विकास के प्रमुख सिद्धांतकार — MCQ प्रश्न, व्याख्या एवं मॉक टेस्ट
Clear filterपियाजे, वाइगोत्स्की, कोहलबर्ग, एरिक्सन, ब्रूनर, बंडूरा, फ्रायड, मास्लो आदि।
जीन पियाजे के अनुसार, किस अवस्था में बच्चा 'वस्तु स्थायित्व' (Object Permanence) की समझ विकसित कर लेता है?
संवेदी-पेशीय अवस्था (0-2 वर्ष) में बच्चा यह समझ जाता है कि वस्तुएँ तब भी मौजूद रहती हैं जब वे आँखों से ओझल हो जाती हैं।
जीन पियाजे के अनुसार, किस अवस्था में बालक 'अहंकेन्द्रित' (Egocentric) व्यवहार प्रदर्शित करता है?
पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (2-7 वर्ष) में बच्चा यह मानने में असमर्थ होता है कि दूसरे का नजरिया उसके नजरिए से अलग हो सकता है।
पियाजे के अनुसार, 'मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) में बच्चे की मुख्य तार्किक विशेषता क्या है?
मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था में बच्चा यह समझने लगता है कि वस्तु का आकार या रूप बदलने पर भी उसकी मात्रा या द्रव्यमान स्थिर रहता है (संरक्षण)।
कोहलबर्ग के 'नैतिक विकास' सिद्धांत का तीसरा चरण 'गुड बॉय-नाइस गर्ल' (Good Boy-Nice Girl) किस अवस्था की विशेषता है?
परंपरागत स्तर के इस चरण में बालक सामाजिक अपेक्षाओं को पूरा करने और दूसरों की नजरों में एक अच्छा व्यक्ति बनने के लिए नैतिकता का पालन करता है।
वाइगोत्सकी के अनुसार, 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (ZPD) किसमें सहायक है?
ZPD का उद्देश्य बालक को बड़ों की मदद से उस क्षमता स्तर तक पहुँचाना है जिसे वह अकेले हासिल नहीं कर सकता था।
पियाजे के अनुसार, 'औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) का प्रमुख लक्षण क्या है?
इस अवस्था में किशोर परिकल्पनाएं बनाने और उनका तार्किक परीक्षण करने में सक्षम हो जाते हैं।
पियाजे के अनुसार, 'क्रमबद्धता' (Seriation) की क्षमता किस अवस्था में विकसित होती है?
मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था (7-11 वर्ष) में बालक वस्तुओं को उनके आकार, वजन या लंबाई के आधार पर क्रमबद्ध करने की क्षमता प्राप्त कर लेता है।
पियाजे के अनुसार, 'औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) का मुख्य गुण क्या है?
औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था (11+ वर्ष) में बालक अमूर्त चिंतन करने और परिकल्पनाएं बनाने में सक्षम हो जाता है।