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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) की अवधारणा के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा कथन 'विशिष्ट बालकों' (Children with Special Needs) के शैक्षिक समावेशन के मूल सिद्धांत को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?

Detailed Explanation

समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) एक ऐसी शिक्षा प्रणाली है जो बिना किसी भेदभाव, जाति, वर्ग या शारीरिक-मानसिक अक्षमता के सभी बच्चों को एक ही छत के नीचे (सामान्य विद्यालयों में) शिक्षा देने का प्रावधान करती है। इसके तहत विद्यालय की व्यवस्था, पाठ्यक्रम, शिक्षण पद्धतियों और भौतिक परिवेश में ऐसे आवश्यक परिवर्तन किए जाते हैं ताकि प्रत्येक बालक (चाਹ विशिष्ट हो या सामान्य) अपनी व्यक्तिगत योग्यताओं के अनुसार सीख सके। अतः विकल्प (b) सही और सबसे सटीक उत्तर है।
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→ प्राथमिक स्तर पर हिंदी भाषा शिक्षण के दौरान 'बहुभाषिकता' (Multilingualism) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बहुभाषिकता कक्षा में एक संसाधन (Resource) के रूप में कार्य करती है, जो बच्चों को अपनी मातृभाषा के माध्यम से नए विचारों को सीखने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रदान करने में मदद करती है। 2. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के अनुसार, शिक्षक को प्राथमिक स्तर पर बच्चे की घर की भाषा (मातृभाषा) को कक्षा में स्वीकार करना चाहिए, भले ही विद्यालय की मुख्य भाषा अलग हो। 3. बहुभाषिकता शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में एक बड़ी बाधा है, क्योंकि इससे शिक्षकों को पाठ पढ़ाने में कठिनाई होती है और विद्यार्थियों में भ्रम उत्पन्न होता है। 4. भाषा शिक्षण में विभिन्न भाषाओं की उपस्थिति बच्चों में संज्ञानात्मक लचीलापन (Cognitive Flexibility) और सामाजिक सहिष्णुता का विकास करती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → राष्ट्रीय उद्यान 'काजीरंगा' निम्नलिखित में से किस राज्य में स्थित है? → उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना, कृषि जलवायु क्षेत्रों और वनों के वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश को कृषि जलवायु की दृष्टि से कुल 9 (नौ) विशिष्ट क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, और राज्य के बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' और 'काबर' मृदाएँ चिकनी और काली प्रकृति की होती हैं, जिनमें नमी धारण करने की अत्यधिक क्षमता होती है। 2. उत्तर प्रदेश में उष्णकटिबंधीय पर्णपाती (Tropical Deciduous) प्रकार के वन पाए जाते हैं, और राज्य का 'सोनभद्र' जिला क्षेत्रफल की दृष्टि से सर्वाधिक वन आवरण (Forest Cover) वाला जिला है, जबकि 'भदोही' (संत रविदास नगर) राज्य में सबसे कम वन आवरण वाला जिला है। 3. 'भावर' क्षेत्र महीन कणों वाली उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी का मैदान है, जहाँ नदियाँ सतह पर बहती हैं और कृषि के लिए यह क्षेत्र सर्वाधिक उपयुक्त माना जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, कृषि-जलवायु प्रदेशों और प्रमुख फसलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश को कृषि योजना आयोग द्वारा कुल 9 (नौ) विशिष्ट कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) में विभाजित किया गया है, जो राज्य की मृदा, वर्षा और तापमान की भिन्नता पर आधारित हैं। 2. उत्तर प्रदेश के 'बुंदेलखंड क्षेत्र' में मुख्य रूप से लाल और परवा मृदा पाई जाती है, जहाँ सिंचाई के साधनों की पर्याप्त उपलब्धता के कारण धान और गन्ने की खेती राज्य में सर्वाधिक होती है। 3. उत्तर प्रदेश का 'पूर्वी मैदानी क्षेत्र' (Eastern Plain Zone) अधिक वर्षा और जलोढ़ मृदा की उपस्थिति के कारण धान के उत्पादन के लिए अत्यंत उपयुक्त माना जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? → विकास कभी न समाप्त होने वाली प्रक्रिया है, यह कथन किससे संबंधित है?
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