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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण तथा पारिस्थितिकी के अंतर्गत 'जैव भू-रासायनिक चक्र' (Biogeochemical Cycles) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'गैसीय चक्र' (Gaseous Cycles) के अंतर्गत वायुमंडल या जलमंडल मुख्य भंडार (Reservoir) होते हैं, और इसके अंतर्गत 'नाइट्रोजन चक्र', 'कार्बन चक्र' और 'ऑक्सीजन चक्र' आते हैं, जो पारिस्थितिकी तंत्र में तत्वों का तेजी से पुनर्चक्रण सुनिश्चित करते हैं।
- 2. 'अवसादी चक्र' (Sedimentary Cycles) के अंतर्गत पृथ्वी कीपपड़ी (Earth's Crust) या चट्टानें मुख्य भंडार होती हैं, और इसके अंतर्गत 'फास्फोरस चक्र' तथा 'सल्फर चक्र' शामिल हैं, जिनकी गति गैसीय चक्रों की तुलना में काफी धीमी होती है।
- 3. 'कार्बन चक्र' एक परिपूर्ण गैसीय चक्र है जिसमें मानव गतिविधियों, जीवाश्म ईधन के दहन और वनों की कटाई का कोई प्रभाव पारिस्थितिक संतुलन पर नहीं पड़ता क्योंकि महासागर और वन सभी कार्बन को तुरंत अवशोषित कर लेते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि गैसीय चक्रों (जैसे कार्बन, नाइट्रोजन, ऑक्सीजन चक्र) के मुख्य भंडार वायुमंडल या जलमंडल होते हैं और इनमें तत्त्वों का पुनर्चक्रण तीव्र गति से होता है। कथन 2 भी सही है क्योंकि अवसादी चक्रों (जैसे फास्फोरस, सल्फर चक्र) के मुख्य भंडार चट्टानें और मृदा होते हैं, और इनकी गति गैसीय चक्रों की तुलना में मंद होती है। कथन 3 गलत है क्योंकि मानव गतिविधियों, जीवाश्म ईंधनों के अत्यधिक दहन और अंधाधुंध वनों की कटाई के कारण कार्बन चक्र का प्राकृतिक संतुलन गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है, जिससे ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। अतः केवल कथन 1 और 2 सही हैं।
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उत्तर प्रदेश के 'प्रशासनिक ढांचे, पंचायती राज व्यवस्था और विधानमंडल' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश द्विसदनात्मक विधायिका वाला राज्य है, जिसमें विधानसभा के सदस्यों की कुल संख्या 403 और विधानपरिषद (Legislative Council) के सदस्यों की कुल संख्या 100 है, जो देश के किसी भी राज्य में विधानपरिषद की सबसे अधिक संख्या है।
2. उत्तर प्रदेश में पंचायती राज अधिनियम को वर्ष 1947 में पारित किया गया था, तथा राज्य में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था (ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत) को औपचारिक रूप से वर्ष 1961-62 में लागू किया गया था।
3. उत्तर प्रदेश के लोकायुक्त अधिनियम के तहत लोकायुक्त का कार्यकाल वर्तमान में 5 वर्ष निर्धारित किया गया है, तथा उत्तर प्रदेश के प्रथम लोकायुक्त विशंभर दयाल थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'पर्यावरण अध्ययन' (EVS) के अंतर्गत 'वैश्विक पर्यावरणीय मुद्दे और संधियाँ' के संदर्भ में, वर्ष 1987 में हस्ताक्षरित 'मॉन्ट्रो प्रोटोकॉल' (Montreal Protocol) और वर्ष 2016 में हुए इसके 'किगाली संशोधन' (Kigali Amendment) के वैधानिक, वैज्ञानिक तथा पारिस्थितिकीय प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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प्राथमिक स्तर पर बाल विकास और अधिगम की प्रक्रियाओं का अध्ययन करते समय, 'कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत' (Kohlberg's Theory of Moral Development) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, पारंपरिक नैतिकता का स्तर (Conventional Level) लगभग 10 से 13 वर्ष की आयु के बच्चों में पाया जाता है, जिसमें बालक सामाजिक नियमों, न्याय और दूसरों की स्वीकृतियों (गुड बॉय/नाइस गर्ल अभिविन्यास) के अनुसार नैतिक निर्णय लेता है।
2. उत्तर-पारंपरिक नैतिकता के स्तर (Post-conventional Level) में व्यक्ति सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अंतरात्मा के सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांतों (Universal Ethical Principles) के आधार पर कार्य करता है, जो कि कानून से ऊपर हो सकते हैं।
3. कोहलबर्ग ने अपने इस सिद्धांत को प्रतिपादित करने के लिए विभिन्न आयु वर्ग के बालकों और बालिकाओं पर नैदानिक साक्षात्कारों (Clinical Interviews) का प्रयोग किया था, जिसमें उन्होंने 'हाइन्ज दुविधा' (Heinz Dilemma) जैसी नैतिक कहानियों का उपयोग करके उनके तर्कों का विश्लेषण किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'भाषा अर्जन और संज्ञानात्मक विकास के बीच अंतर्संबंधों' के संदर्भ में, नोम चोमस्की (Noom Chomsky) द्वारा प्रतिपादित 'भाषा अर्जन यंत्र' (Language Acquisition Device - LAD) और 'सार्वभौमिक व्याकरण' (Universal Grammar) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'ब्रोका क्षेत्र' (Broca's Area) और 'वेर्निके क्षेत्र' (Wernicke's Area) की आनुवंशिक रूप से निर्धारित वाक्य-संरचनात्मक सक्रियण प्रक्रिया, तथा बेंजामिन ली व्होर्फ़ (Benjamin Lee Whorf) और एडवर्ड सेपिर (Edward Sapir) द्वारा प्रतिपादित 'भाषिक सापेक्षता परिकल्पना' (Linguistic Relativity Hypothesis / Sapir-Whorf Hypothesis) के अंतर्गत 'भाषा विचारों को निर्धारित करती है' के सशक्त संस्करण के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, बहुभाषी वातावरण (Multilingual Classroom) के प्रबंधन और विद्यार्थियों में स्वदेशी भाषा संप्रेषण एवं संज्ञानात्मक लचीलेपन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं जलवायुगत संदर्भ में, 'दक्षिणी पठारी क्षेत्र' की प्रमुख मृदाओं और उनकी विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' (Mar) और 'काबर' (Kabar) मृदाएँ मुख्य रूप से चिकनी (Clayey) प्रकृति की होती हैं, जिनमें जल धारण करने की क्षमता अत्यधिक तीव्र होती है और सूखने पर इनमें गहरी दरारें पड़ जाती हैं।
2. 'परवा' (Parwa) मृदा हल्के लाल और भूरे रंग की बलुई-दोमट प्रकार की मिट्टी होती है, जो इस पठारी क्षेत्र के कम उपजाऊ ढलानों और ऊपरी हिस्सों में पाई जाती है, जहाँ सिंचाई के लिए नलकूपों और तालाबों की अधिक आवश्यकता होती है।
3. 'मांड' या 'माड़' मृदा मुख्य रूप से काली मिट्टी से मिलती-जुलती होती है, जो उत्तर प्रदेश के दक्षिणी पठारी जिलों (जैसे- हमीरपुर, जालौन, बांदा और ललितपुर) में प्रचुर मात्रा में पाई जाती है और इसमें रबी तथा खरीफ दोनों फसलों की बंपर पैदावार होती है बिना किसी उर्वरक के।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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