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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'पर्यावरण अध्ययन' (EVS) के अंतर्गत 'पारिस्थितिकी तंत्र और खाद्य श्रृंखला' (Ecosystem and Food Chain) के संदर्भ में, जैव आवर्धन (Biological Magnification या Biomagnification) और जैव संचयन (Bioaccumulation) की अवधारणाओं के बीच के वैज्ञानिक अंतर, उनके प्रमुख कारणों (जैसे डीडीटी, पारा और अन्य भारी धातुएं), और खाद्य श्रृंखला के उच्च पोषण स्तरों (Trophic Levels) पर पड़ने वाले उनके दुष्प्रभावों के तार्किक विश्लेषण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जैव संचयन (Bioaccumulation) का तात्पर्य किसी एकल जीव के जीवनकाल में उसके ऊतकों में पर्यावरण (जल, वायु या भोजन) से किसी रसायन या विषैले पदार्थ के संचय से है। वहीं, जैव आवर्धन (Biomagnification या Biological Magnification) उस प्रक्रिया को कहते हैं जिसमें खाद्य श्रृंखला के निचले पोषण स्तर से उच्च पोषण स्तर की ओर बढ़ने पर गैर-बायोडिग्रेडेबल प्रदूषकों (जैसे डीडीटी, पारा आदि) की सांद्रता उत्तरोत्तर बढ़ती जाती है। सर्वोच्च मांसाहारी जीवों में इन विषैले पदार्थों की सांद्रता सबसे अधिक पाई जाती है, जिससे उनके प्रजनन और स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है।
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1. उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन (President's Rule) अब तक कुल 10 बार लगाया जा चुका है, और राज्य में पहली बार राष्ट्रपति शासन वर्ष 1968 में मुख्यमंत्री चंद्रभान गुप्त के कार्यकाल के दौरान लगाया गया था।
2. उत्तर प्रदेश की प्रथम महिला मुख्यमंत्री सुचेता कृपलानी थीं, जिन्होंने वर्ष 1963 से 1967 तक कार्य किया, और वे न केवल उत्तर प्रदेश की बल्कि भारत के किसी भी राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री भी थीं।
3. उत्तर प्रदेश के लोकायुक्त अधिनियम के तहत लोकायुक्त का कार्यकाल वर्तमान में 8 वर्ष निर्धारित किया गया है, और न्यायमूर्ति विशंभर दयाल उत्तर प्रदेश के पहले लोकायुक्त थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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