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उत्तर प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण, पक्षी विहारों और जैव विविधता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'नवाबगंज पक्षी विहार' (जिसका नाम अब बदलकर चंद्रशेखर आजाद पक्षी विहार कर दिया गया है) उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में स्थित राज्य का सबसे पहला पक्षी विहार है, जिसकी स्थापना वर्ष 1984 में की गई थी।
  2. 2. 'बखिरा पक्षी विहार' संतकबीरनगर जिले में स्थित एक प्राकृतिक झील पर बना पक्षी विहार है, जिसे हाल ही में रामसर आद्रभूमि (Ramsar Wetland) सूची में शामिल किया गया है, और यह प्रवासी पक्षियों के लिए एक प्रमुख आश्रय स्थल है।
  3. 3. 'हस्तिनापुर वन्यजीव विहार' उत्तर प्रदेश का क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा वन्यजीव विहार है, जो मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा और गाजियाबाद जैसे कई जिलों में फैला हुआ है।
  4. 4. 'सुहागीबरवा वन्यजीव विहार' महाराजगंज जिले में स्थित है, जो मुख्य रूप से एशियाई शेरों (Asiatic Lions) के संरक्षण के लिए स्थापित किया गया एकमात्र वन्यजीव अभ्यारण्य है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि उन्नाव जिले में स्थित 'नवाबगंज पक्षी विहार' (चंद्रशेखर आजाद पक्षी विहार) उत्तर प्रदेश का सबसे पहला (सबसे पुराना) पक्षी विहार है, जिसकी स्थापना 1984 में हुई थी। कथन 2 सही है क्योंकि बखिरा पक्षी विहार संतकबीरनगर में स्थित है और इसे रामसर साइट का दर्जा प्राप्त है। कथन 3 सही है क्योंकि हस्तिनापुर वन्यजीव विहार (स्थापित 1986) क्षेत्रफल की दृष्टि से उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा वन्यजीव विहार है जो गंगा नदी के किनारे कई जिलों में फैला है। कथन 4 गलत है क्योंकि सुहागीबरवा वन्यजीव विहार महाराजगंज में स्थित है, लेकिन यह एशियाई शेरों के लिए नहीं बल्कि बाघों, तेंदुओं और अन्य वन्यजीवों के लिए जाना जाता है (एशियाई शेरों का एकमात्र प्राकृतिक आवास गुजरात का गिर राष्ट्रीय उद्यान है)। अतः सही विकल्प (a) है।
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