Collaborative Learning), समूह चर्चा, नेतृत्व और सामाजिक समायोजन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं। विकल्प (b) इस अवधारणा के मनोवैज्ञानिक और शैक्षणिक निहितार्थों का सबसे सटीक वर्णन करता है।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, एरिक्सन (Erik Erikson) के 'मनोसामाजिक विकास के सिद्धांत' (Psychosocial Development Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'पहचान बनाम भूमिका भ्रम' (Identity vs. Role Confusion) अवस्था के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं किशोरावस्था (Adolescence) के दौरान विद्यार्थियों में 'अहम् पहचान' (Ego Identity) के निर्माण, व्यावसायिक एवं वैचारिक अन्वेषण तथा समवयस्क समूह (Peer Group) के साथ घनिष्ठता के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, एडवर्ड टॉलमैन (Edward Tolman) के 'संज्ञानात्मक मानचित्रण और चिह्न अधिगम सिद्धांत' (Sign-Gestalt / Purposive Behaviorism Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'अव्यक्त अधिगम' (Latent Learning)**—जिसे उस प्रकार के अधिगम के रूप में परिभाषित किया जाता है जो बिना किसी प्रत्यक्ष सुदृढ़ीकरण (Reinforcement) या पुरस्कार के चुपचाप घटित होता है और मानसिक रूप से संचित रहता है, तथा तब तक बाह्य रूप से प्रकट नहीं होता जब तक कि उसे प्रदर्शित करने के लिए कोई उपयुक्त प्रेरणा या प्रोत्साहन (Incentive) प्रदान न किया जाए—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संज्ञानात्मक संरचनाओं के अनजाने निर्माण, आंतरिक जिज्ञासा और दीर्घकालिक ज्ञान उपयोग के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) के 'सम्बन्धवाद' (Connectionism) या 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'तत्परता का नियम' (Law of Readiness)—जिसके तहत जब कोई तंत्रिका मार्ग (Neural Pathway) कार्य करने के लिए पूरी तरह तैयार होता है और उसे ऐसा करने दिया जाता है, तो इससे व्यक्ति को संतोष और आनंद की प्राप्ति होती है, जबकि बाधा उत्पन्न होने पर झुंझलाहट या असंतोष होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की अधिगम की गति, मानसिक तैयारी, और प्रेरणा के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, आईवान पावलव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित—(1) उद्दीपक सामान्यीकरण (Stimulus Generalization), (2) विभेदन (Discrimination), (3) विलोप (Extinction), और (4) स्वतः पुनःप्राप्ति (Spontaneous Recovery)—जैसी मूलभूत अनुबंधन प्रक्रियाओं के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के भावनात्मक सहचर्य, सकारात्मक/नकारात्मक आदतों के निर्माण, और भय या चिंता के निराकरण के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, एडवर्ड टॉलमैन (Edward C. Tolman) के 'चिह्न-Gestalt अधिगम सिद्धांत' (Sign-Gestalt Learning Theory) अथवा 'उद्देश्यपूर्ण व्यवहारवाद' (Purpsosive Behaviorism) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अव्यक्त अधिगम' (Latent Learning) की अवधारणा—जिसके तहत कोई जीव या विद्यार्थी किसी पर्यावरण में बिना किसी प्रत्यक्ष प्रबलन (Reinforcement) या पुरस्कार के भी वहां की स्थानिक व्यवस्था, मार्गों और उद्दीपकों के संबंधों को आंतरिक रूप से मानसिक मानचित्र (Cognitive Map) के रूप में सहज रूप से ग्रहण कर लेता है, और यह अधिगम तब तक छिपा रहता है जब तक कि उस ज्ञान के प्रदर्शन के लिए कोई प्रेरणा या आवश्यकता उत्पन्न नहीं होती—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनजाने ज्ञानार्जन, आंतरिक मानचित्रण और संज्ञानात्मक प्रसंस्करण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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