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लेव वाइगोत्स्की
Asked 2 months ago · Viewed 13 times

बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-cultural Theory of Development) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. वाइगोत्स्की के अनुसार बालक का संज्ञानात्मक विकास किसी सामाजिक और सांस्कृतिक शून्य में नहीं होता, बल्कि यह सामाजिक अंतःक्रिया (Social Interaction), संस्कृति (Culture) और भाषा (Language) के परस्पर प्रभाव का परिणाम है।
  2. 2. 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) उस वास्तविक विकास स्तर और संभावित विकास स्तर के बीच का अंतर है, जिसे बालक स्वतंत्र रूप से प्राप्त कर सकता है और जो किसी वयस्क या अधिक ज्ञानी अन्य (More Knowledgeable Other - MKO) के निर्देशन या सहयोग से प्राप्त किया जा सकता है।
  3. 3. वाइगोत्स्की ने जीन पियाजे के विपरीत 'अन्तरभाषण' (Inner Speech) और 'निजी भाषण' (Private Speech) को बालकों के विकास में बाधक माना है, क्योंकि उनके अनुसार बालक जब खुद से बातें करता है तो उसका संज्ञानात्मक भटकाव होता है और इससे आत्म-नियमन की क्षमता समाप्त हो जाती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: लेव वाइगोत्स्की का सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत यह मानता है कि बच्चों का संज्ञानात्मक विकास समाज, संस्कृति और भाषा के साथ अंतःक्रिया के माध्यम से होता है। कथन 2 सही है: ZPD (Zone of Proximal Development) वास्तविक विकास स्तर (जो बच्चा अकेले कर सकता है) और संभावित विकास स्तर (जो MKO की मदद से कर सकता है) के बीच का क्षेत्र है। कथन 3 गलत है: वाइगोत्स्की ने 'निजी भाषण' (Private Speech) को बालकों के विकास में अत्यधिक महत्वपूर्ण और सकारात्मक माना है। उनके अनुसार निजी भाषण बच्चों को अपने व्यवहार को विनियमित (Self-regulation) करने में मदद करता है, न कि यह बाधक होता है (जबकि पियाजे ने इसे 'अहंप्रेरित भाषण' कहकर कम महत्वपूर्ण माना था)। अतः केवल कथन 1 और 2 सही हैं।
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