बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (CDP) — प्रश्न, व्याख्या और मॉक टेस्ट
CTET, UPTET और BPSC TRE जैसी शिक्षक भर्ती परीक्षाओं के लिए विकास के सिद्धांत, अधिगम, बुद्धि-व्यक्तित्व, समावेशी शिक्षा, शिक्षण विधियाँ और मूल्यांकन के मुफ़्त MCQ, हर उत्तर की विस्तृत व्याख्या के साथ।
वाइगोत्सकी के अनुसार, 'विकास' (Development) के लिए 'भाषा' (Language) क्या है?
📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत: लेव वाइगोत्सकी के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत (Socio-Cultural Theory) के अनुसार, भाषा बालकों के संज्ञानात्मक विकास और चिंतन (Thinking) को…
सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) के संदर्भ में 'आकलन (Assessment)' और 'मूल्यांकन (Evaluation)' के बीच का सबसे सूक्ष्म और तार्किक अंतर निम्नलिखित में से कौन सा है?
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र में सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) के अंतर्गत आकलन (Assessment) और मूल्यांकन (Evaluation) दोनों भिन्न लेकिन परस्पर पूरक अवधारणाएँ हैं।
बुद्धि परीक्षण के लिए 'WISC' का वर्तमान स्वरूप क्या मापता है?
📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत: 'WISC' का पूर्ण रूप 'वीक्स्लर इंटेलिजेंस स्केल फॉर चिल्ड्रेन' (Wechsler Intelligence Scale for Children) है, जिसे डेविड वीक्स्लर द्वारा…
जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Cognitive Development Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित तीन निरूपण प्रणालियों—(1) क्रियात्मक निरूपण (Enactive Representation), (2) दृश्य/प्रतिबिम्बात्मक निरूपण (Iconic Representation), और (3) प्रतीकात्मक…
Read more →समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में 'सार्वभौमिक रूप से डिजाइन किया गया अधिगम' (Universal Design for Learning - UDL) का मुख्य शैक्षिक उद्देश्य निम्नलिखित में से क्या है?
समावेशी शिक्षा के अंतर्गत 'सार्वभौमिक रूप से डिजाइन किया गया अधिगम' (Universal Design for Learning - UDL) एक ऐसा शिक्षण उपागम है जो सभी शिक्षार्थियों के लिए सीखने की…
जीन पियाजे के अनुसार संज्ञानात्मक विकास की किस अवस्था को 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' कहा जाता है?
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, मूर्त संक्रियात्मक अवस्था 7 वर्ष से 11 वर्ष की आयु तक होती है, जिसमें बच्चा तार्किक रूप से सोचने लगता है।