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उत्तर प्रदेश के 'प्रशासनिक ढांचे, पंचायती राज व्यवस्था और विधानमंडल' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश द्विसदनात्मक विधायिका वाला राज्य है, जिसमें विधानसभा के सदस्यों की कुल संख्या 403 और विधानपरिषद (Legislative Council) के सदस्यों की कुल संख्या 100 है, जो देश के किसी भी राज्य में विधानपरिषद की सबसे अधिक संख्या है। 2. उत्तर प्रदेश में पंचायती राज अधिनियम को वर्ष 1947 में पारित किया गया था, तथा राज्य में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था (ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत) को औपचारिक रूप से वर्ष 1961-62 में लागू किया गया था। 3. उत्तर प्रदेश के लोकायुक्त अधिनियम के तहत लोकायुक्त का कार्यकाल वर्तमान में 5 वर्ष निर्धारित किया गया है, तथा उत्तर प्रदेश के प्रथम लोकायुक्त विशंभर दयाल थे। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: उत्तर प्रदेश में एक द्विसदनात्मक विधायिका है। यहाँ विधानसभा की 403 निर्वाचित सीटें और विधानपरिषद की 100 सीटें हैं, जो भारत के किसी भी राज्य में सबसे अधिक हैं। कथन 2 सही है: उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम 1947 में पारित हुआ था और राज्य में त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था 1961-62 से प्रभावी हुई। कथन 3 सही है: उत्तर प्रदेश के प्रथम लोकायुक्त न्यायमूर्ति विशंभर दयाल थे, और उत्तर प्रदेश लोकायुक्त संशोधन अधिनियम के तहत इनका कार्यकाल 8 वर्ष से घटाकर अब 5 वर्ष कर दिया गया है। अतः तीनों कथन सही हैं।
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