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पियाजे के अनुसार, विकास की पहली अवस्था (जन्म से लगभग 2 वर्ष आयु) के दौरान बच्चा सबसे बेहतर सीखता है:
पियाजे की संवेदी-पेशीय अवस्था में बच्चा अपनी इंद्रियों (Sensory) और क्रियाओं के माध्यम से पर्यावरण को समझता है।
जीन पियाजे के अनुसार, बच्चे किस अवस्था में वस्तुओं को वर्गीकृत करने और उनके गुणों को समझने में सक्षम हो जाते हैं?
मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था (7-11 वर्ष) में बच्चे वस्तुओं को वर्गीकृत करने और उनके गुणों (जैसे आकार, वजन) को समझने में सक्षम हो जाते हैं।
पियाजे के अनुसार, 'अहमकेंद्रित' (Egocentrism) व्यवहार किस अवस्था की मुख्य विशेषता है?
पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (2-7 वर्ष) में बच्चा यह मानता है कि दुनिया उसके नजरिए से ही देखती है, जिसे आत्मकेंद्रित व्यवहार कहते हैं।
पियाजे के अनुसार, 'वस्तु स्थायित्व' (Object Permanence) का गुण किस अवस्था में विकसित होता है?
वस्तु स्थायित्व का अर्थ है यह समझना कि वस्तुएं तब भी मौजूद रहती हैं जब वे दिखाई न दें। यह गुण संवेदी-पेशीय अवस्था (0-2 वर्ष) में विकसित होता है।
पियाजे के अनुसार 'मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) की मुख्य विशेषता क्या है?
मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था में बच्चे मूर्त वस्तुओं के आधार पर तार्किक चिंतन करने और उन्हें समझने में सक्षम हो जाते हैं।
पियाजे के अनुसार, 'औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) का मुख्य गुण क्या है?
औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था (11+ वर्ष) में बालक अमूर्त चिंतन करने और परिकल्पनाएं बनाने में सक्षम हो जाता है।
पियाजे के अनुसार, 'संवेगात्मक विकास' (Emotional Development) किस अवस्था में सबसे अधिक सामाजिक होता है?
किशोरावस्था में सामाजिक संबंध और संवेगात्मक विकास सबसे अधिक सक्रिय और गहरा होता है, जहाँ किशोरों का ध्यान सामाजिक स्वीकृति पर होता है।
पियाजे के अनुसार, 'संवेदी-पेशीय अवस्था' (Sensorimotor Stage) की अवधि क्या है?
संवेदी-पेशीय अवस्था (Sensorimotor Stage) जन्म से 2 वर्ष तक की अवधि है, जिसमें बच्चा इंद्रियों के माध्यम से सीखता है।
पियाजे के अनुसार, 'क्रमबद्धता' (Seriation) की क्षमता किस अवस्था में विकसित होती है?
मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था (7-11 वर्ष) में बालक वस्तुओं को उनके आकार, वजन या लंबाई के आधार पर क्रमबद्ध करने की क्षमता प्राप्त कर लेता है।
पियाजे के अनुसार 'आत्मसात्करण' (Assimilation) क्या है?
आत्मसात्करण का अर्थ है नई सूचनाओं या अनुभवों को वर्तमान मानसिक स्कीमा (Schema) में समाहित करना।
पियाजे के अनुसार, 'स्कीमा' (Schema) क्या है?
स्कीमा वे मानसिक संरचनाएं हैं जो हमें जानकारी को व्यवस्थित और व्याख्या करने में मदद करती हैं।
पियाजे के अनुसार 'समायोजन' (Accommodation) की प्रक्रिया क्या है?
समायोजन वह प्रक्रिया है जिसमें व्यक्ति नई जानकारी के साथ तालमेल बिठाने के लिए अपने मौजूदा स्कीमा या मानसिक संरचनाओं में बदलाव करता है।
पियाजे के अनुसार, कौन सी अवस्था में 'अमूर्त तार्किक चिंतन' (Abstract Logical Thinking) विकसित होता है?
औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था (11 वर्ष से ऊपर) में बालक परिकल्पनात्मक और अमूर्त रूप से तर्क करने में सक्षम हो जाता है।
पियाजे के अनुसार, 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage) की मुख्य विशेषता क्या है?
पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (2-7 वर्ष) की मुख्य विशेषता प्रतीकात्मक विचारों का विकास और भाषा का उपयोग करना है।
पियाजे के अनुसार, 'मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) की समयावधि क्या है?
मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था (7-11 वर्ष) वह चरण है जिसमें बालक तार्किक रूप से मूर्त वस्तुओं के बारे में सोच सकता है।
पियाजे के अनुसार, 'प्रतीकात्मक खेल' (Symbolic Play) किस अवस्था की विशेषता है?
पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (2-7 वर्ष) में बच्चे प्रतीकात्मक खेल खेलते हैं, जहाँ वे एक वस्तु को दूसरी वस्तु का प्रतीक मानकर खेलते हैं।
पियाजे के अनुसार, 'संरक्षण' (Conservation) की अवधारणा किस अवस्था में विकसित होती है?
मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था (7-11 वर्ष) में बालक यह समझने लगता है कि किसी वस्तु के रूप या आकार बदलने से उसकी मात्रा में परिवर्तन नहीं होता, इसे ही संरक्षण (Conservation) कह...
पियाजे के अनुसार, 'अहंकेन्द्रित वाक' (Egocentric Speech) का क्या महत्व है?
पियाजे के अनुसार, पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था में बच्चा जो स्वयं से बातें करता है (Egocentric Speech), वह उसके चिंतन के विकास का हिस्सा है।
पियाजे के अनुसार, 'क्रमबद्धता' (Seriation) किस अवस्था का गुण है?
मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था (7-11 वर्ष) में बालक वस्तुओं को उनके आकार या गुण के आधार पर क्रमबद्ध (Seriation) करने में सक्षम हो जाता है।
पियाजे के अनुसार, 'परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक चिंतन' (Hypothetical-deductive Reasoning) किस अवस्था का मुख्य गुण है?
औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था (11 वर्ष से ऊपर) में बालक जटिल परिकल्पनाएं बनाने और तार्किक रूप से उनका परीक्षण करने में सक्षम हो जाता है।