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UPTET
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हिंदी भाषा और व्याकरण के अंतर्गत 'संधि और समास' की व्युत्पत्ति तथा उनके अंतर्निहित अंतर के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक तार्किक एवं व्याकरणिक रूप से सही है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
व्याकरण में 'संधि' दो वर्णों या ध्वनियों के परस्पर मिलने से होने वाले विकार (परिवर्तन) को कहते हैं (जैसे- विद्या + आलय = विद्यालय), जबकि 'समास' दो या दो से अधिक सार्थक शब्दों (पदों) का मेल है जिसमें उनके बीच की विभक्तियाँ अथवा योजक शब्द लुप्त हो जाते हैं (जैसे- राजा का पुत्र = राजपुत्र)। अतः विकल्प (b) इस संकल्पना का सबसे सटीक और सही विवरण है।
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के अंतर्गत 'रामसर अभिसमय' (Ramsar Convention) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह अभिसमय मुख्य रूप से आर्द्रभूमि (Wetlands) के संरक्षण और उनके विवेकपूर्ण उपयोग से संबंधित है, जिसे 2 फरवरी 1971 को ईरान के रामसर शहर में अपनाया गया था। 2. भारत इस अभिसमय का पक्षकार वर्ष 1982 में बना था। 3. वर्तमान में उत्तर प्रदेश राज्य में रामसर स्थलों की कुल संख्या सबसे अधिक है, जो देश के अन्य सभी राज्यों से सर्वाधिक है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अभिप्रेरणा और अधिगम' (Motivation and Learning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वेंट्रल स्ट्रेटम' (Ventral Striatum), 'नुकियस एक्यूम्बेंस' (Nucleus Accumbens) और 'ऑर्बिटोफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Orbitofrontal Cortex) के बीच डोपामाइनर्जिक रिवार्ड पाथवे (Dopaminergic Reward Pathway), आंतरिक व बाह्य प्रेरणा, और होमियोस्टैटिक संतुलन की सक्रियण गतिकी, तथा एडवर्ड डेसी (Edward Deci) और रिचर्ड रायन (Richard Ryan) द्वारा प्रतिपादित 'आत्म-निर्णय सिद्धांत' (Self-Determination Theory: स्वायत्तता, सक्षमता और संबद्धता) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, छात्र-केंद्रित प्रेरणादायक शिक्षाशास्त्र (Student-Centric Motivational Pedagogy) और विद्यार्थियों में उच्च शैक्षणिक संलग्नता, भावनात्मक कल्याण व समग्र अधिगम दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, भौतिक विभाजनों और खनिज संसाधनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का भौगोलिक क्षेत्रफल 2,40,928 वर्ग किलोमीटर है, जो भारत के कुल क्षेत्रफल का लगभग 7.33% है और क्षेत्रफल की दृष्टि से यह देश का चौथा (राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बाद) सबसे बड़ा राज्य है।
2. उत्तर प्रदेश के दक्षिण में स्थित पठारी क्षेत्र (जिसे बुंदेलखंड और बघेलखंड का पठार भी कहा जाता है) प्राचीन गोंडवाना लैंड का हिस्सा है, और इस क्षेत्र में राज्य के प्रमुख खनिज जैसे डायमंड (बांदा/मिर्जापुर), नॉन-प्लास्टिक फायर क्ले, पोटाश लवण और चूना पत्थर (सोनभद्र के कजरी और गुरमा क्षेत्र) प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
3. राज्य में भूगर्भिक संरचना की दृष्टि से सबसे प्राचीन चट्टानें विंध्यन क्रम की हैं, और उत्तर प्रदेश के उत्तरी भाग में स्थित 'भाबर और तराई' क्षेत्र में महीन जलोढ़ मृदा तथा दलदली भूमि पाई जाती है, जो जैव विविधता से समृद्ध है और जहाँ गन्ने की कृषि सर्वाधिक की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बाल विकास में वंशानुक्रम और वातावरण की अंतःक्रिया' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, फ्रांसिस गाल्टन तथा ऐनी एनास्टसी द्वारा विश्लेषित 'वंशानुक्रम और पर्यावरण के सापेक्ष योगदान' के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'एपिजेनेटिक मॉडिफिकेशन पाथवे' (Epigenetic Modification Pathways - DNA Methylation and Histone Acetylation), 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), और 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) के बीच जीन-पर्यावरण अंतःक्रिया (Gene-Environment Interaction - GxE), न्यूरोप्लास्टिसिटी (Neuroplasticity), और वातावरणीय समृद्धीकरण (Environmental Enrichment) की सक्रियण गतिकी, तथा यूरी ब्रॉन्फ्रेब्रेनर के 'पारिस्थितिकीय प्रणालियों के सिद्धांत' (Ecological Systems Theory) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-एपिजेनेटिक ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Epigenetic Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में अनुकूलन क्षमता, लचीले बौद्धिक विकास व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली और मध्यकालीन (मुस्लिम) शिक्षा प्रणाली की प्रमुख शिक्षण संस्थाओं, उनके पाठ्यक्रमों तथा प्रशासनिक व्यवस्था के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मध्यकालीन मुस्लिम शिक्षा प्रणाली में उच्च शिक्षा प्रदान करने के लिए 'मदरसा' (Madarsa) संस्थाएँ होती थीं, जहाँ पाठ्यक्रम में 'नकली' (धार्मिक विज्ञान जैसे कुरान, हदीस, फिकह) और 'अकली' (तर्कशास्त्र, दर्शन, गणित, चिकित्सा) दोनों प्रकार के विषयों की शिक्षा दी जाती थी, और अध्ययन की समाप्ति पर छात्रों को 'सनद' या 'डिग्री' प्रदान की जाती थी।
2. बौद्ध कालीन शिक्षा प्रणाली में संघ के नियमों और अनुशासन से जुड़े मामलों को सुलझाने और किसी छात्र के प्रवेश या निष्कासन के लिए 'प्रवारणा' (Pravarna) नामक औपचारिक बैठक का आयोजन किया जाता था, जो वर्षा ऋतु के समापन पर होती थी।
3. तक्षशिला विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु सीमा 16 वर्ष निर्धारित थी, और यहाँ विभिन्न विषयों के अध्ययन के लिए शुल्क देना अनिवार्य था, तथा धनी वर्ग के छात्र फीस देकर तुरंत प्रवेश पा लेते थे, जबकि गरीब छात्र अपनी मेधा के बल पर विशेष परीक्षाओं के माध्यम से निशुल्क प्रवेश प्राप्त कर सकते थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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