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जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन सी अवस्था 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) की एक प्रमुख विशेषता नहीं है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' लगभग 7 से 11 वर्ष की आयु तक होती है। इस अवस्था में बच्चे संरक्षण, विकेंद्रीकरण, वर्गीकरण और क्रबद्धता जैसी मानसिक योग्यताओं को सीख जाते हैं, लेकिन 'निगमनात्मक चिंतन' (Deductive Reasoning) और पूरी तरह से अमूर्त या काल्पनिक तर्कों की क्षमता अगली अवस्था यानी 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage - 11 वर्ष से आगे) की विशेषता है। अतः विकल्प (b) सही उत्तर है क्योंकि यह मूर्त संक्रियात्मक अवस्था की विशेषता नहीं है।
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उत्तर प्रदेश के हस्तशिल्प, पारंपरिक कलाओं और उनके प्रमुख उत्पादन केंद्रों (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट - ODOP) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'मूंज उत्पाद' (Munja Cane Products) के लिए सुल्तानपुर और अमेठी जिलों को जाना जाता है, जबकि 'कांच की चूड़ियाँ' और उनसे जुड़े ग्लासवेयर के लिए फिरोजाबाद जिला उत्तर प्रदेश में विश्व प्रसिद्ध है।
2. 'कालीन उत्पादन' (Carpet Industry) के लिए भदोही और मिर्जापुर जिले प्रमुख केंद्र हैं, जहाँ हाथ से बुनी गई ऊनी कालीनों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में 'मददगार' भौगोलिक संकेत (GI Tag) भी प्राप्त है।
3. 'लकड़ी के खिलौने' और नक्काशीदार घरेलू सजावट की वस्तुओं के लिए 'वाराणसी' और 'चित्रकूट' जिले विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं, जबकि 'इत्र और सुगंधित तेल' के लिए कन्नौज को भारत की 'ग्रास ऑफ द ईस्ट' राजधानी कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, पियाजे (Jean Piaget) और वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांतों के शैक्षणिक अनुप्रयोगों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जीन पियाजे के अनुसार, बच्चे 'सक्रिय ज्ञान निर्माता' (Active Knowledge Builders) होते हैं जो अपनी भौतिक दुनिया के साथ अंतःक्रिया करके अपने स्कीमा (Schema) का निर्माण और संशोधन करते हैं, इसलिए समावेशी कक्षाओं में विशेष आवश्यकता वाले बालकों के लिए संवेदी-गामक और मूर्त अनुभवों पर आधारित शिक्षण सामग्रियां प्रदान करना आवश्यक है।
2. लेव वाइगोत्स्की का सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत यह मानता है कि उच्च मानसिक प्रक्रियाओं का विकास सामाजिक अंतःक्रिया और भाषा के माध्यम से होता है, जिसके अंतर्गत 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (ZPD) और 'चान्द्रोण या पाटन' (Scaffolding) की अवधारणाएं समावेशी विद्यालयों में सहयोगात्मक अधिगम (Collaborative Learning) और सहकर्मी शिक्षण (Peer Tutoring) का आधार बनती हैं।
3. पियाजे और वाइगोत्स्की दोनों ही अधिगम को बाहरी पर्यावरणीय उद्दीपकों और पुनर्बलन (Reinforcement) का परिणाम मानते हैं, तथा दोनों का यह दृढ़ विश्वास था कि बच्चों के मानसिक विकास में भाषा की कोई महत्वपूर्ण विकासात्मक भूमिका नहीं होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत विशेष आवश्यकता वाले बालकों (CWSN) के लिए 'सार्वभौमिक डिज़ाइन अधिगम' (Universal Design for Learning - UDL) के सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. UDL एक ऐसा पाठ्यक्रम और शिक्षण ढांचा है जो अधिगम की बाधाओं को दूर करने के लिए शिक्षण विधियों, सामग्रियों और मूल्यांकन के तरीकों में शुरुआत से ही लचीलापन और बहुविकल्प प्रदान करता है।
2. UDL के तीन मुख्य मनोवैज्ञानिक और तंत्रिका-वैज्ञानिक आधार हैं: सहभागिता के बहुविध साधन (Multiple Means of Engagement), प्रस्तुति के बहुविध साधन (Multiple Means of Representation), और अभिव्यक्ति के बहुविध साधन (Multiple Means of Action and Expression)।
3. यह दृष्टिकोण केवल दिव्यांग या बौद्धिक रूप से पिछड़े बच्चों के लिए ही अनुकूलित है, और सामान्य अथवा प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए इसका उपयोग करने से उनके उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक विकास में बाधा उत्पन्न होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश में 'सोनभद्र' जिला निम्नलिखित में से किस वस्तु के भंडार के लिए सर्वाधिक प्रसिद्ध है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता' (Creativity) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जे.पी. गिल Guilford (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking: प्रवाह, लचीलापन, मौलिकता और विस्तारण) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - DLPFC), 'डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क' (Default Mode Network - DMN), और 'एंटिरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (ACC) के बीच संज्ञानात्मक लचीलेपन, अनियंत्रित विचार प्रवाह (Spontaneous Thought Generation), और कार्यकारी नियंत्रण के बीच समन्वय की सक्रियण गतिकी, तथा एडवर्ड डी बोनो (Edward de Bono) के 'पार्श्व चिंतन' (Lateral Thinking) मॉडल के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-क्रिएटिविटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Creativity Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में मौलिक समस्या-समाधान, कल्पनाशीलता व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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