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UPTET — Free MCQ Questions & Mock Test
Clear filterउत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर की तैयारी के लिए यह विशेष शिक्षण अनुभाग है। इस पेज पर आप बाल विकास, शिक्षण विधियों, हिंदी व्याकरण और अन्य अनिवार्य विषयों के मानक प्रश्नों का अभ्यास कर सकते हैं, जो नवीनतम परीक्षा पैटर्न पर आधारित हैं।
🎯 245 Mock Tests Khelein
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प्राचीन भारतीय इतिहास, वैदिक साहित्य और उत्तर प्रदेश के पौराणिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश के 'प्रयागराज' (इलाहाबाद) के समीप स्थित 'झूँसी' (प्रतिष्ठानपुर) प्राचीन काल में वत्स महाजनपद की राजधानी थी, जिसे चंद्रवंशी राजा पुरूरवा की राजधानी के रूप में भी पुराणों में वर्णित किया गया है। 2. बौद्ध साहित्य में वर्णित 'सारनाथ' (ऋषिपत्तनम या मृगदाव), जहाँ गौतम बुद्ध ने अपना प्रथम उपधर्मचक्र प्रवर्तन दिया था, उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में गंगा और वरुणा नदियों के संगम के अत्यंत निकट स्थित है। 3. 'कौशाम्बी', जो प्राचीन काल में वत्स महाजनपद की राजधानी थी, जैन धर्म के छठे तीर्थंकर पद्मप्रभ की जन्मस्थली के रूप में भी प्रसिद्ध है, और यहाँ सम्राट अशोक द्वारा स्थापित एक प्रमुख स्तंभ लेख भी पाया गया है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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बुद्धि के त्रि-आयामी (Structure of Intellect) सिद्धांत और बहुबुद्धि (Multiple Intelligences) सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) के त्रि-आयामी मॉडल के अनुसार बुद्धि कुल तीन विमाओं - संक्रियाएँ (Operations), विषय-वस्तु (Contents) और उत्पाद (Products) के रूप में कार्य करती है, जिसमें मूल रूप से बौद्धिक योग्यताओं की कुल संख्या 120 थी जिसे बाद में बढ़ाकर 180 किया गया। 2. हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) ने अपने 'बहुबुद्धि सिद्धांत' में बुद्धि को एक एकल एकीकृत इकाई न मानकर आठ (और बाद में नौ) स्वतंत्र प्रकार की बुद्धियों का समुच्चय माना है, जिसमें 'संगीत आत्मक बुद्धि' (Musical Intelligence) और 'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalist Intelligence) भी शामिल हैं। 3. गिलफोर्ड के मॉडल में 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking) को विषय-वस्तु (Contents) आयाम के अंतर्गत रखा गया है, जबकि गार्डनर के सिद्धांत में सृजनात्मकता को पूरी तरह से नकार दिया गया है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली, वैदिक काल के गुरुकुल और उत्तर प्रदेश में स्थित प्रमुख प्राचीन शिक्षा केंद्रों व आश्रमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश के वर्तमान 'बलिया' जिले के समीप स्थित प्राचीन काल में महर्षि भृगु का 'भृगु क्षेत्र' और 'नैमिषारण्य' (वर्तमान सीतापुर जिला) वैदिक काल से ही तपस्या, पुराण कथाओं और शिक्षा के प्रमुख केंद्र रहे हैं, जहाँ महर्षि शौनकादि ऋषियों ने हजारों शिष्यों को शिक्षा प्रदान की थी। 2. वाराणसी (ऋषिपत्तनम/काशी) प्राचीन काल से ही उपनिषद कालीन दर्शन, व्याकरण और बौद्ध शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र रहा है, जहाँ काशी के राजा अजातशत्रु और उपनिषद काल के प्रसिद्ध दार्शनिक गार्गी व याज्ञवल्क्य के संवादों का उल्लेख मिलता है। 3. प्राचीन काल में 'सारनाथ' केवल बौद्ध धर्म का ही नहीं, बल्कि वज्रयान और महायान संप्रदायों से जुड़े शिक्षण का भी एक प्रतिष्ठित केंद्र था, जिसका उल्लेख चीनी यात्री ह्वेनसांग (Hiuen Tsang) के यात्रा वृत्तांतों में भी विस्तार से मिलता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली, वैदिक काल और उत्तर प्रदेश के प्रमुख शैक्षणिक व दार्शनिक केंद्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश के 'वाराणसी' (काशी) को प्राचीन काल से ही वेदों, उपनिषदों और दर्शनशास्त्र की उच्च शिक्षा का प्रमुख केंद्र माना जाता रहा है, जहाँ उपनिषद काल में काशिराज अजातशत्रु और दार्शनिक उद्दालक आरुणि जैसे विद्वानों की सभाओं का उल्लेख मिलता है। 2. 'नैमिषारण्य' (वर्तमान सीतापुर जिला), जिसका उल्लेख पुराणों में 80,000 ऋषियों की तपोभूमि के रूप में मिलता है, प्राचीन वैदिक संस्कृति और पुराणों के श्रवण-वाचन का एक अत्यंत पवित्र अरण्य (वन) केंद्र था। 3. बौद्ध काल में उत्तर प्रदेश के 'श्रावस्ती' स्थित जेतवन आर्म (Jetavana) और 'कौशाम्बी' स्थित घोषइटाराम विहार केवल धार्मिक गतिविधियों के केंद्र थे, और यहाँ किसी भी प्रकार की उच्च बौद्ध शिक्षा या तार्किक दर्शन की शिक्षा देने की कोई व्यवस्था नहीं थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना, कृषि जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) और प्रमुख फसल पैटर्नों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश को योजना आयोग द्वारा कुल 9 कृषि जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) में विभाजित किया गया है, जहाँ विभिन्न प्रकार की मृदा जैसे जलोढ़ (Alluvial), लाल और भूरी तथा बिन्द क्षेत्र की हल्की मृदा पाई जाती है। 2. राज्य के पश्चिमी मैदानी क्षेत्र में मुख्य रूप से कैल्केरियस और क्षारीय मृदा की अधिकता पाई जाती है, जिसे स्थानीय रूप से 'रूहेलखंड' या 'रेह' (Reh) कहा जाता है, जो गन्ने और गेहूँ की खेती के लिए सर्वथा अनुपयुक्त होती है। 3. बुंदेलखंड क्षेत्र की प्रमुख मृदा 'मार' (Mar) और 'काबर' (Kabar) हैं, जो चिकनी और काले रंग की होती हैं, तथा इनमें नमी धारण करने की अपूर्व क्षमता होती है, जिसके कारण बिना सिंचाई के भी रबी की फसलें (जैसे चना और मटर) उगाई जा सकती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, भू-गर्भिक संरचना और खनिज संसाधनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश का दक्षिणी पठारी क्षेत्र (जिसे बुंदेलखंड पठार भी कहा जाता है) प्रायद्वीपीय भारत के पठार का ही उत्तरी विस्तार है, जहाँ प्राचीन रवेदार चट्टानों (Archean Rocks) में ग्रेनाइट, गनीस और संगमरमर प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। 2. राज्य के सोनभद्र और मिर्जापुर जिलों में चूना पत्थर (Limestone), कोयला (Non-coking coal) और डोलोमाइट के महत्वपूर्ण भंडार पाए जाते हैं, जबकि उत्तर प्रदेश का कांच बालू (Glass Sand) उत्पादन में देश में अग्रणी स्थान है। 3. तराई और भाभर क्षेत्रों में पाई जाने वाली नवीन जलोढ़ मृदा को स्थानीय रूप से 'खादर' कहा जाता है, जिसमें पोटाश और चूने की प्रचुरता होती है, और यह क्षेत्र बॉक्साइट तथा यूरेनियम के खनन के लिए पूरे उत्तर भारत में प्रसिद्ध है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना, भूवैज्ञानिक विशेषताओं और कृषि-पारिस्थितिकी (Agro-Ecological) क्षेत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी पठारी क्षेत्र (बुंदेलखंड क्षेत्र) में पाई जाने वाली 'मार' और 'काबर' मृदाएँ क्रमशः काली और चिकनी होती हैं, जिनमें अत्यधिक नमी धारण करने की क्षमता होती है, लेकिन ये सिंचाई के अभाव में अत्यधिक ठोस और दरारयुक्त हो जाती हैं। 2. राज्य के पश्चिमी मैदानी और तराई क्षेत्रों में भूमिगत जल के अत्यधिक दोहन और नहरों के रिसाव के कारण क्षारयुक्त और रेतीली मृदा का विस्तार हुआ है, जिसे स्थानीय रूप से 'भूड़' (Bhoor) या 'रेह' (Reh) कहा जाता है, जो कृषि के लिए अत्यधिक उपजाऊ मानी जाती है। 3. उत्तर प्रदेश की नवीन जलोढ़ मृदा को 'खादर' कहा जाता है, जो प्रतिवर्ष बाढ़ के पानी द्वारा लाई जाती है और इसमें पोटाश तथा चूने की प्रचुरता होती है, जबकि पुरानी जलोढ़ मृदा को 'बांगर' कहा जाता है जो बाढ़ के मैदानों से दूर ऊँचे स्थानों पर पाई जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप और अपवाह तंत्र (Drainage System) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश के मैदानी भाग में प्रवाहित होने वाली अधिकांश नियाँ (जैसे- गंगा, यमुना, गोमती और घाघरा) हिमालयी या मैदानी उद्गम वाली हैं, जिनमें गोमती नदी का उद्गम पीलीभीत जिले की फुलहर झील (माधोटाट) से होता है और यह एकमात्र ऐसी नदी है जो मैदानी तल से निकलती है। 2. बुंदेलखंड के पठारी क्षेत्र से बहने वाली नदियाँ (जैसे- चंबल, बेतवा, केन और टोंस) दक्षिण से उत्तर की ओर प्रवाहित होती हैं और यमुना या सीधे गंगा नदी में मिलती हैं, तथा इन नदियों द्वारा क्षेत्र में 'बीहड़' (Ravines) का निर्माण किया गया है। 3. सोन नदी उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर और सोनभद्र जिलों से होकर बहने वाली एक प्रमुख नदी है, जो गंगा की एक सीधी सहायक नदी है और यह अपने मार्ग में रिहन्द बाँध जैसी बहुउद्देशीय परियोजनाओं का जल पोषण करती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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पारिस्थितिकी तंत्र और जैव-भू-रासायनिक चक्रों (Biogeochemical Cycles) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. नाइट्रोजन चक्र के दौरान, वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण (Nitrogen Fixation) केवल राइजोबियम जैसे सहजीवी जीवाणुओं द्वारा लेग्यूमिनस पौधों की जड़ों में होता है, और इसमें स्वतंत्र रूप से रहने वाले (Free-living) सूक्ष्मजीवों की कोई भूमिका नहीं होती है। 2. फास्फोरस चक्र एक अवसादी चक्र (Sedimentary Cycle) है, जिसका कोई वायुमंडलीय भंडार नहीं होता है, और यह चक्र मुख्य रूप से चट्टानों के अपक्षय (Weathering) तथा समुद्री तलछट के माध्यम से संचालित होता है। 3. कार्बन चक्र में प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) वायुमंडल से कार्बन डाइऑक्साइड को हटाने का मुख्य प्राकृतिक तंत्र है, जबकि श्वसन और जीवाश्म ईंधनों का दहन इसे वापस वायुमंडल में मुक्त करते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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