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UPTET
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में 'संपोषणीय विकास' (Sustainable Development) की अवधारणा को प्रभावी ढंग से समझाने के लिए, निम्नलिखित में से कौन सी शिक्षण पद्धति प्राथमिक स्तर के विद्यार्थियों के लिए सबसे अधिक तार्किक और व्यावहारिक मानी जाती है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
पर्यावरण अध्ययन (EVS) में 'संपोषणीय विकास' (Sustainable Development) जैसी अमूर्त और महत्वपूर्ण अवधारणा को बच्चों के जीवन से जोड़ने के लिए 'प्रोजेक्ट विधि' या कार्य-आधारित अधिगम सबसे प्रभावी है। प्राथमिक स्तर पर बच्चे करके सीखने (Learning by Doing) और अपने परिवेश के प्रत्यक्ष अनुभवों से सर्वोत्तम रूप से सीखते हैं। जल संरक्षण या कचरा प्रबंधन जैसे व्यावहारिक प्रोजेक्ट्स से उन्हें यह समझने में मदद मिलती है कि वर्तमान संसाधनों का इस प्रकार उपयोग कैसे किया जाए कि भावी पीढ़ियों की ज़रूरतें भी सुरक्षित रहें। विकल्प 'a', 'c' और 'd' बाल-केन्द्रित शिक्षा और प्राथमिक स्तर की शिक्षण पद्धतियों के अनुकूल नहीं हैं।
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों' (Children with Special Needs) को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निम्नलिखित में से किस उपागम (Approach) को सबसे अधिक प्रभावी माना जाता है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बाल विकास एवं अधिगम की बाधाएं' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, 'ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर' (Autism Spectrum Disorder - ASD) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'मिरर न्यूरॉन सिस्टम' (Mirror Neuron System - MNS), 'सुपीरियर टेम्पोरल सल्कास' (Superior Temporal Sulcus - STS), और 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN) के बीच सामाजिक-संवादात्मक विफलता, मानसिक सिमुलेशन में कमी, और 'थ्योरी ऑफ़ माइंड' (Theory of Mind) की शिथिलता की सक्रियण गतिकी, तथा साइमन बैरन-कोहेन (Simon Baron-Cohen) के 'एम्पैथाइजिंग-सिस्टमेटाइजिंग (E-S) थ्योरी' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-ऑटिज्म ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Autism Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में सामाजिक-संवेगात्मक कौशल, दृश्य-आधारित संरचनात्मक दिनचर्या (Visual Schedules) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'व्यक्तित्व के शील गुण सिद्धांत' (Trait Theories of Personality) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक गॉर्डन ऑलपोर्ट (Gordon Allport) द्वारा प्रतिपादित शील गुणों के वर्गीकरण—'कार्डिनल शील गुण' (Cardinal Traits), 'केंद्रीय शील गुण' (Central Traits), और 'गौण शील गुण' (Secondary Traits)—के वैज्ञानिक स्वरूप, रेमंड कैटेल (Raymond Cattell) द्वारा प्रतिपादित 'सतह शील गुण' (Surface Traits) और 'स्रोत शील गुण' (Source Traits) के अंतर, तथा हेंस आइजेंक (Hans Eysenck) के त्रि-आयामी व्यक्तित्व मॉडल [अंतर्मुखता-बहिर्मुखता (Extraversion), न्यूरोटिकिज़्म/मनोविच्छिन्नता (Neuroticism), और साइकोटिसिज़्म (Psychoticism)] के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-गर्भिक संरचना तथा खनिज संसाधनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का सम्पूर्ण मैदानी भाग गंगा और उसकी सहायक नदियों द्वारा लाए गए जलोढ़ (Alluvial) निक्षेपों से निर्मित है, जिसकी गहराई दक्षिण के पठारी भाग की ओर बढ़ने पर निरंतर बढ़ती जाती है।
2. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी पठारी क्षेत्र (बुंदेलखंड और सोनभद्र) में प्राचीनतम आग्नेय, कायांतरित और विंध्ययन क्रम की चट्टानें पाई जाती हैं, जहाँ राज्य के अधिकांश खनिज जैसे चूना पत्थर, डायस्पोर, नॉन-प्लास्टिक फायर क्ले और बॉक्साइट पाए जाते हैं।
3. ललितपुर जिला उत्तर प्रदेश में तांबा, यूरेनियम, रॉक फॉस्फेट और प्लैटिनम जैसे दुर्लभ खनिजों के प्रमुख भंडार के रूप में जाना जाता है, जहाँ यूरेनियम के सीमित भंडारों के अन्वेषण का कार्य किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता और divergent thinking के मनोवैज्ञानिक स्वरूप' के संदर्भ में, ई.पी. टॉरेंस (E.P. Torrance) द्वारा प्रतिपादित 'सृजनात्मक चिंतन के परीक्षण' (Torrance Tests of Creative Thinking - TTCT) के अंतर्गत 'मौलिकता' (Originality), 'प्रवाहशीलता' (Fluency), 'लचीलापन' (Flexibility), और 'विस्तार' (Elaboration) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप, तथा ग्राहम वालेस (Graham Wallas) द्वारा प्रतिपादित 'सृजनात्मक चिंतन की चार चरणों की प्रक्रिया' (Four Stages of Creative Thought) के अंतर्गत 'तैयारी' (Preparation), 'उद्द्भवन' (Incubation), 'प्रदीप्ति/झलक' (Illumination), और 'सत्यापन' (Verification) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, पार्श्व चिंतन (Lateral Thinking) के संवर्धन और विद्यार्थियों में समस्या-समाधान की मौलिक क्षमताओं के विकास में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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