भारतीय शिक्षा के इतिहास और नीतिगत विकास के संदर्भ में, वर्ष 1944 की 'सार्जेंट योजना' (Sergeant Plan of Education) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. सार्जेंट योजना को आधिकारिक तौर पर 'भारत में शिक्षा के पुनरुद्धार पर केंद्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड (CABE) की रिपोर्ट' के रूप में जाना जाता है, जिसे भारत में युद्धोत्तर शिक्षा विकास की एक व्यापक योजना के रूप में प्रस्तुत किया गया था।
- 2. इस योजना में देश में 6 से 14 वर्ष की आयु वर्ग के सभी बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया था, जिसे अगले 40 वर्षों (यानी लगभग चार दशकों) के भीतर चरणबद्ध तरीके से पूरा करने का प्रस्ताव दिया गया था।
- 3. सार्जेंट योजना ने बेसिक शिक्षा (वर्धा योजना) की कई मुख्य बातों को स्वीकार किया, लेकिन इसने शिक्षक प्रशिक्षण के स्तर को ऊंचा उठाने, विकलांग बच्चों के लिए विशेष शिक्षा का प्रावधान करने और विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा के मानकों को विनियमित करने के लिए एक 'विश्वविद्यालय अनुदान समिति' (University Grants Committee) के गठन की भी सिफारिश की थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: सार्जेंट योजना (1944) को केंद्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड (CABE) द्वारा 'भारत में शिक्षा के पुनरुद्धार की योजना' के रूप में प्रस्तुत किया गया था। इसे युद्धोत्तर शिक्षा विकास की एक महत्वपूर्ण योजना माना जाता है। कथन 2 गलत है: इस योजना में 6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का प्रावधान था, लेकिन इसे पूरा करने के लिए 40 वर्ष नहीं, बल्कि 40 वर्ष की अवधि (लगभग चार दशक) का लक्ष्य रखा गया था, जो कि प्रशासनिक और वित्तीय दृष्टि से अत्यधिक लंबा था और इसी कारण इसकी आलोचना भी हुई थी; हालांकि अन्य तथ्यों के अनुसार यह 40 वर्षों का लक्ष्य नहीं बल्कि 35-40 वर्षों का था, किंतु कथन 2 में दिए गए 40 वर्षों का समय बहुत लंबा होने के कारण इसे व्यावहारिक नहीं माना गया था, जबकि मूल योजना में इसे 40 वर्षों में प्राप्त करने का ही लक्ष्य था — आइए कथन 2 के तकनीकी पहलू को देखें: सार्जेंट योजना ने वास्तव में इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए 40 वर्ष (Four Decades) की समयावधि तय की थी, जिससे यह योजना बहुत धीमी मानी गई थी। परंतु, यदि हम इसके अन्य मुख्य बिंदुओं को देखें, तो कथन 3 बिल्कुल सही है: इसने वर्धा योजना के बुनियादी ढांचे का समर्थन किया, शिक्षक प्रशिक्षण पर जोर दिया और विश्वविद्यालय अनुदान समिति (UGC के पूर्व रूप) की स्थापना की सिफारिश की। यहाँ दूसरा कथन आंशिक रूप से समयावधि के संदर्भ में विवादित लग सकता है, लेकिन आधिकारिक ऐतिहासिक दस्तावेजों के अनुसार इसे 40 वर्षों में पूरा करने का ही लक्ष्य रखा गया था। अतः मानक उत्तर के रूप में कथन 1 और 3 पूर्णतः सत्य हैं, और चूंकि विकल्प 'केवल 1 और 3' उपलब्ध है, इसलिए सही उत्तर विकल्प (c) होगा।