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UPTET
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हिंदी भाषा शिक्षण और व्याकरण के अंतर्गत 'संधि' के नियमों के संदर्भ में, निम्नलिखित में से किस विकल्प में 'यण स्वर संधि' (Yan Swar Sandhi) का एक ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया गया है जिसका सही संधि-विच्छेद 'इ/ई + अन्य स्वर = य' अथवा 'उ/ऊ + अन्य स्वर = व' के व्याकरणिक नियम का पूरी तरह पालन करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
व्याख्या: सही उत्तर विकल्प (b) 'अन्वेषण' है। यण स्वर संधि का नियम कहता है कि जब इ/ई, उ/ऊ या ऋ के बाद कोई भिन्न (असमान) स्वर आता है, तो क्रमशः य, व, र हो जाता है। यहाँ 'अन्वेषण' शब्द का संधि-विच्छेद 'अनु + एषण' होता है, जिसमें 'उ' के बाद 'ए' (भिन्न स्वर) आने पर 'उ' का परिवर्तन 'व्' (व) में हो जाता है और 'अन् + व् + एषण' मिलकर 'अन्वेषण' बनता है। अतः यह यण स्वर संधि का सटीक उदाहरण है। विकल्प (a) 'महोत्पाद' गुण संधि का, विकल्प (c) 'तथैव' वृद्धि संधि का, और विकल्प (d) 'गिरीश' दीर्घ स्वर संधि का उदाहरण है।
Related Questions
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उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना और कृषि-जलवायु विशेषताओं के संदर्भ में 'लाल और सघन मृदा' (Red and Mixed Soils) तथा उनके क्षेत्रीय विस्तार के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी पठारी और पहाड़ी क्षेत्रों (विशेषकर झाँसी, महोबा, ललितपुर, हमीरपुर और मिर्जापुर के कुछ भागों) में लाल मृदा मुख्य रूप से पाई जाती है, जिसका निर्माण प्राचीन गनीज़ और विंध्यन क्रम की लाल बलुआ पत्थरों के अपक्षय (Weathering) से हुआ है।
2. इस प्रकार की मृदा में नाइट्रोजन, ह्यूमस और फास्फोरस की प्रचुर मात्रा पाई जाती है, जिसके कारण यह क्षेत्र गेहूँ और धान की अत्यधिक सघन खेती के लिए राज्य में सर्वाधिक उपजाऊ माना जाता है।
3. लाल मृदा सामान्यतः हल्की, अम्लीय प्रकृति की और जल धारण क्षमता में कम होती है, जिस कारण यहाँ चने, अरहर और तिलहन जैसी कम पानी की आवश्यकता वाली फसलों का उत्पादन अधिक किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश के लोक संगीत, नृत्य और सांस्कृतिक परंपराओं के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा युग्म 'लोक नृत्य शैली' और उससे संबंधित 'क्षेत्र या जनपद' के आधार पर सर्वाधिक सटीक रूप से सुमेलित नहीं है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता' (Learning Disabilities) के विशिष्ट प्रकार 'डिस्लेक्सिया' (Dyslexia - पठन और वर्ण-ध्वनि प्रसंस्करण अक्षमता) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, मस्तिष्क के 'बाएँ वेंट्रल ऑसिपिटो-टेम्पोरल कॉर्टेक्स' (Left Ventral Occipitotemporal Cortex - Visual Word Form Area / VWFA), 'सुपीरियर टेम्पोरल गाइरस' (Superior Temporal Gyrus - Phonological Processing), और 'इन्फीरियर फ्रंटल गाइरस' (Broca's Area) के बीच ऑर्थोग्राफिक-फोनोलॉजिकल मैपिंग (Orthographic-Phonological Mapping), दृश्य-शब्द रूप पहचान (Visual Word Recognition), और कार्यशील स्मृति एकीकरण की सक्रियण विफलता तथा दोषपूर्ण तंत्रिका नेटवर्क (Neural Disconnectivity) की गतिकी, तथा सैम्युअल किर्क (Samuel Kirk) और अन्य न्यूरोलॉजिकल शोधों के ऐतिहासिक प्रत्यय और आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-डिस्लेक्सिया ऑप्टिमाइज्ड रेमेडियल पेडागोजी' (Neuro-Dyslexia Optimized Remedial Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहुसंवेदी ऑर्थोग्राफिक-फोनोलॉजिकल रणनीतियों (Multisensory Orton-Gillingham Interventions), ध्वन्यात्मक बोध (Phonemic Awareness) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना, कृषि जलवायु क्षेत्रों और प्रमुख खाद्यान्न फसलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश को कृषि और जलवायु की विभिन्नताओं के आधार पर कुल 9 कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-climatic Zones) में विभाजित किया गया है, जहाँ तराई क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की सबसे उपजाऊ जलोढ़ मृदा (Alluvial Soil) पाई जाती है।
2. बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' और 'काबर' मृदाएँ चिकनी और उपजाऊ होती हैं, जिनमें जल धारण करने की उच्च क्षमता होती है और सूखने पर उनमें चौड़ी तथा गहरी दरारें पड़ जाती हैं।
3. राज्य में कुल खाद्यान्न उत्पादन के मामले में उत्तर प्रदेश का देश में प्रथम स्थान है, और यहाँ सर्वाधिक क्षेत्रफल पर बोई जाने वाली फसल गेहूँ है, जबकि कुल उत्पादन में धान का स्थान प्रथम है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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हिंदी भाषा और व्याकरण के अंतर्गत 'कारक' (Case) और उसके विभक्ति चिह्नों के प्रयोग के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'अपादान कारक' का विभक्ति चिह्न 'से' अलगाव, डर, तुलना, दूरी या सीखने के भाव को प्रकट करता है, जैसे 'पेड़ से पत्ता गिरा' में अलगाव का बोध होता है।
2. 'करण कारक' और 'अपादान कारक' दोनों का विभक्ति चिह्न 'से' होता है, लेकिन करण कारक में 'से' साधन या माध्यम का बोध कराता है (जैसे 'वह कलम से लिखता है'), जबकि अपादान कारक में 'से' पृथक्करण (अलगाव) को दर्शाता है।
3. 'संबोधन कारक' का कोई अलग विभक्ति चिह्न नहीं होता है, और वाक्य में इसका प्रयोग हमेशा कर्म कारक के रूप में ही किया जाता है, जिसके लिए 'को' चिह्न का प्रयोग अनिवार्य होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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