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हिंदी भाषा शिक्षण और व्याकरण के अंतर्गत 'प्रत्यय' (Suffix) की संरचना के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा युग्म ऐसा है जिसमें 'कृत प्रत्यय' (Primary Suffix) का प्रयोग करके एक सही तद्भव शब्द का निर्माण किया गया है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कृत प्रत्यय (Primary Suffix) वे प्रत्यय होते हैं जो क्रिया की धातु (Root verb) के साथ जुड़कर नए शब्दों का निर्माण करते हैं, इन्हें 'कृदंत' शब्द भी कहा जाता है। विकल्प 'ए' में 'लिख' एक क्रिया की धातु है और इसमें 'आवट' प्रत्यय जुड़ने से 'लिखावट' (एक कृदंत संज्ञा) का निर्माण हुआ है। जबकि 'सुंदरता' में 'ता' प्रत्यय (तद्धित प्रत्यय) विशेषण के साथ लगा है, 'लुहार' में 'आर' प्रत्यय संज्ञा 'लोहा' के साथ जुड़ा है।
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उत्तर प्रदेश में 'चर्कुला नृत्य' मुख्य रूप से किस क्षेत्र से संबंधित है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के समकालीन और बहुआयामी सिद्धांतों' के संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) द्वारा प्रतिपादित 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत 'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalist Intelligence) और 'अस्तित्ववादी बुद्धि' (Existentialist Intelligence) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'पैराइटल' और 'फ्रंटल लोब्स' की विशिष्ट कार्यात्मक भूमिका, तथा रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि का त्रितंत्र सिद्धांत' (Triarchic Theory of Intelligence) के अंतर्गत 'घटकीय या विश्लेषणात्मक बुद्धि' (Analytic Intelligence), 'अनुभवात्मक या सृजनात्मक बुद्धि' (Creative Intelligence), और 'व्यावहारिक या प्रासंगिक बुद्धि' (Practical Intelligence) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, विभेदित मूल्यांकन (Differentiated Assessment) और विद्यार्थियों में बहुआयामी क्षमताओं के संतुलित विकास में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के नैतिक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-Conventional Morality) के 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) चरण की निम्नलिखित विशेषताओं पर विचार कीजिए:
1. इस चरण में व्यक्ति का यह मानना होता है कि नियम और कानून समाज के आपसी समझौते या अनुबंध का परिणाम हैं, इसलिए यदि कोई कानून मानवाधिकारों या समाज के बहुसंख्यक कल्याण की रक्षा करने में असफल रहता है, तो उसे बदला जा सकता है।
2. इस स्तर पर नैतिकता पूरी तरह से बाहरी दंड, पुरस्कार या सामाजिक प्रतिष्ठा की चाह पर आधारित होती है, जहाँ व्यक्ति केवल इसलिए नियमों का पालन करता है ताकि वह कानून और व्यवस्था बनाए रखने वाले अधिकारियों की नजर में अच्छा बन सके।
3. यह चरण कोहलबर्ग के सिद्धांत के स्तर-III (Level III) के अंतर्गत आता है, जो सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांतों (Universal Ethical Principles) से ठीक पहले की अवस्था है, और इसमें वैधानिक कानूनों की तुलना में सामाजिक न्याय एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) की विभिन्न अवस्थाओं और प्रमुख प्रज्ञात्मक विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage - लगभग 2 से 7 वर्ष) के दौरान बालकों में 'संरक्षण' (Conservation) का गुण पूरी तरह विकसित हो जाता है, जिसके कारण वे यह भली-भांति समझ लेते हैं कि किसी वस्तु के आकार, रूप या बर्तन बदलने से उसकी मात्रा या आयतन अपरिवर्तित रहता है।
2. 'मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage - लगभग 7 से 11 वर्ष) में बालक वस्तुओं को उनके गुणों के आधार पर वर्गीकृत (Classification) करना, क्रमबद्ध (Seriation) करना और उत्क्रमणीयता (Reversibility) के गुणों को सीख जाता है, लेकिन वह अमूर्त विचारों और काल्पनिक समस्याओं पर तार्किक चिंतन करने में असमर्थ रहता है।
3. 'औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage - 11 वर्ष और उससे आगे) के दौरान किशोरों में 'परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक चिंतन' (Hypothetico-deductive Reasoning) की क्षमता विकसित होती है, जिससे वे अमूर्त रूप से सोचने और विभिन्न संभावनाओं के आधार पर समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान ढूंढने में सक्षम हो जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के लोक नृत्यों और सांस्कृतिक परंपराओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'राई नृत्य' (Rai Dance) बुंदेलखंड क्षेत्र का एक अत्यंत प्रसिद्ध मयूर नृत्य शैली जैसा लोक नृत्य है, जिसे मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और विवाह उत्सवों के दौरान मयूर के पंखों को धारण करके किया जाता है।
2. 'ढोला नृत्य' (Dhola Song-Dance) पश्चिमी उत्तर प्रदेश (विशेषकर आगरा, अलीगढ़ और मेरठ क्षेत्र) में अत्यधिक लोकप्रिय है, जो एक कथा-गायन (Ballad) शैली है और इसमें मुख्य रूप से राजा ढोला और मरूवाणी के प्रेम प्रसंगों का लोक-गायन किया जाता है।
3. 'चरकुला नृत्य' (Charkula Dance), जो ब्रज क्षेत्र का एक विशिष्ट लोक नृत्य है, में महिलाएँ अपने सिर पर रथ के पहिये पर रखे दर्जनों जलते हुए दीपकों (प्रज्वलित दीप-स्तंभ) को संतुलित करते हुए कठिन ताल पर नृत्य करती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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