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UPTET
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उत्तर प्रदेश के भूगोल एवं खनिजों के संदर्भ में, राज्य में पाए जाने वाले प्रमुख खनिज संसाधनों और उनसे संबंधित प्रमुख जिलों के मिलान के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा युग्म असत्य (गलत) है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
उत्तर प्रदेश में तांबे का प्रमुख भंडार 'ललितपुर' जिले (सोनरई क्षेत्र) में पाया जाता है, न कि बांदा या मिर्जापुर में। बांदा जिला हीरा, कांच बालू (सिलिका सैंड) और बॉक्साइट के लिए जाना जाता है। अन्य सभी विकल्प सही हैं: चूना पत्थर मिर्जापुर के चुनार व कजराहट क्षेत्र में, यूरेनियम ललितपुर में, और कोयला सोनभद्र के सिंगरौली/रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। अतः विकल्प (d) असत्य है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के क्षेत्र-आधारित और प्रज्ञावादी सिद्धांतों' के संदर्भ में, कर्ट लेविन (Kurt Lewin) द्वारा प्रतिपादित 'क्षेत्र सिद्धांत' (Field Theory) के अंतर्गत 'जीवन अंतरिक्ष' (Life Space), 'टोपोलॉजी' (Topology), और 'अवरोध व विक्षेप' (Barriers & Valence) के न्यूरो-मनोवैज्ञानिक स्वरूप, तथा एडवर्ड टोलमैन (Edward Tolman) द्वारा प्रतिपादित 'चिह्न अधिगम या प्रयोजनवादी व्यवहारवाद' (Sign-Gestalt / Purposive Behaviorism) के अंतर्गत 'संज्ञानात्मक मानचित्र' (Cognitive Map) और 'अव्यक्त अधिगम' (Latent Learning) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, समस्या-समाधान के स्थानिक उन्मुखीकरण और विद्यार्थियों में उद्देश्यपूर्ण व स्वायत्त ज्ञानार्जन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) और उससे जुड़ी प्रमुख प्रक्रियाओं तथा 'ऑब्जर्वेशनल लर्निंग' (Observational Learning) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बंडूरा के अनुसार प्रेक्षणात्मक अधिगम (Observational Learning) की प्रक्रिया में चार अंतर्संबंधित उप-प्रक्रियाएं या चरण शामिल होते हैं, जो क्रमानुसार इस प्रकार हैं: ध्यान देना (Attention), स्मरण रखना या धारण करना (Retention), मोटर पुनरुत्पादन (Motor Reproduction), और अभिप्रेरणा या पुनर्बलन (Motivation/Reinforcement)।
2. बंडूरा ने अपने सुप्रसिद्ध 'बॉबो डॉल प्रयोग' (Bobo Doll Experiment) के माध्यम से यह सिद्ध किया कि बालकों का आक्रामक व्यवहार केवल प्रत्यक्ष दंड या पुरस्कार (प्रत्यक्ष पुनर्बलन) पर निर्भर करता है, और वे वयस्कों या मॉडलों के आक्रामकता को केवल देखकर स्वतः अनुकरण करने में असमर्थ होते हैं।
3. 'पारस्परिक determinism' (Reciprocal Determinism) की अवधारणा के अनुसार मानव का विकास और व्यवहार त्रिपक्षी अंतःक्रिया (Triadic Reciprocal Causation) का परिणाम होता है, जिसमें व्यक्तिगत कारक (संज्ञानात्मक, जैविक), व्यवहार (Behavior), और पर्यावरण (Environment) परस्पर एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. समावेशी शिक्षा का मुख्य उद्देश्य सामान्य विद्यालयों में सभी बच्चों (चाहे वे शारीरिक, मानसिक, सामाजिक या आर्थिक रूप से किसी भी वर्ग के हों) को एक साथ समान शिक्षा प्रदान करना है, जिसमें विशेष आवश्यकता वाले बालकों के लिए पाठ्यक्रम या शिक्षण विधि में आवश्यक लचीलापन लाया जाता है।
2. भारतीय संदर्भ में निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act, 2009) की धारा 3 और 29 यह सुनिश्चित करती है कि प्रारंभिक स्तर पर प्रत्येक बच्चे को उसकी विकलांगता के प्रकार के बावजूद समीप के विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण और भेदभाव-रहित शिक्षा प्राप्त करने का पूर्ण अधिकार है।
3. समावेशी शिक्षा 'एकीकृत शिक्षा' (Integrated Education) से भिन्न है, क्योंकि एकीकृत शिक्षा में बच्चों को सामान्य विद्यालयों में समायोजित तो किया जाता है, परंतु विद्यालय को स्वयं बच्चों की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप अपनी संरचना और प्रणालियों में परिवर्तन करने की आवश्यकता नहीं होती, जबकि समावेशी शिक्षा पूरी तरह से विद्यालय प्रणाली के लचीलेपन पर बल देती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता और divergent thinking (अपसारी चिंतन)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, जॉय पॉल गिलफर्ड (Joy Paul Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि की संरचना' (Structure of Intellect Model) के अंतर्गत 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डorsolateral प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - dlPFC), 'पोस्टीरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Posterior Cingulate Cortex) और 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN) के बीच वैचारिक लचीलेपन, मौलिकता, धाराप्रवाहता (Fluency) और रचनात्मक अंतर्दृष्टि की सक्रियण गतिकी, तथा एडवर्ड डी बोनो (Edward de Bono) द्वारा प्रतिपादित 'पार्श्व चिंतन सिद्धांत' (Lateral Thinking Theory) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, समस्या-समाधान आधारित शिक्षाशास्त्र (Problem-based Pedagogy) और विद्यार्थियों में उच्च-क्रम के संज्ञानात्मक प्रसंस्करण, मौलिक विचारों के सृजन व अभिनव दृष्टिकोण के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) द्वारा प्रतिपादित 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences: भाषाई, तार्किक-गणितीय, स्थानिक, संगीतात्मक, शारीरिक-गतिक, अंतर्व्यक्तिगत, अंतराव्यक्तिगत और प्रकृतिवादी) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डोसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC), 'टेम्पोरल लोब' (Temporal Lobe), 'सेरिबैलम' (Cerebellum) और 'पैरिएटल लोब' (Parietal Lobes) के बीच विशिष्ट डोमेन प्रसंस्करण, समानांतर न्यूरल नेटवर्क सक्रियण, और संज्ञानात्मक मॉड्यूलरिटी (Modular Theory of Mind) की सक्रियण गतिकी, तथा रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) के 'बुद्धि के त्र-तंत्रीय सिद्धांत' (Triarchic Theory: विश्लेषणात्मक, रचनात्मक और व्यावहारिक बुद्धि) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, डिफरेंशियल-कॉग्निटिव पेडागोजी (Differential-Cognitive Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहुआयामी क्षमताओं, समस्या-समाधान कौशल व समग्र संज्ञानात्मक लचीलेपन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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