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बुद्धि के त्रि-आयामी सिद्धांत (Three-Dimensional Theory of Intelligence) के प्रतिपादक जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) के अनुसार, बौद्धिक योग्यताओं या आयामों के कुल घटकों की संख्या प्रारंभिक रूप से कितनी थी, जिन्हें बाद में संशोधित करके बढ़ाया गया?

Detailed Explanation

जे.पी. गिलफोर्ड के बुद्धि के त्रि-आयामी (या त्रि-विमीय) सिद्धांत के अनुसार, बुद्धि को तीन आयामों - संक्रियाओं (Operations), अंतर्वस्तुओं (Contents) और उत्पादों (Products) में वर्गीकृत किया गया है। प्रारंभिक रूप से इन तीनों आयामों के अंतर्गत क्रमशः 5, 4 और 6 श्रेणियां थीं, जिनका गुणनफल (5 × 4 × 6) = 120 बौद्धिक घटक या कोष्ठक बनते थे। बाद के वर्षों में संशोधनों के माध्यम से इनकी संख्या बढ़ाकर पहले 150 और फिर 180 कर दी गई, परंतु मूल रूप से गिलफोर्ड ने 120 घटकों का प्रतिपादन किया था।
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उत्तर प्रदेश के ऊर्जा संसाधनों, तापीय विद्युत गृहों और जलविद्युत परियोजनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश का पहला तापीय विद्युत संयंत्र 'हरदुवागंज तापीय विद्युत गृह' (Harduaganj Thermal Power Station) अलीगढ़ जिले में स्थित है, जिसे रूस के सहयोग से स्थापित किया गया था। 2. 'ओबरा तापीय विद्युत गृह' सोनभद्र जिले में स्थित है, जिसे रिहंद नदी के जल स्रोतों और पास की सिंगराऊनी कोयला खदानों से ऊर्जा आपूर्ति का लाभ मिलता है। 3. 'नरौरा परमाणु विद्युत गृह' (Narora Atomic Power Station) बुलंदशहर जिले में गंगा नदी के तट पर स्थित है, जो उत्तर प्रदेश का एकमात्र परमाणु ऊर्जा संयंत्र है और इसमें प्रेशرाइज्ड हेवी वाटर रिएक्टर (PHWR) तकनीक का उपयोग किया जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? लॉरेंस कोहलवर्ग (Lawrence Kohlberg) के नैतिक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सी अवस्था 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-Conventional Morality) के अंतर्गत आने वाले 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) के चरण की सबसे सटीक विशेषता को दर्शाती है? उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, चट्टानी संरचनाओं और खनिज संसाधनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी पठारी क्षेत्र (बुंदेलखंड और बघेलखंड का भाग) में प्राचीन काल की विंध्यन और आर्कियन क्रम की चट्टानें पाई जाती हैं, जहाँ ग्रेनाइट, संगमरमर, डायमंड और ऐंडालुसाइट जैसे खनिज प्रचुर मात्रा में मिलते हैं। 2. 'सोनभद्र' जिला उत्तर प्रदेश का एकमात्र ऐसा जिला है जहाँ चूना पत्थर (Limestone), कोयला (Coal), और डोलोमाइट (Dolomite) जैसे खनिज बड़े पैमाने पर पाए जाते हैं, और यहीं पर उत्तर प्रदेश का एकमात्र सीमेंट कारखाना भी स्थित है। 3. उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर और सोनभद्र जिलों में पाई जाने वाली नॉन-प्लास्टिक फायर क्ले (Fire Clay) का उपयोग मुख्य रूप से उच्च तापमान सहन करने वाली ईंटों और refractories के निर्माण में किया जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश की प्रमुख जनजातियों (Tribes) और उनकी निवास बहुलता वाले जिलों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. 'थारू जनजाति' - महाराजगंज, सिद्धार्थनगर और खीरी जिलों (विशेष रूप से तराई क्षेत्र) में निवास करती है, और यह दीपावली को 'शोक पर्व' के रूप में मनाती है। 2. 'बुक्सा (बोक्सा) जनजाति' - बिजनौर और आगरा जिलों में मुख्य रूप से पाई जाती है, जो अनुलोम-प्रतिलोम विवाह प्रणालियों और पटवारी व्यवस्था जैसी पारंपरिक पंचायतों को मानती है। 3. 'جونसारी' (जौनसारी) और 'राजी जनजाति' - मुख्य रूप से ललितपुर और महोबा जिलों में पाई जाने वाली अनुसूचित जनजातियाँ हैं, जो कृषि और वन उत्पादों पर निर्भर हैं। 4. 'खरवार जनजाति' - मुख्य रूप से सोनभद्र, बलिया और देवरिया जिलों में पाई जाती है, जो मूल रूप से वीर और क्षत्रिय वंशज होने का दावा करती है और कर्मा इनका प्रमुख नृत्य है। उपर्युक्त युग्मों में से कौन सा/से सही सुमेलित है/हैं? उत्तर प्रदेश के भौगोलिक प्रदेशों और उनकी कृषि-जलवायु विशेषताओं के संदर्भ में, 'विंध्य क्षेत्र' और 'पूर्वी मैदान' के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. विंध्य पर्वतीय एवं पठारी क्षेत्र (जो मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली और प्रयागराज के दक्षिणी भागों में फैला हुआ है) मुख्य रूप से प्राचीन विंध्यन क्रम की बलुआ पत्थर, चूना पत्थर और शेल चट्टानों से निर्मित है, जहाँ की मृदा मुख्य रूप से लाल और पतली होने के कारण कृत्रिम सिंचाई पर अत्यधिक निर्भर है। 2. उत्तर प्रदेश के पूर्वी मैदानी क्षेत्र (पूर्वी उत्तर प्रदेश) में मुख्य रूप से प्राचीन और नवीन जलोढ़ मिट्टियाँ पाई जाती हैं, जिन्हें स्थानीय रूप से 'भाँगर' और 'खादर' कहा जाता है, तथा यहाँ की जलवायु उपोष्ण मानसूनी होने के कारण धान और गन्ने की खेती के लिए यह क्षेत्र अत्यधिक अनुकूल है। 3. विंध्य क्षेत्र की प्रमुख नदियों (जैसे- बेलन, कनहर, रिहंद और टोंस) द्वारा निर्मित घाटियों में पुरापाषाण काल से संबंधित महत्वपूर्ण मानव बस्तियों और जीवाश्मों के साक्ष्य मिले हैं, जो इस क्षेत्र के प्राचीन भौगोलिक महत्व को दर्शाते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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