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बुद्धि की संरचना (Structure of Intellect - SOI) के सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बुद्धि के त्रि-आयामी (Structure of Intellect) मॉडल का प्रतिपादन जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा किया गया था, जिन्होंने मानसिक क्षमताओं को तीन स्वतंत्र आयामों - विषय-वस्तु (Contents), संक्रियाएँ (Operations), और उत्पाद (Products) में वर्गीकृत किया है। 2. गिलफोर्ड के प्रारंभिक मॉडल के अनुसार, बुद्धि कुल 4×5×6 = 120 स्वतंत्र बौद्धिक कारकों (Factors) से मिलकर बनी थी, जिसे बाद में संशोधित करके कुल 150 और अंततः 180 कारकों तक विस्तारित किया गया। 3. इस सिद्धांत के अंतर्गत 'विषय-वस्तु' (Contents) आयाम के भीतर सांकेतिक (Symbolic), प्रतीकात्मक, व्यवहारपरक (Behavioral) और आकृतिक (Figural) जैसी मानसिक सामग्रियां शामिल होती हैं, जिन पर मस्तिष्क की संक्रियाएँ कार्य करती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

बुद्धि की संरचना (Structure of Intellect - SOI) का सिद्धांत अमेरिकी मनोवैज्ञानिक जे.पी. गिलफोर्ड और उनके सहयोगियों द्वारा प्रतिपादित किया गया था। इस सिद्धांत के अनुसार मानव बुद्धि तीन विमाओं या आयामों (Dimensions) का एक त्रि-आयामी प्रतिमान है: 1. संक्रियाएँ (Operations - जैसे मूल्यांकन, अभिसारी चिंतन, अपसारी चिंतन, स्मृति और संज्ञान), 2. विषय-वस्तु (Contents - जैसे आकृतिक, सांकेतिक, शाब्दिक और व्यवहारपरक), तथा 3. उत्पाद (Products - जैसे इकाइयाँ, वर्ग, संबंध, पद्धतियाँ, रूपांतरण और निहितार्थ)। गिलफोर्ड ने अपने मॉडल में शुरू में 4 (विषय-वस्तु) × 5 (संक्रियाएँ) × 6 (उत्पाद) = 120 कारक बताए, जिसे बाद में बढ़ाकर 150 और फिर 180 बौद्धिक कारक कर दिया गया। अतः दिए गए तीनों कथन पूर्ण रूप से सत्य हैं।
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