BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

UPTET
1 views

उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक और राजनीतिक इतिहास के परिप्रेक्ष्य में, निम्नलिखित में से किस वर्ष में उत्तर प्रदेश (तत्कालीन संयुक्त प्रान्त) की विधान परिषद (Legislative Council) का गठन पहली बार किया गया था और इसका प्रथम सत्र कहाँ आयोजित हुआ था?

Detailed Explanation

भारत सरकार अधिनियम, 1919 (मॉन्टेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार) के प्रावधानों के अंतर्गत, उत्तर प्रदेश (जिसे तब 'संयुक्त प्रान्त' या United Provinces कहा जाता था) में द्विसदनीय व्यवस्था की शुरुआत हुई। इसके तहत प्रांतीय विधान परिषद (Legislative Council) का गठन पहली बार वर्ष 1921 में किया गया था और इसका प्रथम सत्र उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित हुआ था। अतः विकल्प (b) सही उत्तर है।
Share:

Related Questions

उत्तर प्रदेश के लोक नृत्यों, शास्त्रीय संगीत घरानों और सांस्कृतिक मेलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश का एकमात्र शास्त्रीय नृत्य 'कथक' है, जिसका उद्गम स्थल लखनऊ और वाराणसी घराने से जुड़ा हुआ है, तथा इस नृत्य शैली में कथा या कहानी को अभिनय और भाव-भंगिमाओं के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है। 2. 'चरकुला नृत्य' उत्तर प्रदेश के ब्रज क्षेत्र का एक प्रसिद्ध लोक नृत्य है, जिसमें महिलाएँ अपने सिर पर कई दीपों से सुसज्जित रथ पहिये को रखकर नित्य करती हैं, और यह नृत्य विशेष रूप से होली के अवसर पर आयोजित किया जाता है। 3. राज्य में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला 'बटेश्वर मेला' आगरा जिले में ऊँटों और पशुओं के क्रय-विक्रय के लिए प्रसिद्ध है, जिसे एक बड़े धार्मिक और व्यापारिक मेले के रूप में जाना जाता है, जबकि 'ध्रुपद मेला' का आयोजन वाराणसी और मथुरा में किया जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'व्यक्तित्व मापन' (Personality Assessment) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक हरमन रोर्शच (Hermann Rorschach) द्वारा 1921 में विकसित 'स्याही धब्बा परीक्षण' (Inkblot Test) के अंतर्गत, जब कोई परीक्षार्थी (Subject) किसी कार्ड पर बने स्याही के धब्बे के केवल किसी छोटे और विशिष्ट हिस्से (Detail) का उत्तर देता है, तो इस प्रकार की अनुक्रिया का विश्लेषण करते समय मनोवैज्ञानिक इसे मुख्य रूप से निम्नलिखित में से किस संकेतक या श्रेणी से संबंधित मानते हैं? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'भाषा विकास और भाषा अर्जन (Language Development and Language Acquisition) के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, नोम चॉम्स्की (Noam Chomsky) द्वारा प्रतिपादित 'भाषा अर्जन यंत्र' (Language Acquisition Device - LAD) और 'सार्वव्यापक व्याकरण' (Universal Grammar) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'ब्रोका क्षेत्र' (Broca's Area), 'वेर्निके क्षेत्र' (Wernicke's Area) और 'आर्क्यूएट फैसिकुलस' (Arcuate Fasciculus) के बीच सिंटैक्टिक प्रसंस्करण (Syntactic Processing), शब्दार्थ बोध (Semantic Comprehension) और मौखिक उत्पादन (Verbal Production) की सक्रियण गतिकी, तथा लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) द्वारा प्रतिपादित 'सामाजिक-सांस्कृतिक विकास सिद्धांत' के अंतर्गत 'आंतरिक भाषण' (Inner Speech) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, बहुभाषी शिक्षाशास्त्र (Multilingual Pedagogy) और विद्यार्थियों में भाषाई दक्षता, संज्ञानात्मक लचीलेपन व संप्रेषण कौशल के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अभिप्रेरणा (Motivation)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, अब्राहम मैस्लो (Abraham Maslow) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs: शारीरिक, सुरक्षा, सामाजिक, सम्मान, और आत्म-सिद्धि की आवश्यकताएं) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'लिम्बिक सिस्टम' (Limbic System), 'वेंट्रल टेग्मेंटल एरिया' (VTA), और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) के बीच होमियोस्टैटिक नियमन (Homeostatic Regulation), आंतरिक-बाहरी प्रेरणा एकीकरण (Intrinsic-Extrinsic Motivation Integration), और लक्ष्य-निर्देशित व्यवहार की सक्रियण गतिकी, तथा डेविड मैक्लेलैंड (David McClelland) के 'आवश्यकता सिद्धांत' (Achievement, Affiliation, and Power Needs) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'मोटिवेशनल-ड्रिवेन एंगेजमेंट पेडागोजी' (Motivational-Driven Engagement Pedagogy) और विद्यार्थियों में उच्च-स्तरीय अधिगम आकांक्षा, भावनात्मक सुरक्षा व समग्र मनोवैज्ञानिक कल्याण के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली और दर्शन के संदर्भ में, 'चार्वाक दर्शन' (लोकायत दर्शन) और उसके भौतिकवादी सिद्धांतों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. चार्वाक दर्शन भारत का एकमात्र प्रमुख प्राचीन नास्तिक (Heterodox) दर्शन है जो वेदों की प्रमाणिकता को पूरी तरह अस्वीकार करता है और इसे केवल 'धूर्तों की रचना' मानता है। 2. इस दर्शन के अनुसार इस जगत की उत्पत्ति पृथ्वी, जल, तेज (अग्नि) और वायु- इन चार महाभूतों से हुई है, और चेतना या आत्मा इन तत्वों के विशिष्ट संयोग से उत्पन्न होने वाला एक आकस्मिक गुण है, जो शरीर के नाश के साथ ही समाप्त हो जाता है। 3. चार्वाक दर्शन मोक्ष या पुनर्जन्म के सिद्धांत को नहीं मानता और 'यावज्जीवेत् सुखं जीवेत्, ऋणं कृत्वा घृतं पिबेत्' (जब तक जियो, सुख से जियो, ऋण लेकर भी घी पियो) के माध्यम से जीवन के एकमात्र उद्देश्य 'सुखवाद' (Hedonism) या भौतिक सुख को स्थापित करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.