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UPTET
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प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन (EVS) शिक्षण के दौरान 'पर्यावरणीय मुद्दों' पर आधारित शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में निम्नलिखित में से किस उपागम (Approach) को सबसे अधिक प्रभावी माना जाता है, जो विद्यार्थियों में उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक कौशल और व्यावहारिक संवेदनशीलता दोनों का विकास करता है?

Detailed Explanation

प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण में केवल पाठ्यपुस्तक आधारित ज्ञान पर्याप्त नहीं होता है। 'परियोजना विधि' (Project Method) और 'अनुभवात्मक अधिगम' (Experiential Learning) के माध्यम से विद्यार्थी अपने आस-पास की वास्तविक पर्यावरणीय समस्याओं (जैसे प्रदूषण, जल संरक्षण, वनों की कटाई) से सीधे जुड़ते हैं। इससे उनमें आलोचनात्मक चिंतन, समस्या-समाधान की क्षमता और पर्यावरण के प्रति सच्ची संवेदनशीलता का विकास होता है, जो राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के प्राथमिक शिक्षा के उद्देश्यों के अनुकूल है।
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जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की निम्नलिखित में से कौन सी सबसे प्रमुख और विशिष्ट विशेषता है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम शैलियों' (Learning Styles) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, नील फ्लेミング (Neil Fleming) द्वारा प्रतिपादित 'VARK मॉडल' (Visual, Auditory, Reading/Writing, Kinesthetic) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'ऑक्सीपिटल कॉर्टेक्स' (Occipital Cortex), 'सुपीरियर टेम्पोरल गाइरस' (Superior Temporal Gyrus), 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), और 'प्राइमरी मोटर कॉर्टेक्स' (Primary Motor Cortex) के बीच संवेदी-विशिष्ट सूचना प्रसंस्करण, क्रॉस-मोडल एकीकरण (Cross-modal Integration), और कार्यकारी नियंत्रण की सक्रियण गतिकी, तथा डेविड कोब (David Kolb) के 'प्रयोगात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-स्टाइल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Style Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहुसंवेदी शिक्षण रणनीतियों (Multisensory Teaching Strategies), व्यक्तिगत भिन्नताओं के अनुकूलन व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'स्मृति और विस्मरण' (Memory and Forgetting) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, हरमन एबिंगhaus (Hermann Ebbinghaus) द्वारा प्रतिपादित 'विस्मरण वक्र' (Forgetting Curve) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), 'अमिकडाला' (Amygdala), और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) के बीच सिनैप्टिक समेकन (Synaptic Consolidation), दीर्घकालिक शक्तिवर्धक (Long-Term Potentiation - LTP) क्षय, और पुनरावृत्ति (Rehearsal) आधारित स्मृति पुनर्प्राप्ति की सक्रियण गतिकी, तथा रिचर्ड एटकिंसन (Richard Atkinson) और रिचर्ड शिफ्रिन (Richard Shiffrin) के 'मल्टी-स्टोर मॉडल' (Sensory, Short-Term, and Long-Term Memory) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-मेमोरी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Memory Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में स्पेaced रिपिटिशन (Spaced Repetition), म्नेमोनिक्स व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बाल विकास एवं अधिगम की बाधाएं' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, 'ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर' (Autism Spectrum Disorder - ASD) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'मिरर न्यूरॉन सिस्टम' (Mirror Neuron System - MNS), 'सुपीरियर टेम्पोरल सल्कास' (Superior Temporal Sulcus - STS), और 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN) के बीच सामाजिक-संवादात्मक विफलता, मानसिक सिमुलेशन में कमी, और 'थ्योरी ऑफ़ माइंड' (Theory of Mind) की शिथिलता की सक्रियण गतिकी, तथा साइमन बैरन-कोहेन (Simon Baron-Cohen) के 'एम्पैथाइजिंग-सिस्टमेटाइजिंग (E-S) थ्योरी' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-ऑटिज्म ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Autism Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में सामाजिक-संवेगात्मक कौशल, दृश्य-आधारित संरचनात्मक दिनचर्या (Visual Schedules) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? प्राथमिक स्तर पर गणितीय शिक्षण और उसके बोध के संदर्भ में 'वान हीले के ज्यामितीय चिंतन का सिद्धांत' (Van Hiele's Levels of Geometric Thinking) अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस सिद्धांत के विभिन्न स्तरों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. स्तर 0 (दृश्यीकरण - Visualization): इस प्रारंभिक स्तर पर बच्चे ज्यामितीय आकृतियों को उनके समग्र रूप (Global Gestalt) या दिखावट के आधार पर पहचानते हैं और उनके गुणों (Properties) का विश्लेषण करने में असमर्थ होते हैं, जैसे एक आयत को केवल 'दरवाजे जैसी शक्ल' के रूप में देखना। 2. स्तर 2 (अनौपचारिक निगमन या अमूर्तता - Informal Deduction/Ordering): इस स्तर पर बालक आकृतियों के बीच अंतर्संबंधों को समझने लगता है और यह निष्कर्ष निकालता है कि सभी वर्ग वास्तव में विशेष प्रकार के आयत और समचतुर्भुज होते हैं। 3. स्तर 4 (दृढ़ता या rigor): यह ज्यामितीय चिंतन का सर्वोच्च स्तर है, जो अमूर्त ज्यामितीय प्रणालियों और विभिन्न अभिगृहित प्रणालियों (Axiomatic Systems) की तुलना करने की क्षमता से संबंधित है, और यह सामान्यतः स्कूली स्तर से आगे की अवस्था है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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