जीन पियाजे
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बच्चों के भाषा विकास और संज्ञानात्मक विकास के संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) और लेव वायगोत्स्की (Lev Vygotsky) के विचारों के बीच निम्नलिखित में से कौन सा मूलभूत अंतर सबसे अधिक सटीक रूप से रेखांकित करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे और लेव वायगोत्स्की दोनों ने बच्चों के संज्ञानात्मक विकास पर कार्य किया, परंतु भाषा और विचार के संबंध में उनके दृष्टिकोण बिल्कुल विपरीत थे। पियाजे के अनुसार, बच्चे पहले अपने पर्यावरण के साथ क्रिया करके ज्ञान का निर्माण करते हैं (संज्ञानात्मक विकास पहले आता है) और भाषा उसी संज्ञानात्मक विकास का एक परिणाम है। इसके विपरीत, वायगोत्स्की का मानना था कि सामाजिक अंतःक्रिया (Social Interaction) संज्ञानात्मक विकास का मुख्य चालक है और भाषा सबसे महत्वपूर्ण सांस्कृतिक उपकरण है जो पहले सामाजिक भाषण (Social Speech) के रूप में, फिर निजी भाषण (Private Speech) के रूप में और अंततः आंतरिक विचार (Inner Speech) के रूप में विकसित होती है। अतः विकल्प (a) सही अंतर को दर्शाता है।
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जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में…
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प्राथमिक स्तर पर बाल विकास और शिक्षण अधिगम प्रक्रिया के…
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'भाषा और विचार (Language and Thought)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) और जीन पियाजे (Jean Piaget) के भाषा विकास के सिद्धांतों के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'ब्रोका क्षेत्र' (Broca's Area), 'वर्निक क्षेत्र' (Wernicke's Area), और 'आर्कुएट फेसिकुलस' (Arcuate Fasciculus) के बीच ध्वन्यात्मक कोडिंग, सिमेंटिक प्रोसेसिंग, और कार्यकारी नियंत्रण नेटवर्क (Executive Control Network) की सक्रियण गतिकी, तथा नोआम चॉमस्की (Noam Chomsky) के 'भाषा अधिग्रहण यंत्र' (LAD - Language Acquisition Device) और 'सार्वभौमिक व्याकरण' (Universal Grammar) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-लिंग्विस्टिक ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Linguistic Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में आंतरिक वाक् (Inner Speech), सामाजिक संचार कौशल व समग्र संज्ञानात्मक-भाषा संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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'भाषा विकास और विचार' के संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) और लेव वायगोत्स्की (Lev Vygotsky) के सिद्धांतों के तुलनात्मक अध्ययन के अंतर्गत, पियाजे द्वारा प्रतिपादित 'अहम केंद्रित भाषण' (Egocentric Speech) तथा वायगोत्स्की द्वारा प्रतिपादित 'आंतरिक भाषण' (Inner Speech) और 'सामाजिक भाषण' (Social Speech) के मनोवैज्ञानिक स्वरूप तथा उनके विकासात्मक क्रम के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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बच्चों के भाषा विकास और संज्ञानात्मक विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के अनुसार भाषा केवल विचारों को व्यक्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह संज्ञानात्मक विकास को आकार देने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण सांस्कृतिक उपकरण है।
2. नोम चोमस्की (Noam Chomsky) के 'भाषा अर्जन उपकरण' (Language Acquisition Device - LAD) सिद्धांत के अनुसार, बच्चों में भाषा सीखने की जन्मजात क्षमता होती है और व्याकरण के सार्वभौमिक नियम उनके अंतर्जात होते हैं।
3. जीन पियाजे (Jean Piaget) के अनुसार भाषा का विकास बच्चे के अहंकेंद्रित वाक् (Egocentric Speech) से शुरू होता है और धीरे-धीरे सामाजिक वाक् में परिवर्तित होता है, जो वाइगोत्स्की के इस विचार से पूरी तरह मेल खाता है कि निजी वाक् (Private Speech) पूरी तरह से सामाजिक अंतःक्रिया का परिणाम है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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बच्चों के भाषा विकास और संज्ञानात्मक विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जीन पियाजे (Jean Piaget) के अनुसार भाषा का विकास मुख्य रूप से संज्ञानात्मक विकास का उपोत्पाद (By-product) है, और बच्चों में देखा जाने वाला 'अहंकेन्द्रित वाक्' (Egocentric Speech) उनकी संज्ञानात्मक अपरिपक्वता को दर्शाता है जो दूसरों के दृष्टिकोण को समझने में असमर्थता का प्रतीक है।
2. लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के अनुसार भाषा और विचार शुरुआती जीवन में दो स्वतंत्र और अलग स्रोत से उत्पन्न होते हैं, लेकिन लगभग दो वर्ष की आयु के बाद वे आपस में मिलकर 'मौखिक सोच' (Verbal Thought) का निर्माण करते हैं, और उनका 'व्यक्तिगत वाक्' (Private Speech) बच्चों को स्व-विनियमन (Self-regulation) में मदद करता है।
3. नोम चोमस्की (Noam Chomsky) के 'भाषा अर्जन उपकरण' (Language Acquisition Device - LAD) सिद्धांत के अनुसार, बच्चों में भाषा सीखने की क्षमता एक सामाजिक अनुबंधन का परिणाम है, न कि कोई जन्मजात या जैविक विशेषता।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, जब एक बच्चा नई जानकारी को अपने पूर्ववर्ती स्कीमा (Schema) में फिट करने के लिए उसमें संशोधन करता है या एक नया स्कीमा निर्मित करता है, तो इस संज्ञानात्मक प्रक्रिया को क्या कहा जाता है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की निम्नलिखित विशेषताओं पर विचार कीजिए:
1. इस अवस्था में बालकों का चिंतन केवल मूर्त या प्रत्यक्ष रूप से सामने मौजूद वस्तुओं तक सीमित न रहकर अमूर्त (Abstract) हो जाता है।
2. किशोरों के भीतर 'परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-deductive reasoning) की क्षमता विकसित हो जाती है, जिससे वे किसी समस्या के समाधान के लिए विभिन्न संभावित विकल्पों या परिकल्पनाओं का तार्किक रूप से परीक्षण कर सकते हैं।
3. यह अवस्था जन्म से लेकर लगभग 2 वर्ष की आयु तक चलती है, जिसमें बालक इंद्रियों और गत्यात्मक क्रियाओं के माध्यम से संसार को समझता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की निम्नलिखित में से कौन सी सबसे प्रमुख और विशिष्ट विशेषता है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषता 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) की सबसे सटीक पहचान करती है?
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