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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, वह कौन सी अवस्था है जिसमें बालक किसी वस्तु या व्यक्ति के स्थायित्व (Object Permanence) की समझ विकसित कर लेता है तथा उसके अंदर 'विलंबित अनुकरण' (Deferred Imitation) की क्षमता भी उत्पन्न होने लगती है?
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Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत की पहली अवस्था 'संवेदी-गामक अवस्था' (जन्म से 2 वर्ष) है। इस अवस्था की सबसे मुख्य विशेषता 'वस्तु स्थायित्व' (Object Permanence) का विकास है, जिसका अर्थ है कि बच्चा यह समझने लगता है कि वस्तुएं तब भी अस्तित्व में रहती हैं जब वे उसकी दृष्टि से ओझल हो जाती हैं। इसके साथ ही इस दौरान बच्चों में 'विलंबित अनुकरण' (पहले देखी गई क्रिया या व्यवहार को बाद में दोहराना) और लक्ष्य-निर्देशित व्यवहार की शुरुआत होती है।
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