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भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची के अंतर्गत राज्य सूची (State List) में शामिल विषयों में से निम्नलिखित में से कौन सा विषय उत्तर प्रदेश राज्य के स्थानीय प्रशासन और आर्थिक विकास से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है, जिस पर राज्य विधानमंडल को कानून बनाने की अनन्य शक्ति प्राप्त है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची की 'राज्य सूची' (सूची-II) के अंतर्गत 'बाजार और मेले' (प्रविष्टि 28) स्थानीय प्रशासन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के सांस्कृतिक एवं आर्थिक आयोजनों से प्रत्यक्ष रूप से संबंधित है। इसके अतिरिक्त, आर्थिक और सामाजिक योजनाएं तथा वन समवर्ती सूची (Concurrent List) के विषय हैं, जबकि जनसंख्या नियंत्रण भी समवर्ती सूची का ही हिस्सा है। अतः राज्य सूची के अंतर्गत स्थानीय मेलों और बाजारों पर कानून बनाने का अधिकार पूर्णतः राज्य सरकार के पास होता है।
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उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक, राजनीतिक इतिहास एवं राज्य की संस्थाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन (President's Rule) अब तक सर्वाधिक बार (कुल 10 बार) लगाया जा चुका है, और राज्य के इतिहास में पहली बार राष्ट्रपति शासन वर्ष 1968 में मुख्यमंत्री चंद्रभान गुप्ता के त्यागपत्र देने के उपरांत लागू हुआ था।
2. उत्तर प्रदेश में 'राज्य मानवाधिकार आयोग' (State Human Rights Commission) का गठन मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के प्रावधानों के अंतर्गत वर्ष 2002 में किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य में मानवाधिकारों के उल्लंघन की शिकायतों की जाँच करना है।
3. उत्तर प्रदेश की प्रथम महिला मुख्यमंत्री सुचेता कृपलानी थीं, जिन्होंने वर्ष 1963 से 1967 तक कार्य किया, तथा वे न केवल उत्तर प्रदेश की बल्कि स्वतंत्र भारत के किसी भी राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री थीं।
4. उत्तर प्रदेश लोकायुक्त अधिनियम, 1975 के अंतर्गत नियुक्त होने वाले लोकायुक्त का कार्यकाल वर्तमान संशोधन के अनुसार 8 वर्ष निर्धारित किया गया है, जिन्हें उनके पद से हटाने के लिए विधानसभा में दो-तिहाई बहुमत से महाभियोग प्रस्ताव पारित करना अनिवार्य है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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बच्चों के भाषा विकास (Language Development) के संदर्भ में, नोम चोमस्की (Noam Chomsky) के भाषा अर्जन सिद्धांत (Language Acquisition Theory) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. चोमस्की के अनुसार, बच्चों में भाषा सीखने की एक जन्मजात क्षमता होती है, जिसे 'भाषा अर्जन यंत्र' (Language Acquisition Device - LAD) कहा जाता है, और वे व्याकरण के सार्वभौमिक नियमों (Universal Grammar) के साथ पैदा होते हैं।
2. यह सिद्धांत इस बात पर जोर देता है कि बच्चे अपने पर्यावरण से केवल अनुकरण (Imitation) और पुनर्बलन (Reinforcement) के माध्यम से ही भाषा सीखते हैं, और इसमें जैविक कारकों की कोई विशेष भूमिका नहीं होती है।
3. चोमस्की का यह दृष्टिकोण व्यवहारवादी (Behaviorist) मनोवैज्ञानिकों जैसे बी.एफ. स्किनर के इस दावे का खंडन करता है कि भाषा मुख्य रूप से उद्दीपन-प्रतिक्रिया (Stimulus-Response) और आदत निर्माण के द्वारा सीखी जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता और डिस्ग्राफिया (Dysgraphia - लेखन वैकल्य)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, मारिया मोंटेसरी और आधुनिक न्यूरोसाइंस के 'मोटर-ऑर्थोग्राफिक एकीकरण मॉडल' (Motor-Orthographic Integration Model) के अंतर्गत मस्तिष्क के 'सुप्रीम मोटर एरिया' (SMA), 'इन्फीरियर पैरिएटल लोब' (IPL) और 'सेरेबेलम' (Cerebellum) के बीच दृश्य-स्थानिक समन्वय, मोटर योजना (Motor Planning) और ग्राफिम उत्पादन की सक्रियण विसंगति, तथा रोजा रोटेनबर्ग (Rosa Rotenberg) और आधुनिक न्यूरो-डेवलपमेंटल अध्ययनों के 'स्पेशियो-मोटर डिसफंक्शन' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मल्टीसेंसरी काइनेस्थेटिक शिक्षाशास्त्र (Multisensory Kinesthetic Pedagogy - जैसे उभरे हुए अक्षरों का प्रयोग और अर्गोनॉमिक ग्रिप प्रशिक्षण) और विद्यार्थियों में हस्तलेखन प्रवाह, वर्तनी सटीकता व समग्र लेखन दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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सामाजिक अध्ययन (Social Studies) शिक्षण के अंतर्गत इतिहास शिक्षण की 'प्रत्यक्षदर्शी या स्रोत विधि' (Source Method) का मुख्य शैक्षणिक एवं विश्लेषणात्मक उद्देश्य निम्नलिखित में से क्या है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की निम्नलिखित में से कौन सी एक प्रमुख विशेषता है जो इस चरण को पूर्ववर्ती 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' से अलग करती है?
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