संज्ञानात्मक विकास
Asked 3 महीने पहले · Viewed 18 times
सामाजिक अध्ययन (Social Studies) शिक्षण के अंतर्गत इतिहास शिक्षण की 'आलोचनात्मक चिंतन' (Critical Thinking) पद्धति और 'स्रोतों पर आधारित उपागम' (Source-Based Approach) के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा कथन इस विधि के सबसे प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक शैक्षणिक उद्देश्य को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इतिहास शिक्षण में 'आलोचनात्मक चिंतन' (Critical Thinking) और 'स्रोतों पर आधारित उपागम' (Source-Based Approach) का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को निष्क्रिय श्रोता या रटने वाले के बजाय सक्रिय अन्वेषक बनाना है। इसके माध्यम से छात्र प्राथमिक (समकालीन दस्तावेज, सिक्के, शिलालेख) और द्वितीयक स्रोतों का गंभीर विश्लेषण करते हैं, इतिहासकारों के पूर्वाग्रहों को समझते हैं और अपने स्वयं के तार्किक निष्कर्ष निकालते हैं।
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) की विभिन्न अवस्थाओं और प्रमुख प्रज्ञात्मक विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage - लगभग 2 से 7 वर्ष) के दौरान बालकों में 'संरक्षण' (Conservation) का गुण पूरी तरह विकसित हो जाता है, जिसके कारण वे यह भली-भांति समझ लेते हैं कि किसी वस्तु के आकार, रूप या बर्तन बदलने से उसकी मात्रा या आयतन अपरिवर्तित रहता है।
2. 'मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage - लगभग 7 से 11 वर्ष) में बालक वस्तुओं को उनके गुणों के आधार पर वर्गीकृत (Classification) करना, क्रमबद्ध (Seriation) करना और उत्क्रमणीयता (Reversibility) के गुणों को सीख जाता है, लेकिन वह अमूर्त विचारों और काल्पनिक समस्याओं पर तार्किक चिंतन करने में असमर्थ रहता है।
3. 'औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage - 11 वर्ष और उससे आगे) के दौरान किशोरों में 'परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक चिंतन' (Hypothetico-deductive Reasoning) की क्षमता विकसित होती है, जिससे वे अमूर्त रूप से सोचने और विभिन्न संभावनाओं के आधार पर समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान ढूंढने में सक्षम हो जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'मूर्त्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage: लगभग 7 से 11 वर्ष) की निम्नलिखित प्रमुख विशेषताओं पर विचार कीजिए:
1. इस अवस्था में बालक में 'संरक्षण' (Conservation) की क्षमता विकसित हो जाती है, जिससे वह यह समझ जाता है कि किसी वस्तु के आकार, रूप या रंग में परिवर्तन होने पर भी उसकी मात्रा, द्रव्यमान या आयतन अपरिवर्तित रहता है।
2. बालक 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) की योग्यता हासिल कर लेता है, जिसके कारण वह किसी समस्या या वस्तु को केवल एक ही आयाम (Dimension) से देखने के बजाय एक साथ कई पहलुओं पर ध्यान केंद्रित कर पाता है।
3. इस चरण के दौरान बालक 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) और परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क (Hypothetico-Deductive Reasoning) करने में पूरी तरह सक्षम हो जाता है, जो इस सिद्धांत की अंतिम अवस्था की मुख्य पहचान है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण में 'समस्या समाधान विधि' (Problem-Solving Method) का प्रयोग करते समय निम्नलिखित में से किस चरण को वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तार्किक चिंतन के विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण में 'समस्या समाधान विधि' (Problem-Solving Method) का प्रयोग करते समय निम्नलिखित में से किस चरण को सबसे महत्वपूर्ण वैज्ञानिक आधार माना जाता है, जो विद्यार्थियों में उच्च-स्तरीय चिंतन कौशल (HOTS) विकसित करता है?
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कोहलबर्ग के अनुसार, सही और गलत के प्रश्न के बारे में निर्णय लेने में शामिल चिंतन प्रक्रिया को क्या कहा जाता है?
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अच्छे समस्या समाधानकर्ता बनने में विद्यार्थियों की सहायता करने के लिए, एक शिक्षक को निम्नलिखित में से किस प्रक्रिया पर बल देना चाहिए?
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