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UPTET — Free MCQ Questions & Mock Test

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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर की तैयारी के लिए यह विशेष शिक्षण अनुभाग है। इस पेज पर आप बाल विकास, शिक्षण विधियों, हिंदी व्याकरण और अन्य अनिवार्य विषयों के मानक प्रश्नों का अभ्यास कर सकते हैं, जो नवीनतम परीक्षा पैटर्न पर आधारित हैं।

🎯 245 Mock Tests Khelein

बच्चों के सामाजिक-नैतिक विकास और अल्बर्ट बंडूरा के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बंडूरा के अनुसार बच्चे अपने परिवेश में दूसरों के व्यवहार को देखकर, उसका अवलोकन करके और उसका अनुकरण (Imitation) करके सीखते हैं, जिसे 'प्रेक्षणात्मक अधिगम' (Observational Learning) कहा जाता है। 2. 'बॉबो डॉल प्रयोग' (Bobo Doll Experiment) के माध्यम से बंडूरा ने यह सिद्ध किया कि बच्चों में आक्रामक व्यवहार की प्रवृत्ति जन्मजात होती है और इस पर पर्यावरणीय पुरस्कार या दंड का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। 3. सामाजिक अधिगम की प्रक्रिया में 'प्रतिमांचरण' या 'मॉडलिंग' (Modeling) के चार प्रमुख चरण होते हैं - ध्यान (Attention), धारण (Retention), पुनरुत्पादन (Reproduction) और अभिप्रेरण/पुनर्बलन (Motivation/Reinforcement)। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

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उत्तर प्रदेश के वन संसाधनों, प्रशासनिक वर्गीकरण और राष्ट्रीय वन नीति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश की 'राज्य वन नीति' के अनुसार, राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 33 प्रतिशत भाग वनों और वृक्षों से आच्छादित करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि वर्तमान में वास्तविक वनाच्छादन इस लक्ष्य से काफी कम है। 2. भारतीय वन सर्वेक्षण (FSI) की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश के भौगोलिक क्षेत्र में सबसे अधिक वनावरण प्रतिशत वाला जिला 'सोनभद्र' है, जबकि क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे कम वनावरण वाला जिला 'भदोही' (संत रविदास नगर) है। 3. उत्तर प्रदेश के वनों को प्रशासनिक दृष्टि से 'आरक्षित वन' (Reserved Forests), 'संरक्षित वन' (Protected Forests) और 'अवर्गीकृत वन' (Unclassified Forests) में वर्गीकृत किया गया है, जिसमें से सबसे बड़ा क्षेत्रफल 'संरक्षित वनों' के अंतर्गत आता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

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पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) में ऊर्जा के प्रवाह और जैव-रासायनिक चक्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह हमेशा 'एकदिशीय' (Unidirectional) होता है, जिसमें सूर्य से प्राप्त सौर ऊर्जा का केवल 1 प्रतिशत भाग ही हरे पौधों द्वारा प्रकाश संश्लेषण के माध्यम से रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है (लिंडेमैन का 10 प्रतिशत नियम ऊर्जा के हस्तांतरण को दर्शाता है)। 2. 'जैव-भू-रासायनिक चक्र' (Biogeochemical Cycles) के अंतर्गत पोषक तत्वों का चक्रीकरण होता है, जिसमें 'अवसादी चक्र' (Sedimentary Cycle) के प्रमुख उदाहरण नाइट्रोजन चक्र और कार्बन चक्र हैं, जबकि 'गैसीय चक्र' (Gaseous Cycle) के अंतर्गत फास्फोरस और गंधक (Sulfur) चक्र आते हैं। 3. पारिस्थितिक पिरामिडों में, तालाब के पारिस्थितिकी तंत्र का 'जीवभार का पिरामिड' (Pyramid of Biomass) सामान्यतः 'उल्टा' (Inverted) बनता है, क्योंकि इसमें प्राथमिक उत्पादकों (पादपप्लवक) का कुल भार उच्च पोषण स्तर के उपभोक्ताओं (मछलियों) की तुलना में बहुत कम होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

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उत्तर प्रदेश के ऊर्जा संसाधनों, तापीय तथा जल विद्युत परियोजनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश की पहली तापीय विद्युत परियोजना (Thermal Power Plant) 'हरदुवागंज तापीय विद्युत गृह' है, जो अलीगढ़ जिले में स्थित है और इसकी स्थापना स्वतंत्र भारत से पूर्व ही वर्ष 1942 में की गई थी। 2. सोनभद्र जिले का 'ओबरा' क्षेत्र तापीय और जल विद्युत दोनों प्रकार की ऊर्जा उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है, जहाँ रिहंद नदी पर बने बांध के निकट ओबरा जल विद्युत केंद्र स्थापित किया गया है। 3. उत्तर प्रदेश राज्य में वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने के लिए 'उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी' (UPNEDA) की स्थापना वर्ष 1983 में की गई थी, जो राज्य में सौर ऊर्जा पार्कों के विकास का मुख्य कार्य करती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

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उत्तर प्रदेश की मृदा एवं कृषि प्रणालियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' (Mar) और 'काबर' (Kabar) मृदाएँ चिकनी मिट्टी की प्रधानता वाली होती हैं, जो अत्यधिक जल ग्रहण करने की क्षमता रखती हैं और सूखने पर इनमें गहरी दरारें पड़ जाती हैं। 2. उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में मिलने वाली 'धूर' या 'बलुई-दोमट' मृदा कृषि के लिए बिल्कुल अनुपयुक्त होती है क्योंकि इसमें नाइट्रोजन और ह्यूमस की मात्रा शून्य होती है। 3. उत्तर प्रदेश में कुल 9 कृषि-जलवायु क्षेत्र (Agro-Climatic Zones) हैं, जो राज्य की विविध भौगोलिक और climatic परिस्थितियों को दर्शाते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पियाजे के अनुसार 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage - लगभग 2 से 7 वर्ष) के दौरान बच्चों में 'संरक्षण' (Conservation) का गुण पूरी तरह से विकसित हो जाता है, जिससे वे किसी वस्तु के रूप या आकार में परिवर्तन होने पर भी उसके आयतन, द्रव्यमान और संख्या को अपरिवर्तित समझ सकते हैं। 2. 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage - लगभग 7 से 11 वर्ष) में बालक वस्तुओं को उनके गुणों के आधार पर वर्गीकृत करने (Classification) तथा 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) की क्षमता प्राप्त कर लेता है, जिससे वह किसी समस्या को एक से अधिक दृष्टियों से देख सकता है। 3. 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage - 11 वर्ष से आगे) में किशोरों के भीतर 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) और परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क (Hypothetico-Deductive Reasoning) की क्षमता का पूर्ण विकास हो जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

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उत्तर प्रदेश के खनिज संसाधनों और उनके प्रमुख खनन क्षेत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में देश के सबसे बड़े 'स्वर्ण भंडार' (Gold Reserves) पाए गए हैं, विशेष रूप से सोनभद्र के सोनभद्र और हरदी क्षेत्रों में, जहाँ भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) द्वारा भारी मात्रा में सोने की उपस्थिति की पुष्टि की गई है। 2. मिर्जापुर और सोनभद्र जिलों में 'चूना पत्थर' (Limestone) के विशाल भंडार हैं, जिनका उपयोग मुख्य रूप से चुर्क, डल्ला और डाला जैसे स्थानों पर स्थित सीमेंट कारखानों में किया जाता है। 3. उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में 'यूरेनियम' (Uranium), 'तांबा' (Copper) और 'रॉक फॉस्फेट' (Rock Phosphate) के महत्वपूर्ण भंडार पाए जाते हैं, जो राज्य का एकमात्र यूरेनियम उत्पादक जिला है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक विस्तार, अक्षांश-देशांतर स्थिति और उसकी सीमाओं से जुड़े निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश राज्य का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल भारत के कुल क्षेत्रफल का लगभग 7.33 प्रतिशत है, जो इसे क्षेत्रफल की दृष्टि से राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बाद देश का चौथा सबसे बड़ा राज्य बनाता है। 2. उत्तर प्रदेश की पूर्वी सीमा बिहार और झारखंड से लगती है, जबकि इसकी सबसे लंबी अंतर-राज्यीय सीमा मध्य प्रदेश राज्य के साथ स्पर्श करती है, जो इसके दक्षिणी भाग को घेरे हुए है। 3. उत्तर प्रदेश का सबसे पूर्वी जिला बलिया है और सबसे पश्चिमी जिला शामली है, जबकि राज्य की उत्तरी सीमा को स्पर्श करने वाला एकमात्र अंतरराष्ट्रीय देश नेपाल है, जो राज्य के सात जिलों (महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी और पीलीभीत) से सीमा साझा करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत एवं लेव वायगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांत के तुलनात्मक संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पियाजे का मानना था कि बालक का संज्ञानात्मक विकास उसकी जैविक परिपक्वता (Biological Maturation) और पर्यावरण के साथ सक्रिय भौतिक अन्वेषण से पहले होता है, जबकि भाषा इस विकास का उपोत्पाद (By-product) मात्र है। 2. वायगोत्स्की के अनुसार भाषा और चिंतन आरंभ में दो स्वतंत्र और अलग गतिविधियाँ होती हैं, लेकिन लगभग 2 वर्ष की आयु के आसपास बालक के भीतर भाषा और विचार आपस में मिल जाते हैं, जिससे बालक 'आंतरिक वाक्' (Inner Speech) के माध्यम से अपने चिंतन को विनियमित करना सीखता है। 3. पियाजे के सिद्धांत में 'बालक को एक छोटा वैज्ञानिक' (Little Scientist) माना गया है जो ज्ञान का निर्माण स्वयं अपने स्वतंत्र प्रयासों से करता है, जबकि वायगोत्स्की के सिद्धांत में ज्ञान के सह-निर्माण (Co-construction) के लिए सामाजिक अंतःक्रिया और सांस्कृतिक उपकरणों को केंद्रीय महत्व दिया गया है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

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बाल विकास के संदर्भ में 'बुद्धि के द्विकारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory of Intelligence) और 'समूह कारक सिद्धांत' (Group Factor Theory) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. चार्ल्स स्पीयरमैन द्वारा प्रतिपादित 'द्विकारक सिद्धांत' के अनुसार, प्रत्येक मानसिक गतिविधि में दो प्रकार की मानसिक ऊर्जाएँ कार्य करती हैं - 'सामान्य कारक' (g-factor) जो जन्मजात और सार्वभौमिक होता है, तथा 'विशिष्ट कारक' (s-factor) जो अर्जित और भिन्न-भिन्न कार्यों के लिए अलग-अलग होता है। 2. लुई थरस्टन (L.L. Thurstone) के 'समूह कारक सिद्धांत' (Primary Mental Abilities Theory) के अनुसार बुद्धि किसी एक सामान्य कारक पर निर्भर नहीं करती, बल्कि यह सात प्रमुख प्राथमिक मानसिक योग्यताओं (जैसे- मौखिक अर्थ, स्थानिक संबंध, संख्यात्मक क्षमता आदि) का एक समूह होती है। 3. स्पीयरमैन ने अपने सिद्धांत के समर्थन में 'कारक विश्लेषण' (Factor Analysis) सांख्यिकी तकनीक का प्रयोग किया था, और उनके अनुसार उच्च स्तर के बौद्धिक कार्यों के निष्पादन के लिए 's-factor' की प्रधानता सबसे अधिक होती है, जबकि 'g-factor' का कोई विशेष योगदान नहीं होता। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

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