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UPTET
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक विभाजनों, खनिज संपदा और उद्योग-धंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में पाई जाने वाली 'कोयला' की प्राप्ति मुख्य रूप से विंध्यन क्रम की चट्टानों से होती है, जिनका उपयोग सिंगरौली और ओबरा तापीय विद्युत गृहों में विद्युत उत्पादन के लिए किया जाता है। 2. उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में देश के प्रमुख यूरेनियम (Uranium) भंडारों के साथ-साथ तांबा, डायस्पोर और रॉक फॉस्फेट जैसे खनिज भी पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। 3. कांच बालू (Silica Sand) के उत्पादन में उत्तर प्रदेश का देश में प्रमुख स्थान है, और इसके सबसे बड़े भंडार शंकरगढ़ (प्रयागराज) तथा चित्रकूट और बांदा जिलों में पाए जाते हैं, जो कांच उद्योग को कच्चा माल उपलब्ध कराते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है क्योंकि उत्तर प्रदेश में कोयले के भंडार और प्राप्ति गोंडवाना क्रम की चट्टानों से संबंधित हैं, न कि विंध्यन क्रम की चट्टानों से। सोनभद्र का सिंगरौली क्षेत्र गोंडवाना कोयला क्षेत्र के अंतर्गत आता है। कथन 2 सत्य है क्योंकि ललितपुर जिला उत्तर प्रदेश का प्रमुख खनिज बहुल क्षेत्र है, जहाँ यूरेनियम, तांबा (सोनराई क्षेत्र), डायस्पोर और रॉक फॉस्फेट के महत्वपूर्ण भंडार पाए जाते हैं। कथन 3 सत्य है क्योंकि उत्तर प्रदेश में कांच बालू (सिलिका सैंड) का प्रमुख स्रोत यमुना और गंगा के कछार तथा प्रयागराज (शंकरगढ़), चित्रकूट एवं बांदा जिले हैं, जो फिरोजाबाद और अन्य कांच उद्योगों को कच्चा माल प्रदान करते हैं। अतः विकल्प (b) सही है।
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