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UPTET
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बुद्ध की शिक्षाओं और उनके द्वारा स्थापित संघ की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, बौद्ध धर्म की किस संगीति (Council) के दौरान 'स्थविरवाद' और 'महासांगिक' नामक दो प्रमुख संप्रदायों में विभाजन स्पष्ट रूप से सामने आया था और इसका तात्कालिक कारण क्या था?

Detailed Explanation

द्वितीय बौद्ध संगीति का आयोजन वैशाली में काकवर्ण (कालाशोश) के शासनकाल में लगभग 383 ईसा पूर्व में हुआ था। इस संगीति का मुख्य कारण वैशाली के भिक्षुओं द्वारा विनय नियमों (जैसे भोजन संबंधी और अन्य दैनिक आचरण) में कुछ ढील देना था। इस मुद्दे पर बौद्ध भिक्षु दो गुटों में बंट गए- एक 'स्थविरवाद' (जो रूढ़िवादी और कठोर नियमों के पक्षधर थे) और दूसरा 'महासांगिक' (जिन्होंने समय के साथ नियमों में लचीलेपन का समर्थन किया)। यह बौद्ध संघ का पहला स्पष्ट विभाजन था।
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