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UPTET
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'अधिगम अक्षमता' (Learning Disability) से ग्रसित बालकों की पहचान एवं उनके शिक्षण के संदर्भ में, 'डिस्ग्राफिया' (Dysgraphia) से पीड़ित छात्र की मुख्य विशेषता और उसके निवारण के लिए सर्वाधिक उपयुक्त शैक्षणिक रणनीति निम्नलिखित में से कौन सी है?

Detailed Explanation

डिस्ग्राफिया (Dysgraphia) एक तांत्रिका-विकास संबंधी अधिगम अक्षमता (Learning Disability) है जो मुख्य रूप से लेखन क्षमता (Writing Ability) को प्रभावित करती है। इस विकार से ग्रस्त बच्चों को अक्षरों को आकार देने, वर्तनी लिखने, वाक्यों को क्रमित करने और लिखने के दौरान हाथ-आंख के समन्वय (Hand-Eye Coordination) में कठिनाई होती है। इसके निवारण के लिए ग्रिड या लाइन वाले कागजों का उपयोग, कंप्यूटर/कीबोर्ड के माध्यम से लेखन, और ग्राफिक ऑर्गेनाइज़र का प्रयोग बेहद प्रभावी माना जाता है।
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-गर्भीय विभाजन तथा इसकी जलवायु एवं मिट्टियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश में पाई जाने वाली 'मार' (Mar) और 'भाट' (Bhat) मृदाएँ यहाँ की प्रमुख विशेष स्थानीय मिट्टियाँ हैं, जिसमें 'मार' मृदा मुख्य रूप से बुंदेलखंड क्षेत्र की एक चिकनी, काले रंग की अत्यधिक उपजाऊ उपजाऊ मृदा है जो नमी पाकर बहुत चिपचिपी हो जाती है। 2. उत्तर प्रदेश में ग्रीष्म ऋतु के दौरान पश्चिम से पूर्व की ओर चलने वाली अत्यधिक गर्म, शुष्क और धूल भरी हवाओं को 'लू' कहा जाता है, और इस राज्य में सबसे अधिक तापमान वाला जिला आगरा और झाँसी क्षेत्र माना जाता है। 3. उत्तर प्रदेश के गंगा-यमुना दोआब क्षेत्र में पाई जाने वाली नवीन जलोढ़ मृदा को 'खादर' कहा जाता है, जिसमें पोटेशियम और चूने की प्रचुरता होती है, और यह मृदा प्रतिवर्ष बाढ़ के पानी द्वारा नवीकृत होने के कारण कृषि के लिए अत्यधिक उपजाऊ होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं? बाल विकास के विभिन्न सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'समीप-दूरी विकास का सिद्धांत' (Proximodistal Trend) यह इंगित करता है कि शारीरिक विकास शरीर के केंद्रीय भाग (धड़) से शुरू होकर बाहर की ओर (हाथों और उंगलियों की दिशा में) अग्रसर होता है। 2. 'मस्तकोधुमुखी विकास का सिद्धांत' (Cephalocaudal Trend) के अनुसार विकास हमेशा पैर के अंगूठे से शुरू होकर सिर की दिशा में ऊपर की ओर बढ़ता है। 3. विकास की प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है, जो गर्भाधान से शुरू होती है और मृत्युपर्यंत चलती है, किंतु इसकी गति जीवन के विभिन्न चरणों में एक समान (एक जैसी) रहती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के स्थानांतरण और मानसिक अनुशासन के सिद्धांतों' के संदर्भ में, विलियम जेम्स और ई.एल. थॉर्नडाइक द्वारा प्रतिपादित 'समान तत्वों का सिद्धांत' (Theory of Identical Elements) के अंतर्गत पूर्व-अधिगम और नवीन अधिगम के बीच समान साक्ष्यों, विधियों और विषय-वस्तु के संचरण के वैज्ञानिक स्वरूप, तथा सी.डब्ल्यू. बागल (C.W. Bagley) द्वारा प्रतिपादित 'सामान्यीकरण और आदर्शों का सिद्धांत' (Theory of Ideals) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक बहु-विषयक कक्षा-कक्ष शिक्षण, संज्ञानात्मक हस्तांतरण और विद्यार्थियों में उच्च-स्तरीय जीवन मूल्यों के निर्माण में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भूगर्भीय स्वरूप के अंतर्गत, राज्य की प्रमुख नदी घाटियों, मैदानी संरचनाओं और उनमें पाई जाने वाली स्थलाकृतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश के मध्यवर्ती मैदान (गंगा-यमुना का मैदान) का निर्माण मुख्य रूप से टरटियरी (Tertiary) काल के अंत में और प्लिस्टोसीन काल के दौरान हिमालयी नदियों द्वारा लाए गए जलोढ़ (Alluvium) निक्षेपों से हुआ है। 2. गंगा और यमुना के मध्यवर्ती उच्च भूमि क्षेत्र को 'बांगर' (Bangar) कहा जाता है, जो पुरानी जलोढ़ मिट्टी से निर्मित होने के कारण प्रतिवर्ष बाढ़ के नए निक्षेप प्राप्त करता है और इसलिए यह अत्यंत अत्यधिक उपजाऊ होता है। 3. राज्य के दक्षिण-पूर्व में प्रवाहित होने वाली 'सोन नदी' के घाटी क्षेत्र में प्राचीन काल की विंध्यन चट्टानों के अपरदन से बनी लाल और पीली मिट्टी पाई जाती है, जहाँ शुष्क कृषि प्रणालियों का प्रचलन अधिक है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं? उत्तर प्रदेश के भौतिक विभाजनों, भूगर्भिक संरचना और प्रमुख भौगोलिक विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश का भू-भाग मुख्य रूप से प्राचीन गोंडवाना लैंड का एक हिस्सा है, जिसका दक्षिणी पठारी भाग प्रायद्वीपीय भारत के उत्तर-पूर्वी विस्तार (विंध्यन क्रम की चट्टानें) के अंतर्गत आता है। 2. राज्य के उत्तर में स्थित 'भाबर' क्षेत्र शिवालिक पहाड़ियों के ठीक नीचे कंकड़-पत्थर और मोटे बालू से निर्मित एक संकीर्ण पट्टी है, जहाँ नियाँ विलुप्त (अदृदृश्य) होकर प्रवाहित होती हैं। 3. 'तराई' क्षेत्र भाबर के ठीक दक्षिण में स्थित एक नम, दलदली और घने जंगलों वाला क्षेत्र है, जहाँ भूमि के नीचे विलुप्त हुई नदियाँ पुनः धरातल पर प्रकट होती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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