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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'व्यक्तित्व के शील गुण सिद्धांत' (Trait Theories of Personality) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक गॉर्डन ऑलपोर्ट (Gordon Allport) द्वारा प्रतिपादित शील गुणों के वर्गीकरण—'कार्डिनल शील गुण' (Cardinal Traits), 'केंद्रीय शील गुण' (Central Traits), और 'गौण शील गुण' (Secondary Traits)—के वैज्ञानिक स्वरूप, रेमंड कैटेल (Raymond Cattell) द्वारा प्रतिपादित 'सतह शील गुण' (Surface Traits) और 'स्रोत शील गुण' (Source Traits) के अंतर, तथा हेंस आइजेंक (Hans Eysenck) के त्रि-आयामी व्यक्तित्व मॉडल [अंतर्मुखता-बहिर्मुखता (Extraversion), न्यूरोटिकिज़्म/मनोविच्छिन्नता (Neuroticism), और साइकोटिसिज़्म (Psychoticism)] के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

स्पष्टीकरण: गॉर्डन ऑलपोर्ट ने व्यक्तित्व के शील गुणों को तीन श्रेणियों में बांटा है—कार्डिनल (जो अत्यंत प्रमुख और दुर्लभ होते हैं), केंद्रीय (जो सामान्य विशेषताएं हैं), और गौण (जो विशिष्ट परिस्थितियों में प्रकट होते हैं)। रेमंड कैटेल ने कारक विश्लेषण (Factor Analysis) का उपयोग करके सतह शील गुणों (जो बाहरी व्यवहार में दिखते हैं) और स्रोत शील गुणों (जो उनके पीछे छिपे मूल कारक हैं, जैसे 16PF में) के बीच भेद किया। हेंस आइजेंक ने व्यक्तित्व का पदानुक्रमित मॉडल दिया जिसमें तीन प्रमुख आयाम—बहिर्मुखता (E), न्यूरोटिकिज़्म (N), और साइकोटिसिज़्म (P) शामिल हैं। अतः विकल्प (A) पूर्णतः सत्य और वैज्ञानिक रूप से सही है।
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