पर्यावरण संरक्षण अधिनियम किस वर्ष पारित किया गया था?
पर्यावरण संरक्षण अधिनियम (Environment Protection Act) भारत सरकार द्वारा वर्ष 1986 में भोपाल गैस त्रासदी के तुरंत बाद पारित किया गया था।
भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में 'ग्राम पंचायतों के संगठन' का प्रावधान किया गया है?
भारतीय संविधान के भाग-IV (राज्य के नीति निदेशक तत्व) के अंतर्गत अनुच्छेद 40 में ग्राम पंचायतों के संगठन का प्रावधान किया गया है।
भारतीय संविधान के किस भाग को 'संविधान की आत्मा' कहा जाता है?
भारतीय संविधान की प्रस्तावना (Preamble) को संविधान की आत्मा माना जाता है, क्योंकि यह संविधान के आदर्शों और उद्देश्यों को स्पष्ट करती है।
राष्ट्रीय उद्यान 'कतरनियाघाट वन्यजीव विहार' उत्तर प्रदेश के किस जनपद में स्थित है?
कतरनियाघाट वन्यजीव विहार उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में स्थित है जो दुधवा टाइगर रिजर्व का हिस्सा है।
राष्ट्रीय चंबल वन्यजीव विहार उत्तर प्रदेश के किस जनपद में स्थित है?
राष्ट्रीय चंबल वन्यजीव विहार उत्तर प्रदेश के आगरा जनपद में चंबल नदी के तट पर स्थित है, जो मुख्य रूप से घड़ियालों के संरक्षण के लिए प्रसिद्ध है।
राष्ट्रीय उद्यान 'चंद्र प्रभा वन्यजीव विहार' उत्तर प्रदेश के किस जनपद में स्थित है?
चंद्र प्रभा वन्यजीव विहार उत्तर प्रदेश के चंदौली जनपद में स्थित है। इसकी स्थापना 1957 में वन्य जीवों के संरक्षण के लिए की गई थी।
उत्तर प्रदेश के किस जनपद में 'कनौजिया' या 'दादरी मेला' आयोजित किया जाता है?
दादरी मेला उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में प्रतिवर्ष आयोजित किया जाने वाला एक प्रसिद्ध मेला है, जो कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर लगता है।
ले वाइगोत्스키 के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत में विकास का मुख्य आधार किसे माना गया है?
ले वाइगोत्스키 के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के अनुसार, बच्चों का संज्ञानात्मक विकास समाज और संस्कृति के साथ अंतःक्रिया (Social Interaction) के माध्यम से होता है।
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' की आयु अवधि क्या है?
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था 11 वर्ष से वयस्कता (आगे) तक की आयु अवधि होती है, जिसमें किशोरों में अमूर्त चिंतन की क्...
भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत 'अस्पृश्यता का अंत' किया गया है?
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 17 के तहत अस्पृश्यता (छुआछूत) का अंत किया गया है और किसी भी रूप में इसका आचरण करना दंडनीय अपराध घोषित किया गया है।