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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण-अधिगम में 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) के अंतर्गत सह-शैक्षणिक क्षेत्रों (Co-scholastic Areas) के आकलन के लिए निम्नलिखित में से किस विधि या उपकरण का प्रयोग सबसे अधिक प्रभावी और प्रामाणिक माना जाता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
पर्यावरण अध्ययन (EVS) में सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) के तहत विद्यार्थियों के सह-शैक्षणिक क्षेत्रों (जैसे दृष्टिकोण, मूल्य, सामाजिक कौशल, पर्यावरणीय संवेदना, आदतें आदि) का आकलन करने के लिए गुणात्मक पद्धतियाँ सबसे उपयुक्त होती हैं। 'अवलोकन अनुसूचियां' (Observation Schedules) और 'उपाख्यानात्मक अभिलेख' (Anecdotal Records) शिक्षक को बच्चों के वास्तविक व्यवहार, दैनिक गतिविधियों और पर्यावरण के प्रति उनके दृष्टिकोण का सूक्ष्म और प्रामाणिक डेटा प्रदान करते हैं, जिन्हें केवल लिखित या वस्तुनिष्ठ परीक्षाओं द्वारा नहीं मापा जा सकता है।
Related Questions
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उत्तर प्रदेश के वन्यजीव विहारों (Wildlife Sanctuaries) और उनकी स्थापना वर्ष तथा भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. 'चंद्रप्रभा वन्यजीव विहार' - चंदौली जिला (यह उत्तर प्रदेश का सबसे पहला/पुराना वन्यजीव विहार है, जिसकी स्थापना 1957 में की गई थी।)
2. 'हस्तिनापुर वन्यजीव विहार' - मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, गाजियाबाद और हापुड़ जिलों में विस्तृत (यह उत्तर प्रदेश का क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा वन्यजीव विहार है।)
3. 'किशनपुर वन्यजीव विहार' - लखीमपुर खीरी जिला (यह दुधवा टाइगर रिजर्व का हिस्सा है और मुख्य रूप से बारहसिंगा तथा बाघों के संरक्षण के लिए प्रसिद्ध है।)
4. 'कतरियाघाट वन्यजीव विहार' - बहराइच जिला (यह गिरवा नदी के तट पर स्थित है और यहाँ विशेष रूप से घड़ियाल तथा मगरमच्छ संरक्षण प्रजनन केंद्र संचालित किया जाता है।)
उपर्युक्त युग्मों में से कौन सा/से सही सुमेलित है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सामाजिक अध्ययन' के अंतर्गत 'भारतीय इतिहास एवं प्राचीन सभ्यताएं' के संदर्भ में, हड़प्पा सभ्यता (सिंधु घाटी सभ्यता) के उत्तर प्रदेश में स्थित प्रमुख पुरातात्विक स्थलों—जैसे आलमगीरपुर (मेरठ), हुलास (सहारनपुर), मांडी (मुजफ्फरनगर), और सनौली (बागपत)—के भौगोलिक वितरण, इनसे प्राप्त साक्ष्यों (जैसे कपास के अवशेष, धान की खेती के प्रमाण, रथ के साक्ष्य, और समाधि स्थल), तथा स्वतंत्रता के पश्चात भारत में खोजे गए इन स्थलों के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व के वैज्ञानिक एवं तार्किक विश्लेषण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-आकृतिक विभाजन के संदर्भ में, राज्य का कौन सा क्षेत्र प्राचीनतम 'अरावली पर्वतमाला' के अवशेषों और प्रायद्वीपीय पठार के उत्तरward विस्तार से निर्मित है, जहाँ मुख्य रूप से लाल मृदा, ग्रेनाइट और नीस चट्टानें पाई जाती हैं?
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लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के अनुसार, बच्चों के सीखने में निम्नलिखित में से किसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है?
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भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची के अंतर्गत दी गई विभिन्न सूचियों (संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची) और उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक तथा विधाई संदर्भों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान की सातवीं अनुसूची की 'समवर्ती सूची' (Concurrent List) के अंतर्गत आने वाले विषयों पर कानून बनाने का अधिकार संसद और राज्य विधानमंडल दोनों को है, परंतु यदि किसी केंद्रीय और राज्य कानून में विरोध हो, तो संसद द्वारा बनाया गया कानून मान्य होता है, बशर्ते राज्य के कानून को राष्ट्रपति की स्वीकृति न मिली हो (अनुच्छेद 254)।
2. उत्तर प्रदेश राज्य के गठन, उसकी विधान परिषद के आकार, तथा स्थानीय निकायों के चुनावों के नियमन से संबंधित सभी प्रावधान पूरी तरह से संविधान की 'राज्य सूची' (State List) के अंतर्गत आते हैं, जिन पर केंद्र सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं हो सकता।
3. 'शिक्षा' (Education), 'वन' (Forests), और 'नाप-तौल' (Weights and Measures) मूल रूप से राज्य सूची के विषय हुआ करते थे, जिन्हें वर्ष 1976 में 42वें संविधान संशोधन अधिनियम के माध्यम से समवर्ती सूची में स्थानांतरित कर दिया गया था।
4. उत्तर प्रदेश में पंचायती राज व्यवस्था से संबंधित विषय 'राज्य सूची' की प्रविष्टि 5 के अंतर्गत आते हैं, जिसके तहत राज्य विधानमंडल को स्थानीय स्वशासन के संबंध में कानून बनाने की अनन्य शक्ति प्राप्त है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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