त्वरित लिंक्स
UPTET
1 views
भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची के अंतर्गत दी गई सूचियों (संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची) और उत्तर प्रदेश के विशेष संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान की सातवीं अनुसूची की 'समवर्ती सूची' (Concurrent List) के अंतर्गत आने वाले विषयों (जैसे शिक्षा, वन, आर्थिक और सामाजिक योजनाएँ) पर केंद्र और राज्य दोनों कानून बना सकते हैं, परंतु यदि दोनों के कानूनों में टकराव हो, तो संसद द्वारा बनाया गया कानून ही मान्य होता है, सिવાય इसके कि राज्य के कानून को संविधान के अनुच्छेद 254(2) के तहत राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति प्राप्त हो। 2. उत्तर प्रदेश में पंचायती राज व्यवस्था और स्थानीय स्वशासन का विषय संविधान की 'राज्य सूची' (List II) के अंतर्गत आता है, जिसके कारण उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत अधिनियम, 1961 (संशोधित) के तहत राज्य सरकार को इन निकायों के गठन और नियंत्रण का पूर्ण अधिकार प्राप्त है। 3. उत्तर प्रदेश राज्य द्वारा संचालित 'राज्य मानवाधिकार आयोग' का गठन मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 21 के तहत किया गया है, जो कि केवल 'राज्य सूची' और 'समवर्ती सूची' में प्रगणित विषयों से संबंधित मानवाधिकारों के उल्लंघनों की ही जाँच कर सकता है, संघ सूची के विषयों पर इसे कोई अधिकार क्षेत्र प्राप्त नहीं है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 246 और सातवीं अनुसूची के तहत समवर्ती सूची के विषयों पर संसद और राज्य विधानमंडल दोनों कानून बना सकते हैं। अनुच्छेद 254 के अनुसार यदि समवर्ती सूची के किसी विषय पर राज्य का कानून केंद्रीय कानून के प्रतिकूल है, तो केंद्रीय कानून प्रभावी होगा, लेकिन यदि राज्य के कानून को राष्ट्रपति की अनुमति मिल जाए, तो वह राज्य में प्रभावी रह सकता है। कथन 2 सही है: स्थानीय शासन (पंचायती राज और नगर पालिकाएँ) संविधान की सातवीं अनुसूची की 'राज्य सूची' की प्रविष्टि 5 के अंतर्गत आता है, और उत्तर प्रदेश सरकार को इस पर कानून बनाने का अधिकार है। कथन 3 सही है: मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 21 के अंतर्गत राज्यों को अपने राज्य मानवाधिकार आयोग के गठन की शक्ति है। यह आयोग संविधान की सातवीं अनुसूची की सूची II (राज्य सूची) तथा सूची III (समवर्ती सूची) में उल्लिखित विषयों से संबंधित मामलों की ही जाँच कर सकता है (संघ सूची के विषयों पर जाँच का अधिकार राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के पास होता है)। अतः तीनों कथन पूर्णतः सही हैं।
Related Questions
→
उत्तर प्रदेश के भौगोलिक विस्तार, अक्षांश-देशांतर स्थिति और सीमावर्ती जिलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश राज्य का अक्षांश विस्तार 23°52' उत्तरी अक्षांश से 30°24' उत्तरी अक्षांश तक तथा देशांतर विस्तार 77°05' पूर्वी देशांतर से 84°38' पूर्वी देशांतर के मध्य है।
2. उत्तर प्रदेश का सबसे पूर्वी जिला 'बलिया' है, जो बिहार राज्य के साथ अपनी सीमा साझा करता है, जबकि सबसे पश्चिमी जिला 'शामली' है जो हरियाणा राज्य को स्पर्श करता है।
3. उत्तर प्रदेश के साथ सबसे कम सीमा रेखा साझा करने वाला राज्य 'झारखंड' है (जो केवल सोनभद्र जिले को स्पर्श करता है), जबकि सर्वाधिक जिलों (7 जिलों) को स्पर्श करने वाला एकमात्र जिला 'लखीमपुर खीरी' है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) की विभिन्न अवस्थाओं और उनकी प्रमुख विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage - लगभग 2 से 7 वर्ष) के दौरान बच्चों में 'संरक्षण' (Conservation) का गुण पूरी तरह विकसित हो जाता है, जिसके कारण वे यह समझ पाते हैं कि किसी वस्तु के आकार या रूप में परिवर्तन होने पर भी उसका द्रव्यमान, आयतन या मात्रा अपरिवर्तित रहती है।
2. 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage - लगभग 7 से 11 वर्ष) में बच्चे वस्तुओं को किसी एक विशिष्ट गुण के आधार पर क्रमबद्ध करने (Seriation) और उनका वर्गीकरण (Classification) करने की क्षमता प्राप्त कर लेते हैं, तथा वे अमूर्त तार्किक चिंतन भी इसी अवस्था में पूरी तरह करने लगते हैं।
3. 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage - 11 वर्ष से आगे) में किशोरों के भीतर परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क (Hypothetical-Deductive Reasoning) और अमूर्त चिंतन (Abstract Thinking) की योग्यता विकसित हो जाती है, जिससे वे बिना किसी वास्तविक या मूर्त सामग्री की उपस्थिति के भी मानसिक रूप से समस्याओं के समाधान की कल्पना कर सकते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
→
उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप और प्रशासनिक संरचना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 2,40,928 वर्ग किलोमीटर है, जो भारत के कुल क्षेत्रफल का लगभग 7.33 प्रतिशत है और क्षेत्रफल की दृष्टि से यह देश का चौथा सबसे बड़ा राज्य है।
2. उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था के अंतर्गत राज्य में कुल 18 मंडल (Divisions) और 75 जिले हैं, तथा इसमें नवीनतम गठित मंडल 'अलीगढ़' है जिसकी स्थापना वर्ष 2008 में की गई थी।
3. उत्तर प्रदेश की अंतरराष्ट्रीय सीमा केवल एक देश 'नेपाल' के साथ लगभग 579 किलोमीटर की लंबाई तक साझा होती है, जो राज्य के महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी और पीलीभीत जिलों को स्पर्श करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के बहुआयामी सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के संदर्भ में, अमेरिकी मनोवैज्ञानिक हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) द्वारा 1983 में प्रतिपादित इस सिद्धांत के अंतर्गत 'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalistic Intelligence) और 'अस्तित्ववादी बुद्धि' (Existentialist Intelligence) के वैज्ञानिक स्वरूप एवं उनकी विशिष्ट विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बाल विकास में वंशानुक्रम और वातावरण की अंतःक्रिया' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, फ्रांसिस गाल्टन तथा ऐनी एनास्टसी द्वारा विश्लेषित 'वंशानुक्रम और पर्यावरण के सापेक्ष योगदान' के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'एपिजेनेटिक मॉडिफिकेशन पाथवे' (Epigenetic Modification Pathways - DNA Methylation and Histone Acetylation), 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), और 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) के बीच जीन-पर्यावरण अंतःक्रिया (Gene-Environment Interaction - GxE), न्यूरोप्लास्टिसिटी (Neuroplasticity), और वातावरणीय समृद्धीकरण (Environmental Enrichment) की सक्रियण गतिकी, तथा यूरी ब्रॉन्फ्रेब्रेनर के 'पारिस्थितिकीय प्रणालियों के सिद्धांत' (Ecological Systems Theory) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-एपिजेनेटिक ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Epigenetic Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में अनुकूलन क्षमता, लचीले बौद्धिक विकास व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.