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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप और जलवायु के संदर्भ में, राज्य में ग्रीष्म ऋतु के दौरान चलने वाली अत्यधिक गर्म और शुष्क हवाओं को क्या कहा जाता है, तथा इनकी उत्पत्ति का मुख्य कारण निम्नलिखित में से कौन सा है?

Detailed Explanation

उत्तर प्रदेश में मार्च से मध्य जून तक ग्रीष्म ऋतु रहती है। इस दौरान अत्यधिक तापमान के कारण उत्तर-पश्चिम भारत और थार मरुस्थल क्षेत्र से अत्यधिक गर्म, शुष्क और धूल भरी हवाएं चलती हैं, जिन्हें स्थानीय भाषा में 'लू' (Loo) कहा जाता है। ये हवाएं मानव स्वास्थ्य और शरीर के लिए अत्यंत हानिकारक होती हैं। अतः विकल्प (b) सही है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'नैतिक विकास के मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों' के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) द्वारा प्रतिपादित 'नैतिक विकास का सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत वर्णित तीन प्रमुख स्तरों (पूर्व-पारंपरिक, पारंपरिक, और उत्तर-पारंपरिक) और उनके छह चरणों—विशेष रूप से 'आज्ञापालन और दंड अभिविन्यास', 'व्यक्तिगत पुरस्कार/सापेक्षवादी अभिविन्यास', 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की अभिविन्यास', 'कानून और व्यवस्था अभिविन्यास', 'सामाजिक अनुबंध अभिविन्यास', और 'सार्वभौमिक नैतिक अंतरात्मा अभिविन्यास'—के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप, तथा कैरल गिलिगन (Carol Gilligan) द्वारा कोहलबर्ग के सिद्धांत की आलोचना करते हुए प्रतिपादित 'देखभाल की नैतिकता' (Ethics of Care) के सिद्धांत—जिसमें न्याय के दृष्टिकोण के स्थान पर सहानुभूति, संबंधों और उत्तरदायित्व के आयाम को प्राथमिकता दी जाती है—के वैज्ञानिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मूल्य-आधारित शिक्षा और नैतिक दुविधा (Moral Dilemma) आधारित शिक्षण रणनीतियों में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत और लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अंतर्संबंधों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पियाजे के अनुसार, जब बालक अपनी मौजूदा मानसिक संरचना (Schema) में बिना किसी बड़े बदलाव के नए अनुभव को व्यवस्थित कर लेता है, तो इस प्रक्रिया को 'समावेशन' (Assimilation) कहा जाता है, जबकि कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत में 'पारंपरिक नैतिकता का स्तर' (Conventional Morality) इस बात पर केंद्रित है कि बालक समाज के नियमों, सामाजिक व्यवस्था और दूसरों की स्वीकृति को बनाए रखने के लिए नैतिक निर्णय लेता है। 2. पियाजे की 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) में बालक के भीतर निगमनात्मक तर्क (Deductive Reasoning) और अमूर्त चिंतन की क्षमता पूरी तरह विकसित हो जाती है, जो कोहलबर्ग के नैतिक विकास के 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-conventional Morality) के अंतर्गत आने वाले 'सार्वभौमिक नैतिक विवेक अभिविन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation) को समझने के लिए एक आवश्यक संज्ञानात्मक आधार प्रदान करती है। 3. कोहलबर्ग के अनुसार, नैतिक विकास की अवस्थाएँ अपरिवर्तनीय और सार्वभौमिक होती हैं, और उनका क्रम हमेशा पूर्व-रूढ़िगत से रूढ़िगत तथा अंततः उत्तर-रूढ़िगत स्तर की ओर ही आगे बढ़ता है, जिसे पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के चरणों की तरह पीछे की अवस्था में नहीं लौटाया जा सकता। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना, कृषि-जलवायु प्रदेशों और नदी प्रणालियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश को कुल 9 कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) में विभाजित किया गया है, जहाँ बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' और 'काबर' मृदाएं मूलतः काली मिट्टी के समान होती हैं जो नमी बनाए रखती हैं। 2. उत्तर प्रदेश के भावर और तराई क्षेत्रों में नदियाँ कंकड़-पत्थर और मोटे रेत का जमाव करके उपजाऊ भूभाग का निर्माण करती हैं, जहाँ तराई क्षेत्र में महीन जलोढ़ मिट्टी पाई जाती है जो धान और गन्ने की खेती के लिए अत्यंत उपयुक्त है। 3. उत्तर प्रदेश की प्रमुख नदियाँ जैसे गंगा, यमुना, रामगंगा और गोमती सभी हिमालयी नदियाँ हैं जो सदाबहार रूप से बहती हैं और इनमें कभी भी ग्रीष्मकाल में जलस्तर में कमी नहीं आती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं? बुद्ध की शिक्षाओं और उनके द्वारा स्थापित संघ की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, बौद्ध धर्म की किस संगीति (Council) के दौरान 'स्थविरवाद' और 'महासांगिक' नामक दो प्रमुख संप्रदायों में विभाजन स्पष्ट रूप से सामने आया था और इसका तात्कालिक कारण क्या था? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के द्विकारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory of Intelligence) के संदर्भ में, ब्रिटिश मनोवैज्ञानिक चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) द्वारा प्रतिपादित 'सामान्य बुद्धि' (G-Factor) और 'विशिष्ट बुद्धि' (S-Factor) की अवधारणाओं के वैज्ञानिक स्वरूप तथा उनके संज्ञानात्मक कार्यों में अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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