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बाल विकास के विभिन्न सिद्धांतों के अंतर्गत, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' के 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-Conventional Morality) की दूसरी अवस्था अर्थात् 'विवेक और सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत की अवस्था' (Stage 6: Universal Ethical Principles) की सबसे महत्वपूर्ण और मूल विशेषता निम्नलिखित में से कौन सी है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के तीसरे और अंतिम स्तर यानी 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-Conventional Level) की छठी और अंतिम अवस्था 'विवेक और सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत' (Universal Ethical Principles) से संबंधित है। इस अवस्था में व्यक्ति बाहरी नियमों या सामाजिक बंधनों से परे जाकर अपने अंतःकरण (Conscience) और न्याय, मानवाधिकार तथा समानता जैसे सार्वभौमिक सिद्धांतों के आधार पर निर्णय लेता है। इस स्तर पर व्यक्ति जरूरत पड़ने पर अन्यायपूर्ण सामाजिक कानूनों का विरोध भी कर सकता है क्योंकि उसका नैतिक मार्गदर्शक उसका व्यक्तिगत विवेक होता है। विकल्प (a) चतुर्थ/पंचम अवस्था से, विकल्प (c) प्रथम अवस्था से और विकल्प (d) तीसरी अवस्था से संबंधित है।
Related Questions
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लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, परंपरागत नैतिकता का स्तर किस अवस्था के अंतर्गत आता है?
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उत्तर प्रदेश की प्रमुख झीलों और उनके भौगोलिक अवस्थिति (जनपद) के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. बखीरा झील - संत कबीर नगर
2. बेला सागर झील - महोबा
3. बरुआ सागर झील - झाँसी
4. चित्तौरा झील - बहराइच
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप और मिट्टी के प्रकारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी पठारी (बुंदेलखंड) क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' (Mar) और 'काबर' (Kabar) मृदाएँ चिकनी मटियार प्रकार की होती हैं, जिनमें अत्यधिक जल-धारण क्षमता होती है और सूखने पर इनमें चौड़ी दरारें पड़ जाती हैं।
2. उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में मिलने वाली 'राढ़' या 'धान की उपजाऊ मिट्टी' अत्यधिक उपजाऊ और नम होती है, जो मुख्य रूप से कंकड़-पत्थर और मोटे बालू के मिश्रण से बनती है तथा इसमें कृषि कार्य असंभव होता है।
3. उत्तर प्रदेश के मैदानी भागों में पाई जाने वाली पुरानी जलोढ़ मिट्टी को 'भाबर' (Bhabar) कहा जाता है, जो नदियों द्वारा लाई गई मिट्टी से हर वर्ष बाढ़ के मैदान में नए रूप में जमा होती है और बहुत उपजाऊ होती है।
4. उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक मात्रा में 'जलोढ़ मृदा' (Alluvial Soil) पाई जाती है, जो राज्य के कुल कृषि योग्य क्षेत्रफल का लगभग 80% भाग आच्छादित करती है और गंगा-यमुना के दोआब क्षेत्र में इसकी उर्वरता सबसे अधिक होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के पठार (Plateau of Learning)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) के 'श्रम और थकान के प्रभाव' तथा ब्रायन (Bryan) एवं हार्तर (Harter) द्वारा प्रतिपादित 'अभ्यास के पठार' के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'स्ट्रिएटम' (Striatum), 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), और 'पैरिएटल लोब' (Parietal Lobes) के बीच सिनैप्टिक संतृप्ति (Synaptic Saturation), संज्ञानात्मक थकान, और मोटर-कौशल समेकन की सक्रियण गतिकी, तथा गिल्फर्ड (Guilford) के 'मानसिक ठहराव' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, ब्रेक-इंटीग्रेटेड डायनेमिक पेडागोजी (Break-Integrated Dynamic Pedagogy) और विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक थकान प्रबंधन, पठार निवारण व समग्र कौशल विकास के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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बच्चों के सामाजिक विकास (Social Development) के संदर्भ में, 'जीन पियाजे' और 'लेव वायगोत्स्की' के सिद्धांतों के बीच निम्नलिखित में से कौन सा मुख्य अंतर स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है?
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