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UPTET
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हिंदी भाषा और व्याकरण के अंतर्गत 'वाक्य-रचना' और 'अर्थ के आधार पर वाक्य के भेदों' के संदर्भ में, निम्नलिखित में से किस विकल्प में 'संदेहावाचक वाक्य' (Dubious / Doubtful Sentence) का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया गया है जो भविष्य या वर्तमान काल में कार्य होने की संभावना या संदेह को स्पष्ट रूप से व्यक्त करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
अर्थ के आधार पर वाक्य के आठ भेद होते हैं: विधानवाचक, निषेधवाचक, आज्ञावाचक, प्रश्नवाचक, इच्छावाचक, संदेहवाचक, विस्मयबोधक और संकेतवाचक। 'संदेहावाचक वाक्य' वह होता है जिसमें कार्य के होने में संदेह या संभावना का बोध होता है (जैसे- शायद, संभवतः आदि शब्दों का प्रयोग)। विकल्प (ए) में 'शायद कल वर्षा होगी' कार्य के होने में संदेह/संभावना को दर्शाता है, अतः यह संदेहवाचक वाक्य है। विकल्प (बी) संकेतवाचक, विकल्प (सी) आज्ञावाचक, और विकल्प (डी) विस्मयबोधक वाक्य का उदाहरण है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता (Creativity) और अपसारी चिंतन के न्यूरो-मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों' के संदर्भ में, जिलफोर्ड (J. P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि की संरचना मॉडल' (Structure of Intellect Model) के अंतर्गत 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking) के चार प्रमुख घटकों—धाराप्रवाहता (Fluency), लचीलापन (Flexibility), मौलिकता (Originality), और विविधीकरण (Elaboration)—के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप और मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' तथा 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN) की सहयोगात्मक सक्रियण प्रक्रिया, तथा ग्राहम वालेस (Graham Wallas) द्वारा प्रतिपादित 'सृजनात्मक चिंतन के चार चरण' (Four Stages of Creative Thought) के अंतर्गत 'तैयारी' (Preparation), 'उद्भावन' (Incubation), 'प्रदीप्ति या अंतर्दृष्टि' (Illumination), और 'सत्यापन' (Verification) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, समस्या-समाधान के अभिनव दृष्टिकोण और विद्यार्थियों में मौलिक व सृजनात्मक कौशलों के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'व्यक्तित्व के शील गुण सिद्धांत' (Trait Theory of Personality) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, हंस आइजेंक (Hans Eysenck) द्वारा प्रतिपादित 'त्रि-आयामी व्यक्तित्व मॉडल' (Introversion-Extraversion, Neuroticism, and Psychoticism - PEN Model) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'असेंडिंग रेटिकुलर एक्टिवेटिंग सिस्टम' (ARAS - बहिर्मुखी और अंतर्मुखी कोर्टिकल उत्तेजना नियमन), 'लिम्बिक सिस्टम और एमिग्डाला' (Limbic System & Amygdala - न्यूरोटिकिज्म के अंतर्गत संवेगात्मक प्रतिक्रियाशीलता और तनाव संवेदनशीलता), और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स एवं डोपामाइन/सेरोटोनिन मार्ग' (Prefrontal Cortex and Dopaminergic/Serotonergic Pathways - साइकोटिकिज्म के अंतर्गत आवेग नियंत्रण और सामाजिक अनुकूलन) के बीच न्यूरोट्रांसमीटर टोन, सिनेप्टिक संवेदनशीलता, और हॉर्मोनल मॉड्यूलेशन की सक्रियण गतिकी, तथा गॉर्डन ऑलपोर्ट और रॉबर्ट मैक्रे व पॉल कोस्टा के 'बिग फाइव पर्सनालिटी ट्रेड्स' (Big Five Personality Traits) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-पर्सनालिटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Personality Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में संवेगात्मक नियमन, सामाजिक-व्यक्तिगत विकास व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना, कृषि जलवायु क्षेत्रों और फसल प्रारूप (Crop Pattern) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश को कृषि जलवायु की दृष्टि से कुल 9 (नौ) विशिष्ट जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, जो यहाँ की वर्षा, तापमान, भू-आकृति और मृदा भिन्नताओं पर आधारित हैं।
2. राज्य के पश्चिमी मैदानी क्षेत्र में मुख्य रूप से बलुई-दोमट और जलोढ़ मृदा पाई जाती है, जो गन्ने और गेहूँ की सघन खेती के लिए अत्यधिक उपयुक्त है, जबकि बुंदेलखंड क्षेत्र में मिलने वाली 'मार' और 'काबर' मृदाएँ चिकनी और काली प्रकृति की होती हैं जो नमी को लंबे समय तक बनाए रखती हैं।
3. उत्तर प्रदेश के पूर्वी और तराई क्षेत्रों में पाई जाने वाली 'भूर' (Bhoor) मृदा अत्यधिक उपजाऊ और महीन कणों वाली चिकनी मिट्टी होती है, जिसमें नाइट्रोजन और फास्फोरस की प्रचुरता के कारण धान की खेती बिना किसी रासायनिक उर्वरक के बंपर मात्रा में होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश की कृषि जलवायु प्रदेशों (Agro-Climatic Zones) और वहाँ की प्रमुख फसलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. योजना आयोग (अब नीति आयोग) द्वारा उत्तर प्रदेश को कुल 9 स्पष्ट कृषि-जलवायु प्रदेशों में विभाजित किया गया है, जो राज्य की विभिन्न भौगोलिक, मृदा और मानसूनी विशेषताओं को दर्शाते हैं।
2. 'भाबर और तराई क्षेत्र' (उत्तर-पूर्वी मैदानी क्षेत्र) में अत्यधिक नमी और उपजाऊ जलोढ़ मृदा के कारण धान और गन्ने की बंपर पैदावार होती है, साथ ही यह क्षेत्र उच्च कोटि के गेहूं उत्पादन के लिए भी जाना जाता है।
3. 'बुंदेलखंड क्षेत्र' (दक्षिण-पश्चिमी शुष्क क्षेत्र) में कम वर्षा और पथरीली-लाल मृदा (Parwa and Mar soils) की अधिकता के कारण मुख्य रूप से रबी के मौसम में चने (Gram), मटर और तिलहनी फसलों (जैसे सरसों और अलसी) की खेती की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास सिद्धांत' (Sociocultural Theory of Development) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, वाइगोत्स्की द्वारा प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'मचान निर्माण' (Scaffolding) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - DLPFC), 'सुपीरियर टेम्पोरल सल्कास' (Superior Temporal Sulcus), और 'मिरर न्यूरॉन सिस्टम' (Mirror Neuron System - MNS) के बीच सामाजिक अंतःक्रिया, अनुकरण, और कार्यकारी नियंत्रण के बीच समन्वय की सक्रियण गतिकी, तथा जेरोम ब्रूनर के मचान (Scaffolding) विचार के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-सोशियोकॉग्निटिव ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Sociocognitive Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में सहयोगात्मक समस्या-समाधान, निर्देशित सहायता व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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