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UPTET
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के अंतर्गत 'जैव भू-रासायनिक चक्रों' (Biogeochemical Cycles) और 'ऊर्जा प्रवाह' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह हमेशा 'एकदिशीय' (Unidirectional) होता है, अर्थात् उत्पादकों द्वारा सूर्य से प्राप्त सौर ऊर्जा का एक बड़ा हिस्सा ऊष्मा के रूप में नष्ट हो जाता है और यह ऊर्जा कभी भी वापस सूर्य की ओर प्रवाहित नहीं होती है, जो ऊष्मागतिकी के पहले नियम (First Law of Thermodynamics) का पूर्णतः पालन करती है।
- 2. 'कार्बन चक्र' एक संपूर्ण गैसीय चक्र (Gaseous Cycle) है, जिसमें वायुमंडल, महासागरों और जीवित जीवों के बीच कार्बन डाइऑक्साइड का निरंतर आदान-प्रदान होता है, और यह चक्र मुख्य रूप से प्रकाश संश्लेषण और श्वसन की प्रक्रियाओं द्वारा संचालित होता है।
- 3. 'फॉस्फोरस चक्र' एक अवसादी चक्र (Sedimentary Cycle) है, जिसका मुख्य भंडार पृथ्वी कीपपड़ी में चट्टानें और महासागरीय तलछट होती हैं, क्योंकि फॉस्फोरस का वायुमंडलीय भंडार नगण्य होता है और यह चक्र वायुमंडल के माध्यम से संचालित नहीं होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह ऊष्मागतिकी के *द्वितीय नियम* (Second Law of Thermodynamics) के अनुसार होता है, जिसके तहत प्रत्येक पोषी स्तर (Trophic Level) पर ऊर्जा का ह्रास होता है (ऊष्मा के रूप में)। पहला नियम ऊर्जा संरक्षण का नियम (Energy Conservation) है जो ऊर्जा के एक रूप से दूसरे रूप में रूपांतरण से संबंधित है। कथन 2 सत्य है क्योंकि कार्बन चक्र एक प्रमुख गैसीय चक्र है जिसमें प्रकाश संश्लेषण और श्वसन की मुख्य भूमिका होती है। कथन 3 सत्य है क्योंकि फॉस्फोरस चक्र एक अवसादी चक्र (Sedimentary Cycle) है जिसका मुख्य भंडार चट्टानें और मिट्टी हैं, और इसका कोई महत्वपूर्ण वायुमंडलीय चरण नहीं होता है। अतः सही विकल्प (b) केवल 2 और 3 है।
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1. उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (UPNEDA) की स्थापना राज्य में वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के विकास और संवर्धन के लिए 1983 में की गई थी।
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3. राज्य का पहला पवन ऊर्जा संयंत्र (Wind Power Plant) देवरिया और बलिया जिलों में गंगा नदी के बेसिन में स्थापित किया गया है, जिसकी उत्पादन क्षमता सबसे अधिक है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली और वेदों के अध्ययन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्राचीन गुरुकुल प्रणाली में शिक्षा का आरंभ 'उपनयन संस्कार' (नयन संस्कार) के साथ होता था, जो सामान्यतः 8 से 12 वर्ष की आयु के बीच संपन्न कराया जाता था, और इसके पश्चात छात्र को 'द्विज' की संज्ञा दी जाती थी।
2. वैदिक काल में उच्च शिक्षा पूरी होने के बाद छात्रों के समावर्तन संस्कार का विधान था, जिसके बाद वे 'स्नातक' कहलाते थे और गृहस्थ आश्रम में प्रवेश करने के लिए अपने घर लौटते थे।
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उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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