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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'हिंदी भाषा एवं व्याकरण' के अंतर्गत 'संधि और उनके प्रकार' के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प 'व्यंजन संधि' (Consonant Sandi) के नियमों—विशेष रूप से 'वर्गीय व्यंजनों के प्रथम वर्ण का तृतीय वर्ण में परिवर्तन' (जैसे क, च, ट, त, प् का ग, ज, ड, द, ब में बदलना) तथा 'प्रथम वर्ण का पंचम वर्ण में परिवर्तन'—के व्याकरणिक विश्लेषण और उनके सबसे सटीक व मानकीकृत उदाहरणों (जैसे 'दिग्गज', 'जगदीश', 'वाग्जाल', 'उन्नयन', और 'चिन्मय') के वैधानिक एवं तार्किक स्वरूप को प्रदर्शित करता है?

Detailed Explanation

व्याख्या: व्यंजन संधि के नियमानुसार, यदि किसी वर्ग (क, च, ट, त, प्) के पहले वर्ण (क, च, ट, त, प) का मेल किसी स्वर, अंतःस्थ व्यंजन (य, र, ल, व) या किसी वर्ग के तीसरे/चौथे वर्ण से हो, तो वह पहला वर्ण अपने ही वर्ग के तीसरे वर्ण (ग, ज, ड, द, ब) में बदल जाता है (जैसे- दिक् + गज = दिग्गज, जगत् + ईश = जगदीश)। इसी प्रकार, यदि किसी वर्ग के पहले वर्ण का मेल किसी अनुनासिक वर्ण (न या म) से हो, तो वह पहला वर्ण अपने ही वर्ग के पाँचवें (पंचम) वर्ण में बदल जाता है (जैसे- उत् + नयन = उन्नयन, चित् + मय = चिन्मय)। अतः विकल्प (a) पूर्णतः सत्य और मानक है।
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