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बाल विकास के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत (Socio-Cultural Theory) के प्रणेता लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के अनुसार, संज्ञानात्मक विकास में 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) निम्नलिखित में से किस अवधारणा को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?

Detailed Explanation

लेव वाइगोत्स्की के अनुसार, समीपस्थ विकास का क्षेत्र (ZPD) उस अंतर को दर्शाता है जो एक बच्चा किसी कार्य को स्वतंत्र रूप से (बिना मदद के) करने की क्षमता रखता है और वही बच्चा किसी वयस्क या अधिक सक्षम साथी (More Knowledgeable Other - MKO) के मार्गदर्शन या सहयोग से उस कार्य को जितनी बेहतर ढंग से पूरा कर सकता है, उनके बीच का क्षेत्र होता है। यह पाटन (Scaffolding) के माध्यम से सीखने की प्रक्रिया को स्पष्ट करता है।
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उत्तर प्रदेश की पुरातात्विक स्थलों, प्राचीन नगरों और ऐतिहासिक धरोहरों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कौशाम्बी (जो प्राचीन काल में वत्स महाजनपद की राजधानी थी) के प्राचीन अवशेषों की पुरातात्विक खुदाई का कार्य मुख्य रूप से प्रोफेसर जी.आर. शर्मा के निर्देशन में किया गया था, जहाँ से 'घोषाराम विहार' के साक्ष्य भी प्राप्त हुए हैं। 2. उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में स्थित 'हुलास' (Hulas) एक प्रमुख हड़प्पाकालीन पुरास्थल है, जो यमुना-हिंडन दोआब क्षेत्र में स्थित है और यहाँ से धान की खेती तथा कृषि अवशेषों के महत्वपूर्ण प्रमाण मिले हैं। 3. 'अतरंजीखेड़ा' एटा जिले में काली नदी के तट पर स्थित एक महत्वपूर्ण स्थल है, जहाँ से उत्तर भारत में सबसे पहले लोहे के प्रयोग (लोह युग) के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage - लगभग 2 से 7 वर्ष) के दौरान बालक में 'संरक्षण' (Conservation) की क्षमता का पूर्ण विकास हो जाता है, जिससे वह यह समझ पाता है कि किसी वस्तु के आकार या रूप में परिवर्तन करने पर भी उसकी मात्रा या आयतन अपरिवर्तित रहता है। 2. 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage - लगभग 7 से 11 वर्ष) में बच्चे वस्तुओं और घटनाओं के वर्गीकरण (Classification), उत्क्रमणीयता (Reversibility) और 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) की योग्यताओं में पारंगत हो जाते हैं, लेकिन वे अमूर्त तार्किक चिंतन और परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क (Hypothetical-deductive reasoning) का उपयोग करने में असमर्थ होते हैं। 3. पियाजे के अनुसार 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) वह अंतिम चरण है जो किशोरावस्था से प्रारंभ होता है, जिसमें व्यक्ति वैज्ञानिक पद्धति से सोचना सीखता है और विभिन्न संभावनाओं के आधार पर अमूर्त समस्याओं का समाधान कर सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं? पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में 'रूब्रिक्स' (Rubrics) का प्रयोग मुख्य रूप से किस उद्देश्य के लिए किया जाता है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के बहुबुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) द्वारा प्रतिपादित 'प्राकृतिक बुद्धि' (Naturalistic Intelligence) और 'अस्तित्ववादी बुद्धि' (Existential Intelligence) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'पैराहिप्पोकैम्पस गيروس' (Parahippocampal Gyrus), 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Ventromedial Prefrontal Cortex) और 'इंसुला' (Insula) के बीच पारिस्थितिकीय संवेदनशीलता, अमूर्त दार्शनिक विचार और पर्यावरण-सचेतन प्रसंस्करण की सक्रियण गतिकी, तथा डैनियल गोलमैन (Daniel Goleman) द्वारा प्रतिपादित 'संवेगात्मक बुद्धि' (Emotional Intelligence: आत्म-जागरूकता, स्व-विनियमन, प्रेरणा, सहानुभूति और सामाजिक कौशल) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, अनुभवात्मक शिक्षाशास्त्र (Experiential Pedagogy) और विद्यार्थियों में पर्यावरणीय तार्किकता, सामाजिक-संवेगात्मक दक्षता व समग्र वैश्विक परिपक्वता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता और प्रज्ञा के संबध' के संदर्भ में, जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking) के चार प्रमुख घटकों—'धाराप्रवाहता' (Fluency), 'लचीलापन' (Flexibility), 'मौलिकता' (Originality), और 'विस्तार' (Elaboration)—के मनोवैज्ञानिक स्वरूप, तथा ग्राहम वालेस (Graham Wallas) द्वारा प्रतिपादित 'सृजनात्मक चिंतन के चार चरणों' (Four Stages of Creative Process)—'तैयारी' (Preparation), 'उद्भावन/प्रभवन' (Incubation), 'प्रकटीकरण/अंतर्दृष्टि' (Illumination), और 'सत्यापन/मूल्यांकन' (Verification)—के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक समस्या-समाधान आधारित कक्षा-कक्ष शिक्षण और सृजनात्मक बालकों के विकास में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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