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हिंदी भाषा और व्याकरण के अंतर्गत 'कारक' (Case) और उसके विभक्ति चिह्नों के प्रयोग के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'अपादान कारक' का विभक्ति चिह्न 'से' अलगाव, डर, तुलना, दूरी या सीखने के भाव को प्रकट करता है, जैसे 'पेड़ से पत्ता गिरा' में अलगाव का बोध होता है। 2. 'करण कारक' और 'अपादान कारक' दोनों का विभक्ति चिह्न 'से' होता है, लेकिन करण कारक में 'से' साधन या माध्यम का बोध कराता है (जैसे 'वह कलम से लिखता है'), जबकि अपादान कारक में 'से' पृथक्करण (अलगाव) को दर्शाता है। 3. 'संबोधन कारक' का कोई अलग विभक्ति चिह्न नहीं होता है, और वाक्य में इसका प्रयोग हमेशा कर्म कारक के रूप में ही किया जाता है, जिसके लिए 'को' चिह्न का प्रयोग अनिवार्य होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि अपादान कारक का विभक्ति चिह्न 'से' पृथक्करण, डर, लज्जा, तुलना और सीखने के अर्थ में प्रयोग किया जाता है। कथन 2 भी सही है क्योंकि 'से' चिह्न करण कारक में साधन (Instrument) का कार्य करता है जबकि अपादान में अलग होने का भाव प्रकट करता है। कथन 3 गलत है क्योंकि 'संबोधन कारक' के अपने विशिष्ट चिह्न (हे, अरे, ओ आदि) होते हैं और इसका प्रयोग किसी को पुकारने या संबोधित करने के लिए किया जाता है, न कि कर्म कारक के रूप में।
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उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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