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UPTET
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भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची के अंतर्गत दी गई विभिन्न सूचियों (संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची) और उनके विषयों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. मूल संविधान में संघ सूची में 97 विषय थे, जबकि वर्तमान में गणना की दृष्टि से इसमें लगभग 100 विषय शामिल हैं, जिनमें रक्षा, विदेशी मामले, परमाणु ऊर्जा, रेलवे और बैंकिंग जैसे राष्ट्रीय महत्व के विषय आते हैं।
- 2. राज्य सूची के अंतर्गत मूल रूप से 66 विषय थे, जिन्हें घटाकर वर्तमान में 61 कर दिया गया है, और इसके अंतर्गत पुलिस, सार्वजनिक स्वास्थ्य, स्वच्छता, कृषि तथा कारागार जैसे विषय शामिल हैं। 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा 'शिक्षा', 'वन', 'नापतोल' और 'वन्यजीवों एवं पक्षियों का संरक्षण' जैसे विषयों को राज्य सूची से निकालकर समवर्ती सूची में स्थानांतरित कर दिया गया था।
- 3. समवर्ती सूची (Concurrent List) की अवधारणा को भारतीय संविधान में ऑस्ट्रेलिया के संविधान से लिया गया है, और इस सूची में शामिल विषयों पर केंद्र और राज्य दोनों कानून बना सकते हैं, परंतु यदि दोनों के कानूनों में कोई टकराव हो, तो संसद द्वारा बनाया गया कानून ही मान्य होता है, बशर्ते राज्य के कानून को राष्ट्रपति की पूर्व स्वीकृति प्राप्त न हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए तीनों कथन पूर्णतः सत्य हैं। व्याख्या:
1. मूल संविधान की संघ सूची में 97 विषय थे जो अब बढ़कर लगभग 100 हो गए हैं। इसमें देश की सुरक्षा, विदेशी मामले, बैंकिंग, रेलवे आदि से जुड़े महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं जिन पर कानून बनाने का अधिकार केवल संसद को है।
2. राज्य सूची में मूल रूप से 66 विषय थे, जो अब 61 हैं। 42वें संविधान संशोधन 1976 के माध्यम से शिक्षा, वन, वन्यजीवों का संरक्षण, नापतोल और न्याय प्रशासन (उच्चतम और उच्च न्यायालयों को छोड़कर) को राज्य सूची से समवर्ती सूची में स्थानांतरित किया गया था।
3. समवर्ती सूची का प्रावधान ऑस्ट्रेलिया के संविधान से लिया गया है। इस पर केंद्र और राज्य दोनों कानून बना सकते हैं, लेकिन गतिरोध की स्थिति में संसद का कानून प्रभावी होता है (अनुच्छेद 254), जब तक कि राज्य का कानून राष्ट्रपति के विचारार्थ आरक्षित रखकर उसकी अनुमति न प्राप्त कर ली गई हो।
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